Vastu Tips: तलाक की नौबत ले आएगा इस दिशा का वास्तु दोष, घर में तुरंत करें ये बदलाव

Vastu Tips: खासतौर पर नॉर्थ-वेस्ट और साउथ-वेस्ट को लेकर विशेष सावधानी रखनी चाहिए. नॉर्थ-वेस्ट में दोष संबंधों में तनाव और मतभेद की स्थिति को बढ़ा देता है. जबकि साउथ-वेस्ट में दोष होने पर परिस्थितियां अधिक गंभीर हो सकती हैं.

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नॉर्थ वेस्ट में रसोई, टॉयलेट, लाल, नारंगी, गुलाबी या हरा रंग वास्तु दोष पैदा करता है. (Photo: ITG) नॉर्थ वेस्ट में रसोई, टॉयलेट, लाल, नारंगी, गुलाबी या हरा रंग वास्तु दोष पैदा करता है. (Photo: ITG)

अंशु पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 20 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:52 PM IST

वैवाहिक जीवन में संबंधों में परेशानी आ रही है और नौबत तलाक तक पहुंच गई है तो घर की साउथ-वेस्ट दिशा को चेक करिए. संबंधों में परेशानी को पैदा करने वाली दिशा नॉर्थ-वेस्ट और इस परेशानी को तलाक तक पहुंचाने वाली दिशा साउथ-वेस्ट का वास्तु दोष है. यदि वैवाहिक जीवन ठीक चल रहा है तो सम्भव है, भाई-भाई या घर के किसी अन्य सदस्य के साथ कोर्ट कचहरी में मामला चल रहा हो.

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किसी दिशा में निर्माण, रंग, ऊंचाई या उपयोग में असंतुलन होने पर उससे संबंधित जीवन के क्षेत्रों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. खासतौर पर नॉर्थ-वेस्ट और साउथ-वेस्ट को लेकर विशेष सावधानी रखनी चाहिए. नॉर्थ-वेस्ट में दोष संबंधों में तनाव और मतभेद की स्थिति को बढ़ा देता है. जबकि साउथ-वेस्ट में दोष होने पर परिस्थितियां अधिक गंभीर हो सकती हैं.

कैसे जानें इन दिशाओं के वास्तु दोष?
साउथ वेस्ट भूमि तत्व की दिशा है. जो जीवन में स्थिरता को दर्शाती है. इस दिशा में वास्तु दोष होना मतलब जीवन में बड़ी उथल पुथल. ऐसा तब होता है जब साउथ वेस्ट में टॉयलेट, रसोई, हरा, काला या नीला रंग किसी भी रूप में हो. साउथ-वेस्ट दिशा को घर का स्थिरता का क्षेत्र माना जाता है. इसलिए इस हिस्से में ऐसी गतिविधियां या निर्माण नहीं होने चाहिए, जो वास्तु के अनुसार इस दिशा के स्वभाव के विपरीत हैं. टॉयलेट और रसोई जैसे निर्माण इस दिशा में होने पर वास्तु दोष की स्थिति बन सकती है. इसी तरह इस क्षेत्र में हरे, काले या नीले रंग का प्रयोग भी वास्तु के लिहाज से उचित नहीं माना जाता है.

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घर के सदस्यों के बीच संबंध खराब करता है नॉर्थ वेस्ट का वास्तु दोष
नॉर्थ वेस्ट में रसोई, टॉयलेट, लाल, नारंगी, गुलाबी या हरा रंग वास्तु दोष पैदा करता है. नॉर्थ-वेस्ट में दोष होने की स्थिति में पति-पत्नी के अलावा परिवार के दूसरे सदस्यों के बीच भी मनमुटाव और मतभेद बढ़ सकते हैं. कई बार विवाद किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता और धीरे-धीरे पूरे परिवार के वातावरण को प्रभावित करने लगता है. इसलिए यदि परिवार में लगातार छोटी-छोटी बातों पर विवाद हो रहे हों तो इस दिशा की भी जांच करनी चाहिए.

कैसे ठीक रखें इन दिशाओं को?
भूमि तत्व की दिशा का फ्लोर हमेशा घर के अन्य हिस्से से कुछ ऊपर उठा हुआ हो तो बहुत अच्छा है. अन्यथा लेबल में होना चाहिए. जबकि नॉर्थ-वेस्ट का क्षेत्र थोड़ा डाउन चल सकता है. परन्तु साउथ-वेस्ट तोड़ा ऊपर उठा होने के साथ घर के अन्य सभी भाग एक ही लेबिल में हो तो अच्छा है. साउथ-वेस्ट में स्थिरता बनाए रखने के लिए इस हिस्से का फर्श नीचे नहीं होना चाहिए. यदि संभव हो तो इसका लेवल घर के अन्य हिस्सों से थोड़ा ऊंचा रखें.

वास्तु में इसे भूमि तत्व की दिशा माना गया है. इसलिए यहां भारीपन और स्थिरता को बनाए रखने पर जोर दिया जाता है. इसके विपरीत नॉर्थ-वेस्ट का क्षेत्र थोड़ा डाउन चल सकता है. दोनों दिशाओं के फर्श के लेवल में संतुलन रखना जरूरी माना जाता है. विशेष रूप से साउथ-वेस्ट का हिस्सा घर के बाकी हिस्सों की तुलना में नीचे नहीं होना चाहिए.

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