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रोल्स-रॉयस ने बनाया नया हाइड्रोजन इंजन, अब हवाई जहाज में नहीं इस्तेमाल होगा पारंपरिक फ्यूल

aajtak.in
  • लंदन,
  • 30 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 5:01 PM IST
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रोल्स-रॉयस और ईज़ी जेट कंपनी ने पहली बार ऐसा एयरक्राफ्ट इंजन बनाया है, जो हाइड्रोजन फ्यूल पर चलेगा. यानी यह दुनिया का पहला हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाला एयरक्राफ्ट इंजन है. इसका सफल परीक्षण स्कॉटलैंड के ओर्कनी आइलैंड के बोसकोम्ब डाउन की सरकारी टेस्ट फैसिलिटी में किया गया. (फोटोः स्टीव स्मिथ/रोल्स रॉयस)

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रोल्स-रॉयस ने इस काम के लिए AE 2100-A टर्बोप्रोप इंजन का इस्तेमाल किया. जिसे उन्होंने हाइड्रोजन फ्यूल तकनीक के अनुसार बदला था. आमतौर पर यह इंजन नागरिक और मिलिट्री जेट्स में इस्तेमाल किया जाता है. हाइड्रोजन फ्यूल की मदद से एविएशन कंपनियां कार्बन उत्सर्जन कम करेंगी. (फोटोः स्टीव स्मिथ/रोल्स रॉयस)

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संयुक्त राष्ट्र ने साल 2050 तक कार्बन उत्सर्जन को जीरो करने का लक्ष्य रखा है. उस मुहिम में इन दोनों कंपनियों ने 'द रेस टू जीरो' के तहत यह इंजन बनाया है. ताकि पेट्रोलियम आधारित फ्यूल के बजाय ग्रीन फ्यूल यानी हाइड्रोजन को ईंधन के तौर पर इस्तेमाल किया जाए. (फोटोः स्टीव स्मिथ/रोल्स रॉयस)

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उड़ान सेवाओं को कार्बन उत्सर्जन मुक्त करना आसान नहीं है. क्योंकि इलेक्ट्रिक या हाइड्रोजन पावर्ड एयरक्राफ्ट को आने में समय लगेगा. ये ज्यादा लंबी दूरी तक उड़ान भर सकें, इसके लिए सही ग्रीन ईंधन, तकनीक और उससे संचालित होने वाला ताकतवर इंजन होना चाहिए. खैर रोल्स-रॉयस और ईज़ी जेट ने अपने इंजन का परीक्षण तो कर लिया है. (फोटोः स्टीव स्मिथ/रोल्स रॉयस)

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भविष्य में एयरबस कंपनी भी अपने सुपरजंबो A380 के लिए हाइड्रोजन पावर्ड जेट इंजन की टेस्टिंग करने वाला है. कंपनी का प्लान है कि वो 2035 तक अपने विमानों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को जीरों कर देगा. (फोटोः स्टीव स्मिथ/रोल्स रॉयस)

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दूसरी तरफ टूलाउस स्थित एक समूह जो सीएफएम इंटरनेशनल के साथ काम कर रहा है. उसने ऐसे ही हाइड्रोजन फ्यूल पावर्ड इंजन को बनाने के लिए फ्रांस के साफ्रान और अमेरिका के जनरल इलेक्ट्रिक से समझौता किया है. लेकिन इन सबसे पहले रोल्स-रॉयस ने बाजी मार ली. उसने सफल परीक्षण भी कर डाला. (फोटोः स्टीव स्मिथ/रोल्स रॉयस)

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अब ये दोनों कंपनियां इस इंजन के अगले परीक्षण की तरफ जा रहे हैं. इसके बाद रोल्स रॉयस अपने पर्ल 15 बिजनेस इंजनों का ट्रायल करेगा, जो इसी तरह के इंजन हैं. बस इस हाइड्रोजन इंजन की सफलता अब इसके सभी परीक्षणों पर निर्भर करती है. रोल्स-रॉयस कंपनी ने कहा कि हम साफ-सुथरे भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं. (फोटोः स्टीव स्मिथ/रोल्स रॉयस)

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