स्कूल में 9 साल के बच्चे के हाथ में सांप, वायरल वीडियो देख मचा हड़कंप, फिर पिता ने बताई सच्चाई

कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर स्थित सेंट जेवियर स्कूल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में एक 9 वर्षीय छात्र के हाथ में सांप दिखाई दे रहा है. वीडियो को लेकर दावा किया गया कि स्कूल में बच्चों को सांप पकड़ना सिखाया जा रहा है. हालांकि छात्र के पिता ने इस दावे को गलत बताते हुए पूरी घटना की जानकारी दी.

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9 साल के छात्र ने स्कूल में पकड़ा सांप. (Photo: Screengrab) 9 साल के छात्र ने स्कूल में पकड़ा सांप. (Photo: Screengrab)

हिमांशु शर्मा

  • कोटपूतली-बहरोड़ ,
  • 07 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 3:35 PM IST

राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर स्थित सेंट जेवियर स्कूल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में स्कूल परिसर के अंदर  करीब 9 साल का एक छात्र अपने हाथ में बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सांप पकड़े हुए दिखाई दे रहा है. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किए जाने लगे. कई लोगों ने आरोप लगाया कि स्कूल में बच्चों को सांप पकड़ना सिखाया जा रहा है. वहीं इस वीडियो को लेकर स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.

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वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले में छात्र के अभिभावक से बात की गई. छात्र के पिता आरसी यादव ने वायरल दावों को गलत बताया. उन्होंने कहा कि वीडियो को जिस तरह से पेश किया जा रहा है, वास्तविक घटना उससे अलग है. आरसी यादव ने बताया कि उनका बेटा टाइगर कक्षा 3 का छात्र है. घटना वाले दिन वह अपने बेटे के साथ स्कूल से घर लौट रहे थे. उसी दौरान मोहल्ले में सर्प मित्र सुरेश कुमार एक रेट स्नेक का रेस्क्यू कर रहे थे. उनके अनुसार यह सांप जहरीला नहीं था और वहीं पास में पकड़ा गया था.

स्कूल में बच्चे के हाथ में दिखा सांप

उन्होंने बताया कि इसी दौरान उनके बेटे टाइगर ने उत्सुकता से कुछ देर के लिए सांप को हाथ में ले लिया था. उसी समय वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया. बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. उन्होंने कहा कि वीडियो को देखकर ऐसा प्रचार किया जा रहा है कि स्कूल में बच्चों को सांप पकड़ना सिखाया जाता है, जबकि ऐसा नहीं है.

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छात्र के पिता ने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की गलती दोबारा नहीं होगी. उन्होंने माना कि बच्चे को इस तरह सांप हाथ में नहीं लेना चाहिए था और आगे इस बात का पूरा ध्यान रखा जाएगा. वायरल वीडियो में सुनाई दे रही आवाज में बच्चे को 'सर्प मित्र' बताया जा रहा है. इसी वजह से सोशल मीडिया पर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई और कई लोगों ने वीडियो को स्कूल से जोड़ते हुए अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं.

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लगातार कमेंट किए जा रहे हैं. कई लोगों ने स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा, जबकि कुछ लोगों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई. वीडियो के आधार पर लोग अलग-अलग दावे कर रहे हैं और घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि बिना उचित प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरण और आवश्यक सावधानियों के किसी भी सांप को हाथ में लेना बेहद खतरनाक हो सकता है. किसी भी सांप की सही पहचान करना आम लोगों के लिए आसान नहीं होता. इसलिए केवल यह मान लेना कि सांप जहरीला नहीं है, पर्याप्त नहीं माना जा सकता.

विशेषज्ञों के अनुसार बरसात के मौसम में सांपों की सक्रियता बढ़ जाती है. ऐसे समय में लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. यदि कहीं सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या हाथ लगाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. ऐसी स्थिति में प्रशिक्षित सर्प मित्र या संबंधित विशेषज्ञ की मदद लेना ही सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है.

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वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल

फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो को लेकर चर्चाएं जारी हैं. वहीं छात्र के पिता ने स्पष्ट किया है कि वीडियो में दिखाई दे रही घटना स्कूल में बच्चों को सांप पकड़ना सिखाने की नहीं है, बल्कि स्कूल से घर लौटते समय मोहल्ले में रेट स्नेक के रेस्क्यू के दौरान बच्चे द्वारा कुछ देर के लिए सांप हाथ में लेने की है. उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी गलती की पुनरावृत्ति नहीं होगी.
 

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