Shani Vakri 2026: साढ़ेसाती के चंगुल में ये 3 राशियां, अब शनि की उल्टी चाल भी ढाएगी कहर

शनि देव 27 जुलाई को वक्री होने के बाद 11 दिसंबर 2026 को मार्गी होंगे. इस बीच शनि की उल्टी चाल तीन राशियों की मुश्किल बढ़ाएगी. इन राशियों पर पहले ही शनि की साढ़ेसाती मार कर रही थी. अब इनकी दिक्कत और ज्यादा बढ़ सकती है.

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जिन राशियों के लिए वक्री शनि को अशुभ बताया गया है, वो पहले से ही शनि की साढ़ेसाती के चंगुल में फंसी है. (Photo: ITG) जिन राशियों के लिए वक्री शनि को अशुभ बताया गया है, वो पहले से ही शनि की साढ़ेसाती के चंगुल में फंसी है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:32 PM IST

Shani Vakri 2026: शनि देव 27 जुलाई को मीन राशि में वक्री होंगे. इसका मतलब है कि इस दिन शनि की उल्टी चाल शुरू हो जाएगी. इसके बाद शनि साल के अंत में 11 दिसंबर को मार्गी होंगे. ज्योतिषविदों का शनि का वक्री होना तीन राशियों के लिए अच्छे संकेत नहीं दे रहा है. दरअसल, जिन राशियों के लिए वक्री शनि को अशुभ बताया गया है, वो पहले से ही शनि की साढ़ेसाती के चंगुल में फंसी है. ज्योतिष गणना के अनुसार, शनि की उल्टी चाल मेष, कुंभ और मीन राशि के जातकों की मुश्किल बढ़ाएगी.

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मेष राशि
मेष राशि पर शनि की साढेसाती का पहला चरण चल रहा है. मेष राशि के जातकों के लिए शनि की वक्री चाल दिक्कत बढ़ाने वाली है. कार्यक्षेत्र में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है. ऑफिस में सहकर्मियों के साथ मतभेद की स्थिति बन सकती है. काम का दबाव बढ़ने से मानसिक तनाव भी महसूस हो सकता है. पहले से बने हुए कामों में भी रुकावट आने की आशंका रहेगी. वैवाहिक संबंधों में संकट पैदा हो सकता है. इस दौरान आपको धैर्य और संयम बनाए रखना होगा.

कुंभ राशि
कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा चरण चल रहा है. कुंभ राशि वालों को आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतनी होगी. इस दौरान निवेश से बचने की सलाह दी जाती है. जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है. करियर के मोर्चे पर भी समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. एकाग्रता में कमी आने से आपके काम पर बहुत बुरा असर होगा. रिश्तों के मामले में भी स्थिति सामान्य नहीं रहेगी. अपनों के साथ तालमेल बनाए रखने पर ध्यान देना होगा.

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मीन राशि
कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है. साढ़ेसाती का दूसरा चरण सबसे कष्टकारी माना जाता है. आपके पेशेवर जीवन में बाधाएं आ सकती हैं. जिन कार्यों को पूरा करने के लिए आप लंबे समय से मेहनत कर रहे हैं, उनमें अपेक्षित सफलता मिलने में कठिनाई हो सकती है. मानसिक तनाव और बेचैनी बढ़ सकती है. दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ दूरी या मनमुटाव की स्थिति भी बन सकती है. धैर्य, अनुशासन बनाए रखें.

क्या उपाय करें?
यदि वक्री शनि आपको ज्यादा समस्या देने लगे तो एक उपाय कर लें, राहत मिलेगी. हर शनिवार को "ॐ शं शनैश्चराय नमः" मंत्र का तीन माला जाप करें. शनिवार की शाम पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर सात बार परिक्रमा करें.

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