Surya Grahan 2026 Timing in India: आज इतने बजे से लग जाएगा साल 2026 का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानें भारत में दिखाई देगा या नहीं

Surya Grahan 2026 Timing in India: आज साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. इस ग्रहण की शुरुआत रात 9 बजकर 4 मिनट पर होगी और समापन अर्धरात्रि 1 बजकर 24 मिनट पर होगा. यह ग्रहण कर्क राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगेगा, लेकिन भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए सूतक काल लागू नहीं होगा.

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भारत में आज सूर्य ग्रहण लगेगा या नहीं, जानें (Photo: ITG) भारत में आज सूर्य ग्रहण लगेगा या नहीं, जानें (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:30 AM IST

Surya Grahan 2026 Timing in India: साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण आज लगने जा रहा है. सूर्य ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, जिसे विज्ञान और ज्योतिष दोनों अपने-अपने नजरिए से देखते हैं. ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, ऊर्जा और नेतृत्व का प्रतीक माना जाता है. इस बार पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जो 12 यानी आज रात और 13 अगस्त की मध्य रात्रि तक लगेगा. सूर्य पर ग्रहण लगने की वजह से इसे ज्योतिष की दृष्टि से भी खास घटना माना जा रहा है. इस बार का ग्रहण कर्क राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगने जा रहा है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस सूर्य ग्रहण का असर भारत पर भी पड़ेगा?

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सूर्य ग्रहण कितने बजे लगेगा? (Surya Grahan 2026 kitne baje lagega)

भारतीय समय के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण आज रात 9 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा. इसका मध्य समय रात 11 बजकर 16 मिनट रहेगा और ग्रहण रात में 1 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होगा. कुल मिलाकर इसकी अवधि 4 घंटे 24 मिनट की होगी.

क्या होता है पूर्ण सूर्य ग्रहण (What is Total Solar Eclipse?)

सूर्य ग्रहण के दौरान एक खास नजारा आज रात करीब 10 बजकर 29 मिनट देखने को मिलेगा. इसी वक्त चंद्रमा, सूर्य के लगभग 90% हिस्से को ढक देगा. हालांकि, भारत के लोग आसमान में यह खूबसूरत नजारा नहीं देख पाएंगे. 

क्या भारत में सूतक काल लगेगा? (Surya Grahan 2026 Sutak kaal timing)

यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण का प्रभाव उन्हीं स्थानों पर माना जाता है, जहां यह दिखाई देता है. ऐसे में भारत में इस ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा. यानी मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे, खान-पान सामान्य रूप से जारी रहेगा और किसी विशेष नियम का पालन करना जरूरी नहीं होगा. गर्भवती महिलाओं को भी इसे लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है.

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किन देशों में दिखेगा ग्रहण? (Solar Eclipse 2026 Visibility)

यह ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया, मॉरिशस, अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों जैसे अर्जेंटीना और चिली में दिखाई देगा. जो भारतीय इन देशों में रह रहे हैं, वे स्थानीय समय के अनुसार नियमों का पालन कर सकते हैं.

देश-दुनिया पर क्या हो सकता है प्रभाव? (Surya Grahan 2026 Effect)

कर्क राशि जल तत्व की राशि है और इसी राशि में ग्रहण लगने के कारण दुनिया में जल से जुड़ी प्राकृतिक घटनाओं का प्रभाव देखने को मिल सकता है. कुछ क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं और भूकंप जैसी घटनाओं की आशंका भी जताई गई है.

ग्रहण का असर राजनीति और सत्ता के क्षेत्र में भी देखने को मिल सकता है. उच्च पदों पर बैठे लोगों के लिए परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रह सकती हैं और सत्ता में बदलाव की स्थिति बन सकती है. भारत की राशि भी कर्क मानी जाती है, इसलिए देश में आंतरिक मतभेद और जनता तथा सरकार के बीच विवाद बढ़ने की संभावना बताई गई है.

इसके अलावा महाराष्ट्र, तमिलनाडु, ओडिशा और बंगाल जैसे तटीय क्षेत्रों में प्राकृतिक संकट या राजनीतिक हलचल बढ़ सकती है. ज्योतिषीय आकलन में दुर्घटनाओं, विस्फोट या आतंकवादी गतिविधियों जैसी घटनाओं की आशंका भी जताई गई है.

सूर्य ग्रहण पर देवगुरु बृहस्पति और शनि का विशेष प्रभाव

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ज्योतिषियों के अनुसार इस ग्रहण के समय देवगुरु कर्क राशि में उदय और शनि देव मीन राशि वक्री रहेंगे. ग्रहों के इस दुर्लभ और शक्तिशाली महासंयोग का देश-दुनिया और सभी राशियों पर गहरा असर पड़ेगा. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण को स्वयं में एक बड़ी खगोलीय और ज्योतिषीय घटना माना जाता है. एक तरफ गुरु का उदय होना शुभता और नई ऊर्जा का प्रतीक है, तो दूसरी तरफ शनि का वक्री होना कड़े अनुशासन, मेहनत और सतर्कता का संकेत दे रहा है. 

सूर्य ग्रहण क्या होता है? (What Is Surya Grahan?)

जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं और चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, तब सूर्य की रोशनी कुछ समय के लिए पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाती. चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है और जहां यह छाया पड़ती है, वहां सूर्य ग्रहण दिखाई देता है.

किन लोगों के लिए खास है सूर्य ग्रहण?

ज्योतिषाचार्य डॉ. श्रीपति त्रिपाठी के मुताबिक, सूर्य ग्रहण राजनीति, प्रशासन, नेतृत्व, सरकारी क्षेत्र और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के लिए खास माना जा सकता है. जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में है या सूर्य की दशा चल रही है, उन्हें इस दौरान सूर्य की उपासना करनी चाहिए.

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ग्रहण के दौरान क्या करें? (Surya Grahan Dos)

ग्रहण के दौरान मन को शांत रखने के लिए ध्यान और मंत्र जाप किया जा सकता है. इस दौरान ऊं घृणि सूर्याय नमः, ऊं सूर्याय नमः, सूर्य स्तोत्र या गायत्री मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है. इसके अलावा अपने इष्ट देव या गुरु मंत्र का ध्यान भी किया जा सकता है.

खान-पान को लेकर क्या करें?

ग्रहण के दौरान खाना-पीना छोड़ना जरूरी है, ऐसा कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. स्वास्थ्य व्यक्ति, बच्चे, बुजुर्ग और मरीज अपनी जरूरत के अनुसार भोजन और पानी लेते रहें. स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी है.

आंखों की सुरक्षा का रखें ध्यान

जहां सूर्य ग्रहण दिखाई दे रहा हो, वहां इसे बिना प्रमाणित सोलर व्यूइंग ग्लास या उचित फिल्टर के सीधे नहीं देखना चाहिए. हालांकि आज का यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा.

अफवाहों से रहें सावधान

ग्रहण को लेकर कई तरह की अफवाहें और चमत्कारी दावे सामने आते हैं. ऐसे दावों पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचना चाहिए. ग्रहण के बाद ऊं घृणि सूर्याय नमः का जाप कर सूर्य देव से सद्बुद्धि और आत्मविश्वास की प्रार्थना की जा सकती है. अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या अन्य जरूरी सामान का दान भी किया जा सकता है.

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क्या राशियों पर असर पड़ेगा? (Surya Grahan Effect On Zodiac Signs)

यह ग्रहण कन्या, तुला और कुंभ राशि के जातकों के लिए शुभ रह सकता है. वहीं, मेष, मिथुन, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मकर और मीन राशि वालों को कुछ मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. हालांकि, ज्योतिष में किसी भी ग्रहण का वास्तविक प्रभाव व्यक्ति की जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति पर निर्भर माना जाता है. इसलिए केवल राशि के आधार पर किसी नतीजे पर पहुंचना उचित नहीं है.

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