25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ ही चातुर्मास आरंभ हो जाएगा. इस अवधि में भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाएंगे और 20 नवंबर 2026 को देवोत्थान एकादशी के साथ चातुर्मास समाप्त होगा. ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय केवल धार्मिक साधना का नहीं, बल्कि ग्रहों के प्रभाव में होने वाले बदलावों का भी माना जाता है. ज्योतिषविदों का कहना है कि चार महीने की यह अवधि पांच राशियों के लिए बहुत शुभ मानी जा रही है. आइए इन लकी राशियों बारे में जानते हैं.
वृष राशि
चातुर्मास की अवधि आपके लिए आर्थिक मजबूती का आधार बन सकती है. पिछले कुछ समय से अटके हुए कार्य धीरे-धीरे गति पकड़ेंगे. व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं, जबकि नौकरीपेशा लोगों की जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी. परिवार के सहयोग से बड़े फैसले लेना आसान रहेगा. धन संचय के लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा.
कर्क राशि
चार महीनों में आपकी संवाद क्षमता और निर्णय लेने की योग्यता सबसे बड़ी ताकत बनेगी. नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और व्यापार में नए संपर्क लाभ पहुंचा सकते हैं. विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए भी यह समय उत्साहजनक रहेगा. आत्मविश्वास बढ़ेगा और रुके हुए काम पूरे होने लगेंगे.
तुला राशि
यह चार महीने रिश्तों और करियर दोनों के लिए सकारात्मक संकेत दे सकते हैं. आर्थिक स्थिति में सुधार के नए रास्ते खुल सकते हैं. लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने लगेंगे. यदि आप साझेदारी में काम करते हैं तो अच्छे परिणाम मिलने की संभावना रहेगी. सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ सकती है.
धनु राशि
भाग्य का संतुलन इस अवधि में आपके पक्ष में रहेगा. करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे और धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी. नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए यह समय अनुकूल रहेगा. विदेश या लंबी दूरी से जुड़े कार्यों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है. अनुशासन बनाए रखने से अपेक्षा से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं.
मीन राशि
परिवार में खुशियों का माहौल बनेगा और करियर में नई संभावनाएं सामने आएंगी. रचनात्मक कार्यों में सफलता मिल सकती है. आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी और भविष्य की योजनाओं पर आत्मविश्वास के साथ काम कर पाएंगे. नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और व्यापार में लाभ की स्थिति मजबूत होगी.
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