Kitchen Vastu Tips: क्या आपके आटे की लोई बनती है टेढ़ी-मेढ़ी? जान लें इसके वास्तु नियम

Kitchen Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार, आटे की लोई का आकार घर की ऊर्जा और मन की स्थिति को दर्शाता है. तो आइए जानते हैं गोल और टेढ़ी-मेढ़ी लोई का वास्तु शास्त्र में क्या अर्थ है.

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किचन वास्तु नियम (Photo: ITG) किचन वास्तु नियम (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:08 AM IST

Kitchen Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में रसोई घर के हर छोटे-छोटे काम को ऊर्जा और सकारात्मकता से जोड़कर देखा गया है. आटा गूंथने से लेकर तवे पर रोटी सेकने तक की प्रक्रिया घर के सदस्यों की मानसिक स्थिति और भाग्य को प्रभावित करती है. ऐसे में आटे की लोई बहुत ही विशेष कहलाती है. आटे की लोई का एकदम गोल बनना या उसका टेढ़ा-मेढ़ा बनना भी वास्तु के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण संकेत देता है.

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आटे की लोई का एकदम गोल और चिकना बनना 

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, जब भी आप लोई बनाती हैं और वह बिना किसी दरार के एकदम गोल, चिकनी और सुंदर बनती है, तो इसके शुभ संकेत होते हैं.

चंद्रमा और बुध की शुभता 
ज्योतिष में गोल, सुडौल और सुंदर आकृति का संबंध चंद्रमा और बुध से माना जाता है.

एकाग्रता और शांत मन का प्रतीक 
वास्तु के अनुसार, एकदम गोल लोई इस बात का प्रमाण है कि भोजन बनाने वाले का मन उस समय शांत, खुश और केंद्रित है. शांत मन से बनाया गया भोजन अमृत के समान होता है, जिससे परिवार के सदस्यों की सेहत अच्छी रहती है.

घर में सुख-समृद्धि का आगमन 
गोल लोई से बनने वाली रोटियां भी सुंदर और फूली हुई बनती हैं. माना जाता है कि ऐसी रोटियां मां अन्नपूर्णा को प्रसन्न करती हैं, जिससे घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

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आटे की लोई का टेढ़ा-मेढ़ा या फटा हुआ बनना

लाख कोशिश के बाद भी यदि आटे की लोई गोल नहीं बन रही है, उसमें बार-बार दरारें आ रही हैं या वह अजीब और टेढ़े-मेढ़े आकार की बन रही है, तो वास्तु शास्त्र में इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए.

मानसिक तनाव और अशांति का संकेत- वास्तु के अनुसार, हाथों से बनने वाली आकृतियों पर हमारे अवचेतन मन का सीधा असर होता है. टेढ़ी-मेढ़ी या फटी हुई लोई दर्शाती है कि भोजन बनाने वाले के मन में उस समय गुस्सा, तनाव, चिंता या नकारात्मक विचार चल रहे हैं.

राहु और केतु का प्रभाव- यदि आटे में बार-बार दरारें पड़ रही हैं, तो ज्योतिषीय दृष्टि से इसे राहु या कमजोर शनि के प्रभाव से जोड़कर देखा जाता है. ऐसा आटा या उससे बनी रोटियां घर में बेवजह का आलस्य और चिड़चिड़ापन बढ़ा सकती हैं.

पारिवारिक कलह की आशंका- माना जाता है कि अनमने भाव या तनाव में बनाई गई टेढ़ी-मेढ़ी लोई से जो भोजन तैयार होता है, उसे खाने के बाद परिवार के सदस्यों के बीच वैचारिक मतभेद, कलह या आपसी तालमेल में कमी आने लगती है.

लोई और रोटी बनाते समय रखें ये बातें ध्यान

लोई पर उंगलियों के निशान न छोड़ें 
आटा गूंथने के बाद जब आप पूरे आटे का एक बड़ा पिंड बनाती हैं, तो उस पर अपनी उंगलियों के निशान जरूर बना दें. वास्तु के अनुसार, एकदम प्लेन आटे का गोला पिंड के समान माना जाता है. इसलिए उस पर उंगलियों के निशान बनाना अनिवार्य है, हालांकि रोटी बनाने वाली छोटी लोई को आप गोल और चिकना रख सकती हैं.

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आटे में थोड़ा सा दूध या घी 
यदि आटा गूंथते समय लोई बार-बार फट रही हो, तो पानी के साथ हल्का सा दूध या शुद्ध घी मिलाकर गूंथें. इससे लोई चिकनी और गोल बनेगी, जिससे घर का शुक्र ग्रह मजबूत होता है और वैभव आता है.

मन में रखें अच्छे विचार 
लोई तोड़ते और बेलते समय मन में चिड़चिड़ापन न रखें. हमेशा मां अन्नपूर्णा का ध्यान करते हुए या कोई सकारात्मक मंत्र गुनगुनाते हुए भोजन बनाएं. इससे भोजन का स्वाद और उसकी सकारात्मक ऊर्जा दोनों कई गुना बढ़ जाती है.

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