Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा कल, भूलकर भी ना करें ये 6 गलतियां, रुक सकती है तरक्की और नाराज हो सकते हैं गुरु

Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा पर सच्चे मन से की गई सेवा जहां जीवन के कष्ट दूर करती है, वहीं कुछ अनजाने में की गई गलतियां मां लक्ष्मी को नाराज कर सकती हैं. तो आइए जानते हैं कि गुरु पूर्णिमा के दिन कौन सी गलतियों से सावधान रहना चाहिए.

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गुरु पूर्णिमा 2026 (Photo: ITG) गुरु पूर्णिमा 2026 (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:56 PM IST

Guru Purnima 2026: आषाढ़ पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है. इस दिन गुरुजनों, माता-पिता और विद्वानों का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया जाता है. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई गुरु सेवा जीवन के सभी कष्टों को दूर कर देती है और तरक्की के बंद रास्ते खोल देती है.

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शास्त्रों के मुताबिक, गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर कुछ ऐसी गलतियां हैं जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से न केवल पूजा का शुभ फल निष्फल हो जाता है, बल्कि देवगुरु बृहस्पति और मां लक्ष्मी की नाराजगी का सामना भी करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं कि इस दिन किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:

गुरु का अनादर या अपमान न करें

गुरु पूर्णिमा के दिन जाने-अनजाने भी किसी गुरु, शिक्षक, बुजुर्ग या अपने से बड़ों का अपमान न करें. अगर आपके गुरु से विचारों में कोई भिन्नता है, तब भी उनके सामने कटु वचनों का प्रयोग न करें. किसी का उपहास उड़ाना या पीठ पीछे बुराई करना इस दिन भारी दोष का कारण बनता है.

गुरु से ऊंचे स्थान पर न बैठें

शास्त्रों के नियम के अनुसार, जब आप अपने गुरु के समक्ष हों, तो कभी भी उनके बराबर या उनसे ऊंचे आसन पर न बैठें. गुरु के सामने बैठते समय सदैव उनके चरणों के पास या उनसे नीचे के स्थान पर बैठना चाहिए. यह विनम्रता और श्रद्धा का प्रतीक है.

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तामसिक भोजन का सेवन न करें

पूर्णिमा का दिन आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर होता है. इसलिए इस दिन खान-पान में पवित्रता बनाए रखना बहुत जरूरी है. गुरु पूर्णिमा के दिन मांस-मदिरा, प्याज, लहसुन और बासी भोजन का सेवन बिल्कुल न करें. इस दिन पूर्णतः सात्विक भोजन ग्रहण करें और संभव हो तो उपवास रखें.

गुरु को खाली हाथ न मिलें और न दें ये उपहार

शास्त्रों के अनुसार, गुरु, राजा और वैद्य के पास कभी भी खाली हाथ नहीं जाना चाहिए. गुरु पूर्णिमा के दिन जब भी गुरु के दर्शन करने जाएं, तो अपनी श्रद्धा अनुसार फल, फूल, मिठाई, वस्त्र या दक्षिणा लेकर जाएं. ध्यान रखें कि गुरु को कभी भी काले रंग के कपड़े, नुकीली चीजें या फटे-पुराने उपहार भेंट न करें.

तुलसी पत्र तोड़ने से बचें

गुरु पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और महर्षि वेद व्यास जी की पूजा में तुलसी पत्र चढ़ाए जाते हैं, लेकिन पूर्णिमा तिथि के दिन स्वयं तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित माना गया है. यदि आपको पूजा के लिए तुलसी पत्र की आवश्यकता है, तो उन्हें एक दिन पहले (चतुर्दशी तिथि को) ही तोड़कर रख लें या फिर अपने आप नीचे गिरे हुए तुलसी के पत्तों का प्रयोग करें.

देर तक सोने से बचें और क्लेश न करें

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पूर्णिमा की तिथि देवी-देवताओं को प्रसन्न करने का उत्तम अवसर होती है. इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करें. देर तक सोने से घर में नकारात्मकता आती है. साथ ही, घर में किसी भी प्रकार का विवाद, कलेश या क्रोध करने से बचें, अन्यथा मां लक्ष्मी रुष्ट हो सकती हैं.

गुरु पूर्णिमा पर जरूर करें ये काम 

यदि आपके कोई जीवित गुरु नहीं हैं या आप उनसे दूर हैं, तो इस दिन भगवान श्री कृष्ण, भगवान शिव या महर्षि वेद व्यास जी को अपना प्रथम गुरु मानकर उनकी पूजा कर सकते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.

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