Garuda Puran: सनातन धर्म के 18 पुराणों में गरुड़ पुराण का अत्यंत विशिष्ट स्थान है. इसे केवल मृत्यु के बाद का शास्त्र नहीं, बल्कि जीवन जीने का सटीक मार्गदर्शक भी माना जाता है. गरुड़ पुराण के अनुसार, हमारी सफलता और असफलता का एक बड़ा हिस्सा हमारी संगति पर निर्भर करता है. हम किन लोगों के साथ अपना समय व्यतीत करते हैं, इसका सीधा असर हमारे विचारों, ऊर्जा और भविष्य पर पड़ता है. यदि आप अपने जीवन में सकारात्मकता, उन्नति और मानसिक शांति चाहते हैं, तो गरुड़ पुराण कुछ ऐसे लोगों से दूरी बनाने की सलाह देता है, जो आपकी प्रगति में बाधा बन सकते हैं.
किन लोगों से बनानी चाहिए दूरी?
सदा दुखी रहने वाले लोग: जो व्यक्ति हमेशा रोना रोते हैं और अपने जीवन की समस्याओं का दोष दूसरों पर मढ़ते हैं, उनसे दूर रहना ही बेहतर है.ऐसे लोग नकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, जिससे आपका भी उत्साह कम हो सकता है.
धर्म और मर्यादा का अपमान करने वाले: जो लोग न केवल अधर्मी हैं, बल्कि समाज के नियमों और मर्यादाओं का उपहास उड़ाते हैं, उनका साथ आपके चरित्र पर भी दाग लगा सकता है. ऐसे लोग गलत राह पर चलने के लिए आपको प्रेरित कर सकते हैं.
लालची और स्वार्थी लोग: जो लोग केवल अपने स्वार्थ के लिए दूसरों का इस्तेमाल करते हैं, वे किसी के सगे नहीं होते.गरुड़ पुराण कहता है कि स्वार्थी लोगों से कभी भी प्रेम और विश्वास की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि वे समय आने पर आपको धोखा दे सकते हैं.
क्रोध और अहंकार से भरे लोग: जिन लोगों को छोटी-छोटी बातों पर क्रोध आता है और जो अपने अहंकार में डूबे रहते हैं, उनके पास शांति नहीं टिकती.ऐसे लोगों का साथ आपके मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है.
दूसरे की बुराई करने वाले: जो लोग हमेशा दूसरों की चुगली करते हैं, पीठ पीछे बुराई करते हैं, वे आपके सामने भी दूसरों की बुराई कर सकते हैं.गरुड़ पुराण के अनुसार, ऐसे लोगों के साथ मित्रता करना खतरनाक होता है.
अत्यधिक चापलूस लोग: जो लोग आपके सामने केवल आपकी तारीफों के पुल बांधते हैं. आपकी गलतियों को भी सही ठहराते हैं, वे वास्तव में आपके मित्र नहीं होते. ऐसे लोग अक्सर अपना काम निकालने के लिए आपको गलत निर्णय लेने के लिए प्रेरित करते हैं.
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