Kendra Yog 2026: द्रिक पंचांग के अनुसार, 26 जून को सूर्य और वरुण ग्रह (नेप्च्यून) का एक-दूसरे से 90 डिग्री के कोण पर आना ज्योतिषीय दृष्टि से एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील घटना है. वैदिक ज्योतिष में इस स्थिति को केंद्र योग या समकोण दृष्टि योग (Square Aspect) कहा जाता है. जब दो प्रमुख ग्रह एक-दूसरे से चौथे या दसवें भाव की दूरी पर होते हैं, तो उनके बीच एक आंतरिक तनाव और टकराव की स्थिति पैदा होती है. सूर्य जहां हमारी आत्मा, मान-सम्मान, अहंकार और जीवन ऊर्जा का कारक है, वहीं वरुण ग्रह भ्रम, कल्पना, रहस्य और अवचेतन मन से जुड़ा है. इन दोनों का यह समकोण योग कुछ राशियों के लिए मानसिक और व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. आइए जानते हैं कि केंद्र योग से किन राशियों को नुकसान होगा.
मेष (Aries)
कार्यक्षेत्र में अधिकारियों से मतभेद हो सकते हैं. पिता के स्वास्थ्य की चिंता बढ़ सकती है.
बचाव के उपाय- सूर्य को जल दें और जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें.
मिथुन (Gemini)
करियर को लेकर असमंजस में आ सकते हैं. बनते कामों में अचानक रुकावटें आ सकती है.
बचाव के उपाय- अपने गुरु या अनुभवी व्यक्ति की सलाह के बिना निवेश न करें.
कन्या (Virgo)
साझेदारी (Partnership) में तनाव आ सकता है. वैवाहिक जीवन में गलतफहमियां हो सकती हैं.
बचाव के उपाय- बातचीत में स्पष्टता रखें और शक करने से बचें.
धनु (Sagittarius)
घरेलू सुख-शांति में कमी आ सकती है. संपत्ति से जुड़े मामलों में विवाद की आशंका हो सकती है.
बचाव के उपाय- शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं का दान करें और मन को शांत रखें.
इस अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
सूर्य उपासना
सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें. इससे वरुण जनित भ्रम दूर होगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी.
ध्यान और प्राणायाम
चूंकि वरुण मन और भावनाओं को प्रभावित करता है, इसलिए मन को केंद्रित रखने के लिए नियमित ध्यान (Meditation) करें.
लेन-देन में सतर्कता
26 जून और उसके आस-पास के दो-तीन दिनों में किसी भी तरह के बड़े वित्तीय निवेश या कागजी कार्रवाई से बचें.
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