Dhanteras 2026: लक्ष्मी नारायण योग में धनतेरस कल, जानें पूजा मुहूर्त और खरीदारी का शुभ समय

Dhanteras 2026: धनतेरस 2026 पर लक्ष्मी नारायण योग का शुभ संयोग बन रहा है. जानें धनतेरस की तारीख, मां लक्ष्मी-कुबेर की पूजा का शुभ मुहूर्त और सोना-चांदी खरीदने का सही समय.

Advertisement
धनतेरस 2026 पर लक्ष्मी नारायण योग का शुभ संयोग बन रहा है. (Photo: ITG) धनतेरस 2026 पर लक्ष्मी नारायण योग का शुभ संयोग बन रहा है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:29 PM IST

Dhanteras 2026: कार्तिक मास में दिवाली से पहले आने वाला धनतेरस का त्योहार सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना से जुड़ा है. इस दिन लोग नई चीजों की खरीदारी करते हैं और घर में सुख-शांति व खुशहाली के लिए मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा करते हैं.  मान्यता है कि धनतेरस पर शुभ मुहूर्त में की गई खरीदारी से घर में बरकत आती है.  खास बात यह है कि इस बार धनतेरस पर कई शुभ योगों का संयोग बन रहा है.  ऐसे में आइए जानते हैं साल 2026 में धनतेरस कब मनाया जाएगा, पूजा का शुभ समय क्या है, सोना-चांदी खरीदने का मुहूर्त कब रहेगा और इस दिन किस विधि से पूजा करनी चाहिए. 

Advertisement

कब है धनतेरस 2026? (Dhanteras 2026 Date)
हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाया जाता है.  इसे धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है.  साल 2026 में धनतेरस का पर्व 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा. 

- त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 6 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजकर 30 मिनट से
- त्रयोदशी तिथि समाप्त: 7 नवंबर 2026 को सुबह 11 बजकर 47 मिनट तक
- धनतेरस पर्व: 6 नवंबर 2026, शुक्रवार


धनतेरस पर बनेंगे 5 शुभ योग, लक्ष्मी नारायण और मालव्य राजयोग का संयोग
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार धनतेरस का दिन कई शुभ ग्रहों के संयोग के कारण खास माना जा रहा है.  6 नवंबर को तुला राशि में सूर्य, बुध और शुक्र की युति से त्रिग्रही योग, बुधादित्य योग, शुक्रादित्य योग और लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण हो रहा है.  इसके अलावा शुक्र के तुला राशि में होने से मालव्य राजयोग भी बन रहा है. 
- लक्ष्मी नारायण योग: बुध और शुक्र की युति से इस योग का निर्माण होता है.  इसे धन, बुद्धि और सुख-सुविधाओं से जोड़कर देखा जाता है. 
- मालव्य राजयोग: शुक्र के अपनी राशि तुला में होने से यह पंच महापुरुष राजयोग बन रहा है.  इसे सुख, वैभव और ऐश्वर्य का कारक माना जाता है. 
- त्रिग्रही योग: तुला राशि में सूर्य, बुध और शुक्र की युति से यह संयोग बन रहा है. 
- बुधादित्य योग: सूर्य और बुध की युति से बनने वाला यह योग बुद्धि, वाणी और कार्यक्षमता से जुड़ा माना जाता है. 
- शुक्रादित्य योग: सूर्य और शुक्र की युति से इस योग का निर्माण होता है.  ज्योतिष में इसे भौतिक सुख-सुविधाओं से जोड़कर देखा जाता है. 

Advertisement

धनतेरस 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त (Dhanteras Puja Muhurat)
धनतेरस के दिन प्रदोष काल में मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करना शुभ माना जाता है.  इस साल पूजा के लिए शाम का समय विशेष रहेगा. 
- धनतेरस पूजा मुहूर्त: शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक
- पूजा की कुल अवधि: 1 घंटा 56 मिनट
- प्रदोष काल: शाम 5:33 बजे से रात 8:09 बजे तक
- वृषभ काल: शाम 6:02 बजे से रात 7:57 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक
- अमृत काल: रात 10:30 बजे से 12:10 बजे तक

धनतेरस 2026 पर सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त
धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदने की परंपरा काफी पुरानी है.  मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई वस्तुएं घर में सुख-समृद्धि और आर्थिक संपन्नता लेकर आती हैं.  अगर आप भी इस धनतेरस पर सोने या चांदी के आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो शुभ समय का ध्यान रख सकते हैं. 

- खरीदारी का शुभ मुहूर्त: 6 नवंबर सुबह 10:30 बजे से 7 नवंबर सुबह 6:37 बजे तक
- कुल अवधि: 20 घंटे 7 मिनट

धनतेरस पर वाहन खरीदने का शुभ मुहूर्त
धनतेरस के मौके पर सोने-चांदी के अलावा वाहन खरीदना भी शुभ माना जाता है.  इस दिन नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे लोग इन मुहूर्तों का ध्यान रख सकते हैं. 
- लाभ चौघड़िया: सुबह 7:54 से 9:17 बजे तक
- अमृत चौघड़िया: सुबह 9:16 से 10:38 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:45 बजे तक
- चर चौघड़िया: दोपहर 4:11 से शाम 5:33 बजे तक
- शुभ समय: शाम 6:03 से 7:19 बजे तक
- लाभ मुहूर्त: रात 8:49 से 10:27 बजे तक

Advertisement

धनतेरस पर किन चीजों की खरीदारी करना शुभ माना जाता है?
धनतेरस के दिन लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार अलग-अलग चीजों की खरीदारी करते हैं.  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष वस्तुएं घर लाना शुभ माना जाता है. 

- सोना और चांदी: धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषण या सिक्के खरीदने की परंपरा है. 
- पीतल और तांबे के बर्तन: इस दिन धातु के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है. 
- झाड़ू: धार्मिक मान्यताओं में झाड़ू को मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है. 
- धनिया: साबुत धनिया खरीदकर पूजा में रखने की परंपरा है. 
- गोमती चक्र: इसे घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. 
- कौड़ी: धनतेरस पर कौड़ी खरीदना भी शुभ माना जाता है. 
- गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति: दिवाली की पूजा के लिए इस दिन गणेश जी और मां लक्ष्मी की प्रतिमा खरीदना शुभ माना जाता है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »