जिस जेल की थीं प्रभारी, अब उसी में कैदी बनकर लौटीं जेलर दिव्या चौधरी!

राजस्थान के अजमेर में जेलर दिव्या चौधरी की गिरफ्तारी से जुड़ी कहानी में कई सवाल खड़े हुए हैं. आरोप महिला बंदियों से जुड़े हैं, लेकिन पुलिस की जांच में सामने आई कुछ बातें इस पूरे मामले को और दिलचस्प बना देती हैं.

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पुलिस ने कोटा से दिव्या चौधरी को गिरफ्तार किया. (Photo: ITG) पुलिस ने कोटा से दिव्या चौधरी को गिरफ्तार किया. (Photo: ITG)

चंद्रशेखर शर्मा

  • अजमेर,
  • 07 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 9:21 PM IST

राजस्थान के अजमेर में महिला जेल की तत्कालीन प्रभारी जेलर दिव्या चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोप है कि वह दो महिला बंदियों को नियमों के खिलाफ जेल से बाहर निकालकर अपने निजी आवास पर ले गई थीं. पुलिस की जांच में सामने आया कि इन महिलाओं से वहां साफ-सफाई का काम कराया गया.

मामला 12 जुलाई 2026 का है. आरोप है कि दिव्या चौधरी ने महिला प्रहरी सोनिया के साथ मिलकर दो निरुद्ध महिला बंदियों को जेल से बाहर निकाला. जेल के कर्मचारियों ने इसका विरोध भी किया था, लेकिन दोनों महिलाओं को निजी आवास तक ले जाया गया.
पुलिस ने करीब दो महीने तक चली तलाश के बाद 6 अक्टूबर को दिव्या चौधरी कोटा के एक आवासीय फ्लैट से गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के बाद उन्हें उसी महिला जेल में रखा गया है, जिसकी वह पहले प्रभारी थीं.

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कर्मचारियों के विरोध के बावजूद बाहर ले गईं बंदी

अजमेर सीओ नॉर्थ शिवम जोशी के मुताबिक, केंद्रीय कारागृह अजमेर के अधीक्षक की ओर से इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था. इसमें दिव्या चौधरी और महिला प्रहरी सोनिया पर दो महिला बंदियों को अवैध तरीके से जेल से बाहर ले जाने का आरोप लगाया गया. वहीं, 
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों महिलाओं को दिव्या चौधरी के निजी आवास पर ले जाया गया था. वहां उनसे साफ-सफाई का काम कराया गया. इसी शिकायत के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की.

CCTV और तकनीकी सबूतों से मिला सुराग

मामले की जांच के लिए एसपी और एडिशनल एसपी की निगरानी में विशेष टीम बनाई गई. टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, खुफिया सूचनाओं और CCTV फुटेज की मदद से दिव्या चौधरी की तलाश की. जांच के दौरान पुलिस को उनके कोटा में होने की जानकारी मिली. इसके बाद 6 अक्टूबर को टीम ने कोटा स्थित एक आवासीय फ्लैट पर छापा मारा. यहां से दिव्या चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया.

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शिवम जोशी के अनुसार, मामले में धारा 209, 260 और केंद्रीय कारागृह अधिनियम की धारा 42 समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस अब मामले से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका भी जांच रही है. फिलहाल सह-आरोपी महिला प्रहरी सोनिया और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है. पुलिस की जांच अभी चल रही है.

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