साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन लगने वाला है. यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. ज्योतिष गणना के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि में लगने वाला है, जिसके स्वामी शनि देव माने जाते हैं. ज्योतिषविदों का कहना है कि रक्षाबंधन पर शनि की राशि में चंद्र ग्रहण का लगना चार राशियों के लिए अशुभ साबित हो सकता है. इन राशियों को सावधानी के साथ काम करने की सलाह दी गई है. इन्हें रक्षाबंधन और रक्षाबंधन के करीब 15 दिन बाद तक सतर्क रहने की सलाह है.
मेष राशि
मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है. इस राशि के लोगों पर चंद्र ग्रहण का अशुभ प्रभाव पड़ सकता है. इस दौरान मानसिक स्थिति प्रभावित हो सकती है. घबराहट और बेचैनी बढ़ सकती है. अज्ञात भय भी परेशान कर सकता है. बनते हुए कार्यों में बाधाएं आने के संकेत हैं. इस समय आत्मविश्वास में कमी महसूस हो सकती है. प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में भी उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है. इसलिए इस अवधि में परिस्थितियों को लेकर धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा.
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों को भावनात्मक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है. आय में कमी के संकेत हैं. वहीं, खर्च की अधिकता परेशान कर सकती है. आर्थिक मामलों में आपको सावधानी बरतने की जरूरत होगी. स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें भी परेशान कर सकती हैं. बेकार की चिंताओं के कारण मन अशांत रह सकता है. ऐसे में छोटी-छोटी बातों को लेकर ज्यादा परेशान होने से बचना बेहतर रहेगा.
सिंह राशि
सिंह राशि पर शनि की ढैय्या का प्रभाव है. यह चंद्र आपके लिए ग्रहण प्रतिकूल प्रभाव वाला साबित हो सकता है. इस दौरान खुद के साथ-साथ जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की जरूरत होगी. दांपत्य जीवन में परेशानियां बनी रह सकती हैं. धन की स्थिति भी नकारात्मक रूप से प्रभावित हो सकती है. धन हानि के संकेत हैं. इसलिए इस समय निवेश करने से बचने की सलाह दी जाती है. आर्थिक मामलों में किसी भी तरह की जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है.
कुंभ राशि
कुंभ राशि में ही चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है और राशि पर साढ़ेसाती का तीसरा चरण चल रहा है. चंद्र ग्रहण के कारण इनके वैवाहिक जीवन में परेशानियां आ सकती हैं. संतान से जुड़े मामलों में भी दिक्कतें बनी रह सकती हैं. धन हानि के संकेत हैं. इसलिए पैसों से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी बरतें. किसी अनजान व्यक्ति के साथ धन का लेन-देन नहीं करें. साहस में कमी महसूस हो सकती है. कार्यों में बाधाएं आएंगी और मेहनत के अनुरूप फल नहीं मिलने से मन परेशान रह सकता है.
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