Broom Vastu: सनातन धर्म और वास्तु शास्त्र में झाड़ू को केवल धूल साफ करने वाली वस्तु नहीं, बल्कि धन की देवी महालक्ष्मी का प्रतीक माना गया है. हम अक्सर घर की सफाई करते समय झाड़ू को कहीं भी रख देते हैं या टूटी हुई झाड़ू का उपयोग करते रहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही छोटी-सी गलती आपके घर में आर्थिक तंगी का मुख्य कारण बन सकती है? झाड़ू का सही रखरखाव घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाता है, जबकि इसका अपमान कंगाली को न्योता देता है.
झाड़ू बदलने के खास नियम और संकेत
वास्तु शास्त्र के अनुसार, झाड़ू को कभी भी किसी भी दिन नहीं बदलना चाहिए. इसके लिए कुछ विशेष तिथियों और समय का चुनाव करना चाहिए ताकि मां लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहे.
शनिवार का दिन सर्वश्रेष्ठ: झाड़ू बदलने के लिए शनिवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है. शनिवार को नई झाड़ू लाने से घर की नकारात्मकता और दरिद्रता का नाश होता है.
अमावस्या या शुभ मुहूर्त: अमावस्या के दिन नई झाड़ू लाना बहुत फलदायी माना जाता है. इसके अलावा, किसी भी शुक्ल पक्ष की एकादशी या शुभ नक्षत्र में झाड़ू खरीदना घर में बरकत लाता है.
कब बदलें पुरानी झाड़ू: यदि झाड़ू के बाल झड़ने लगें, उसका हैंडल टूट जाए या वह बहुत ज्यादा घिस चुकी हो, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए. टूटी हुई झाड़ू घर में आर्थिक बाधाएं पैदा करती है.
रखरखाव के अचूक उपाय:
छिपाकर रखें: झाड़ू को कभी भी घर के मुख्य द्वार के सामने नहीं रखना चाहिए. इसे हमेशा ऐसी जगह रखें जहाँ बाहरी लोगों की नजर न पड़े. इसे हमेशा लेटाकर रखना चाहिए, खड़ा करके रखना वास्तु में दोष माना जाता है.
शाम को झाड़ू न लगाएं: सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू लगाना वर्जित है. माना जाता है कि ऐसा करने से लक्ष्मी जी घर से बाहर चली जाती हैं और घर में धन की कमी होने लगती है.
दिशा का रखें ध्यान: वास्तु के अनुसार, झाड़ू को हमेशा दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा (नैऋत्य कोण) में रखना चाहिए. इससे घर का वास्तु दोष दूर होता है.
पुरानी झाड़ू का क्या करें: जब आप नई झाड़ू लाएं, तो पुरानी झाड़ू को शनिवार या अमावस्या के दिन ही घर से बाहर करें. इसे किसी सुनसान जगह या किसी पेड़ के नीचे डाल दें, लेकिन भूलकर भी इसे न जलाएं.
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