Shani Vakri 2026: कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती! वक्री होकर दिलाएंगे रुका हुआ धन

शनि 27 जुलाई से लेकर 11 दिसंबर तक रहने वाले हैं. कुंभ राशि के लिए शनि सबसे महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है, क्योंकि यह लग्न और द्वादश भाव का स्वामी है. इस दौरान शनि आपकी राशि से दूसरे भाव में वक्री रहेगा. दूसरा भाव धन, परिवार और वाणी का प्रतिनिधित्व करता है.

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कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा और आखिरी चरण भी चल रहा है. (Photo: ITG) कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा और आखिरी चरण भी चल रहा है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:43 PM IST

शनि आज मीन राशि में वक्री हो चुके हैं और 11 दिसंबर तक इसी अवस्था में रहेंगे. कुंभ राशि के लिए शनि सबसे महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है, क्योंकि यह लग्न और द्वादश भाव का स्वामी है. इस दौरान शनि आपकी राशि से दूसरे भाव में वक्री रहेगा. दूसरा भाव धन, परिवार और वाणी का प्रतिनिधित्व करता है. वहीं, इस राशि पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण भी चल रहा है. ऐसे में वक्री शनि कुछ पुराने तनाव कम कर सकता है, लेकिन कुछ मामलों में अतिरिक्त सावधानी भी जरूरी रहेगी.

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आर्थिक स्थिति
वक्री शनि आर्थिक मामलों में मिले-जुले संकेत दे रहा है. यदि पिछले कुछ समय से पैसों की तंगी, अटका हुआ धन या खर्चों का दबाव बना हुआ था तो अब धीरे-धीरे राहत मिलने की संभावना है. पुराने निवेशों से उम्मीद की किरण दिखाई दे सकती है. हालांकि नए निवेश या बड़े वित्तीय फैसले सोच-समझकर ही लें. आय बनी रहेगी. लेकिन अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी होगा.

करियर और कारोबार
नौकरी और व्यापार में धैर्य सबसे बड़ा हथियार रहेगा. कार्यक्षेत्र में पहले से अटके हुए कुछ काम आगे बढ़ सकते हैं और वरिष्ठों का सहयोग भी मिल सकता है. विदेश से जुड़े काम, आयात-निर्यात या मल्टीनेशनल कंपनियों में कार्यरत लोगों को थोड़ी देरी और अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है. कारोबार में जल्दबाजी के बजाय योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना अधिक लाभदायक रहेगा.

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स्वास्थ्य
स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही बिल्कुल न करें. ऊर्जा में कमी, थकान या पुरानी परेशानियां दोबारा उभर सकती हैं. आंखों, दांतों और गले से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज न करें. नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद और संतुलित भोजन अपनाने से स्वास्थ्य बेहतर बना रहेगा. मानसिक तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान भी लाभकारी साबित होंगे.

रिश्ते-नाते
परिवार में यदि पिछले कुछ समय से मतभेद या दूरियां बनी हुई थीं, तो अब उन्हें सुलझाने का अवसर मिलेगा. बातचीत के जरिए रिश्तों में फिर से मधुरता आ सकती है. हालांकि बोलते समय संयम रखना जरूरी होगा, क्योंकि छोटी-सी बात भी विवाद का कारण बन सकती है. जीवनसाथी और परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताने से संबंध और मजबूत होंगे.

उपाय
हर शनिवार सुंदरकांड का पाठ करें. साथ ही जरूरतमंद लोगों की सेवा करें और भगवान शनि एवं हनुमान जी की आराधना करें. इससे वक्री शनि के शुभ प्रभावों में वृद्धि होगी और जीवन की बाधाएं धीरे-धीरे कम होती जाएंगी.

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