Quote of the Day: आत्मविश्वास का रहस्य क्या है? स्वामी विवेकानंद के इस मंत्र से बदलेगी आपकी तकदीर!

Quote of the Day: ईश्वर की तलाश बाहर क्यों? स्वामी विवेकानंद से जानें आत्मविश्वास और भक्ति का गहरा नाता. खुद पर भरोसा करना ही है प्रभु तक पहुँचने का पहला कदम. पढ़ें आज का विचार.

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अगर हम खुद को कमजोर या छोटा समझते हैं, तो इसका मतलब है कि हम उस ईश्वर का अपमान कर रहे हैं जिसने हमें बनाया है. अगर हम खुद को कमजोर या छोटा समझते हैं, तो इसका मतलब है कि हम उस ईश्वर का अपमान कर रहे हैं जिसने हमें बनाया है.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 जून 2026,
  • अपडेटेड 7:54 AM IST

Quote of The Day: जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते, तब तक आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते- स्वामी विवेकानंद

यह बात हमारे जीवन के लिए एक बहुत बड़ा सच है. अक्सर हम भगवान को मंदिरों, मस्जिदों या आसमान में ढूंढते हैं, जबकि सच तो यह है कि ईश्वर हमारे अंदर ही बसते हैं.  जब तक हम अपनी काबिलियत, अपनी हिम्मत और अपनी अच्छाइयों पर भरोसा नहीं करते, तब तक हम उस ईश्वर को नहीं समझ सकते. 

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आत्मविश्वास ही ईश्वर तक पहुंचने का रास्ता है
आत्मविश्वास का मतलब यह नहीं है कि हम घमंड करें.  इसका असली मतलब है यह पहचानना कि हमारे अंदर भी उसी ईश्वर का एक अंश है. अगर हम खुद को कमजोर या छोटा समझते हैं, तो इसका मतलब है कि हम उस ईश्वर का अपमान कर रहे हैं जिसने हमें बनाया है.  जो इंसान खुद से प्यार नहीं कर सकता या अपनी खूबियों को नहीं देख सकता, वह ईश्वर की बनाई हुई अपनी जिंदगी की कद्र कैसे करेगा? भगवान पर भरोसा करने का मतलब है कि उनकी बनाई हुई दुनिया पर भरोसा करना, और उस दुनिया का सबसे खास हिस्सा आप खुद हैं. 

डर और शक को दूर भगाएं
जब आप खुद पर भरोसा करना शुरू करते हैं, तो मन का डर और शक अपने आप खत्म होने लगता है.  आत्मविश्वास का दीया जलते ही जीवन की परेशानियां दूर हो जाती हैं.  ईश्वर पर भरोसे का मतलब है—मुश्किल समय में यह याद रखना कि "मैं अकेला नहीं हूँ, उस शक्ति का हाथ मेरे सिर पर है.  लेकिन यह भरोसा तब तक अधूरा है जब तक आप मेहनत न करें.  जो इंसान खुद काम करने से डरता है, उसे भगवान की मदद पर भी शक होने लगता है. 

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मेहनत और भक्ति का मेल
प्रदोष व्रत जैसे पवित्र दिनों पर जब हम भगवान शिव की पूजा करते हैं, तो हमें यह याद रखना चाहिए कि शिव ही हमारी आत्मा के मालिक हैं.  पूजा का असली मतलब केवल मन्नतें मांगना नहीं, बल्कि अपने अंदर की शक्ति को जगाना है.  जब आप पूरी ईमानदारी और मेहनत से अपना काम करते हैं, तो वही ईश्वर की असली पूजा है. 

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