Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में घर के दरवाजे पर आ जाएं ये 5 जीव, तो समझ लें सीधे धरती पर आ गए हैं आपके पूर्वज! भूलकर भी न भगाएं बाहर

Pitru Paksha 2026: गरुड़ पुराण के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान हमारे पूर्वज किसी न किसी जीव के रूप में हमारे द्वार पर आते हैं. यदि इन 16 दिनों में आपके घर कौआ, काला कुत्ता, गाय, चींटियां या चिड़िया आ जाए, तो इसे पितरों की प्रसन्नता का बड़ा संकेत माना जाता है.

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पितृ पक्ष 2026 (Photo: ITG) पितृ पक्ष 2026 (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:58 AM IST

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष की शुरुआत हो चुकी है. यह समय पूर्वजों के प्रति सम्मान, श्रद्धा और आभार व्यक्त करने का पावन अवसर माना जाता है. मान्यता है कि इन 16 दिनों के दौरान हमारे पितर देव लोक से धरती पर अपने परिजनों के बीच आते हैं और विभिन्न माध्यमों से आशीर्वाद या संकेत देते हैं.

गरुड़ पुराण और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान हमारे पूर्वज स्वयं किसी न किसी जीव के रूप में आपके द्वार पर दस्तक दे सकते हैं. यदि इस दौरान आपके घर में कुछ खास जीव आ जाएं या भोजन मांगने लगें, तो इन्हें भूलकर भी भगाना या सताना नहीं चाहिए. ज्योतिषशास्त्र में इन्हें पितरों के प्रसन्न होने और घर में आने वाले सुख-समृद्धि का प्रत्यक्ष संकेत माना गया है. आइए जानते हैं कि पितृ पक्ष में किन 5 जीवों का घर आना बेहद शुभ माना जाता है और यह किस बात का इशारा करते हैं.

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कौआ (Crow) 

पितृ पक्ष में कौए का विशेष धार्मिक महत्व है. शास्त्रों में कौए को पितरों का रूप या संदेशवाहक माना गया है. यदि पितृ पक्ष में कौआ आपके घर की छत या बालकनी पर आकर कांव-कांव करे, या आपके द्वारा रखा गया भोजन शांति से खा ले, तो समझ लें कि आपके पूर्वज आपसे अत्यंत प्रसन्न हैं. इससे घर के पितृ दोष समाप्त होते हैं और रुका हुआ धन प्राप्त होता है.

काली चींटियां (Black Ants)

घर के आंगन या रसोई के पास काली चींटियों का समूह में दिखाई देना शुभ शकुन माना जाता है. पितृ पक्ष के दौरान यदि काली चींटियां एक कतार में निकलती हुई दिखें, तो यह इस बात का संकेत है कि पूर्वज आपके घर से दरिद्रता दूर कर रहे हैं. इन्हें शक्कर या आटा डालना चाहिए, इससे व्यापार में लाभ और कर्ज से राहत मिलती है.

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काला कुत्ता (Black Dog)
कुत्ता भगवान भैरव की सवारी माना जाता है और इसे यमराज का द्वारपाल भी कहा गया है. अगर पितृ पक्ष में कोई काला कुत्ता आपके घर के मुख्य द्वार पर आ जाए या पूंछ हिलाते हुए भोजन की उम्मीद करे, तो उसे रोटी या बिस्कुट जरूर खिलाएं. ऐसा करने से अनहोनी टलती है, राहु-केतु के अशुभ प्रभाव समाप्त होते हैं और पितर प्रसन्न होकर सुरक्षा का कवच प्रदान करते हैं.

गाय (Cow)
हिंदू धर्म में गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना गया है. श्राद्ध में 'गोग्रास' निकालने की परंपरा अनिवार्य है. यदि पितृ पक्ष के दौरान गाय खुद चलकर आपके घर के दरवाजे पर आ जाए और रंभाए, तो यह अति उत्तम शकुन है. पहली रोटी या श्राद्ध का भोजन गाय को खिलाने से घर में आरोग्य, वंश वृद्धि और अखंड सौभाग्य का वास होता है.

चिड़िया या गौरैया (Sparrow or Bird)
घर के आंगन, बालकनी या तुलसी के पौधे के पास आकर चिड़िया का चहकना या दाना चुगना बेहद शुभ होता है. यदि श्राद्ध पक्ष में चिड़िया आपके घर में घोंसला बना ले या आपके रखे अनाज के दानों को चुगे, तो यह पूर्वजों की तृप्ति का संकेत है. इससे घर का वास्तु दोष दूर होता है और जल्द ही कोई शुभ व मांगलिक समाचार सुनने को मिलता है.

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पितृ पक्ष में ध्यान रखने योग्य विशेष बातें

- घर आए किसी भी पशु-पक्षी को डंडे से न मारें और न ही दुत्कार कर भगाएं.

- छत या बालकनी पर पक्षियों के लिए साफ पानी का परिंडा और अनाज (चावल व बाजरा) जरूर रखें.

- श्राद्ध के दिन भोजन पकाने के बाद सबसे पहले देव, गाय, कुत्ता, कौआ और चींटियों के लिए भोजन का हिस्सा (पंचबली) अलग से निकालें.

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