ब्राजील के समुद्र में हम्पबैक व्हेल्स की संख्या बढ़कर करीब 35 हजार हो गई है. कुछ दशक पहले शिकार की वजह से इनकी संख्या बहुत कम हो गई थी. तब इनके खत्म होने का खतरा बढ़ गया था. अब ब्राजील का अब्रोल्होस आर्किपेलागो इन व्हेल्स के लिए दुनिया की बड़ी ब्रीडिंग जगहों में शामिल है. Photo: AFP
हर साल सैकड़ों व्हेल्स यहां आती हैं. मादा व्हेल्स यहां बच्चे पैदा करती हैं और उन्हें दूध पिलाती हैं. 40 साल पहले ब्राजील के समुद्र में व्हेल्स के होने की जानकारी बहुत कम थी. हम्पबैक व्हेल इंस्टीट्यूट के संस्थापक एनरिको मार्कोवाल्डी ने बताया कि पहली बार व्हेल देखने पर उन्हें वह चट्टान जैसी लगी थी. Photo: AFP
हम्पबैक व्हेल्स का लंबे समय तक शिकार किया जाता था. शिकार की वजह से साउथ अटलांटिक में इनकी संख्या बहुत कम हो गई थी. 1980 के दशक तक ये व्हेल्स लगभग खत्म होने की हालत में पहुंच गई थीं. 1986 में दुनिया भर में कमर्शियल व्हेलिंग पर रोक लगाने के लिए मोरेटोरियम लगाया गया. इसके बाद व्हेल्स की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी. ब्राजील ने भी 1987 में व्हेल हंटिंग पर कानून बनाकर रोक लगा दी. Photo: AFP
इसके बाद ब्राजील ने अब्रोल्होस के उस समुद्री इलाके को प्रोटेक्टेड एरिया बना दिया, जहां व्हेल्स बच्चे पैदा करने आती हैं. यहां का गर्म पानी इनके लिए ब्रीडिंग के लिहाज से सही माना जाता है. ब्रीडिंग के समय नर व्हेल्स मादा का ध्यान खींचने के लिए आपस में कॉम्पिटिशन करते हैं. वे पानी पर अपनी पूंछ मारते हैं और दूसरी नर व्हेल्स को पीछे करने की कोशिश करते हैं. मादा व्हेल्स अपने बच्चों को दूध पिलाती हैं. Photo: AFP
साउथ अटलांटिक में अब करीब 35 हजार हम्पबैक व्हेल्स हैं. यह दुनिया में मौजूद हम्पबैक व्हेल्स की कुल संख्या का करीब आधा हिस्सा है. ब्राजील का समुद्र इनके लिए सबसे अहम इलाकों में से एक है. ब्राजील ने 2014 में हम्पबैक व्हेल को थ्रेटेंड स्पीशीज की लिस्ट से हटा दिया था. इसके बाद भी इनकी संख्या बढ़ती रही. साइंटिस्ट हर साल यहां आने वाली व्हेल्स को देखते हैं और उनके बारे में जानकारी जुटाते हैं. Photo: AFP
हम्पबैक व्हेल्स की बढ़ती संख्या बताती है कि शिकार पर रोक और सुरक्षित जगह मिलने से इनकी संख्या फिर बढ़ सकती है. ब्राजील में इन व्हेल्स की वापसी को मरीन कंजर्वेशन के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. Photo: AFP