IAS टीना डाबी पाकिस्तानी हिंदुओं की मदद के लिए आईं आगे, बेघरों के लिए बनाया Action Plan

जैसलमेर कलेक्टर IAS टीना डाबी ने विस्थापित पाकिस्तानी हिंदुओं की मदद के लिए प्लान बनाया है. टीम गठित की गई है, जिसका काम इन परिवारों के लिए जमीन की तलाश करना होगा. जल्द ही परिवारों को वहां पर बसाया जाएगा. फिलहाल इन लोगों को रैन-बसेरे में शरण दी गई है.

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IAS टीना डाबी. IAS टीना डाबी.

aajtak.in

  • जैसलमेर,
  • 18 मई 2023,
  • अपडेटेड 1:43 PM IST

राजस्थान के जैसलमेर में पाकिस्तान से आए विस्थापित हिंदुओं के अवैध मकानों को ढहाने के बाद चर्चा में आईं जैसलमेर डीएम IAS टीना डाबी ने बुधवार शाम को विस्थापितों के खाने-पीने और रहने की व्यवस्था कराई. करीब 50 परिवारों के लोगों के लिए भोजन उपलब्ध कराया और पीने का पानी मुहैया कराया. उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर कहा भी था कि अमर सागर तालाब क्षेत्र के केचमेंट एरिया में अतिक्रमण नहीं होने दिया जा सकता है. 

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पुर्नवास के लिए उठाए गए हैं कई कदम

IAS डीएम टीना डाबी ने इस संबंध में बताया था कि बड़ी संख्या में पाकिस्तानी हिन्दू विस्थापित प्राइम लेंड और केचमेंट एरिया के साथ ही अलाॅटमेंट लैंड पर काबिज हो गए थे, जिन्हें हटाने के लिए गत अप्रैल माह में भी एक्शन लिया गया था. उन लोगों को समझाया भी गया था, लेकिन उन लोगों ने बात नहीं मानी. जिसके चलते दुबारा एक्शन लिया गया.

डीएम टीना डाबी के मुताबिक, कार्यवाही में जो परिवार बेघर हुए हैं, उनके पुर्नवास के लिए जिला प्रशासन द्वारा कई कदम उठाए गए हैं. पाक विस्थापितों से चर्चा भी की गई. तय किया गया है कि जिला प्रशानस, यूआईटी और पाकिस्तानी विस्थापितों के प्रतिनिधियों की संयुक्त सर्वे टीम बनाई जाएगी. 

यह टीम यूआईटी की भूमि को चिन्हित करेगी. यहां उन लोगों को बसाया जाएगा जिन विस्थापितों को भारत की  जिनको नागरिकता मिल चुकी है. सर्वे पूरा होना तक बेघर हुए विस्थापितों को रैन-बसेरा में रखा जाएगा. डीएम के आदेश के बाद 150 विस्थापित हिंदुओं को रैन-बसेरे में शरण दी गई है. उनके खाने-पीने के लिए भोजन की व्यव्स्था की गई है. इन लोगों में महिला और बच्चे भी शामिल हैं. अधिकारियों को विस्थापितों के मदद के लिए लगाया गया है. 

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 कीमती जमीन पर अवैध बसाहट

धार्मिक कट्टरता से परेशान होकर कई हिंदू परिवार पाकिस्तान से राजस्थान के जैसलमेर में आए हैं. जिला मुख्यालय से चार किमी दूर अमर सागर के केचमेंट एरिया में इन परिवार ने कच्चे मकान बना लिए और अपनी गृहस्थी जमा ली थी. डीएम IAS टीना डाबी को लगातार अमर सागर के सरपंच और अन्य लोगों से शिकायत मिल रही थी कि भू-माफिया द्वारा हिंदू विस्थापितों को अमर सागर क्षेत्र के खसरा नंबर 31, 32, 32 और 245 पर बड़ी संख्या में बसाया गया है. 

चूंकि केचमेंट का यह एरिया प्राइम लोकेशन है और इसकी कीमत भी बहुत ज्यादा है साथ ही यहां पर अतिक्रमण करने से तालाब के पानी के लिए भी ठीक नहीं होने की बात सामने आने पर डीएम डाबी ने नोटिस जारी कर विस्थापितों को जगह खाली करने का आदेश जारी किया था. 

डीएम के आदेश का पालन विस्थापितों द्वारा नहीं किया गया. नतीजतन युआईटी ( Urban Improvement Trust) ने प्रशासन और पुलिस की मदद से डीएम के आदेश पर कच्चे अतिक्रमण को हटा दिया. विस्थापितों को मकानों को जमींदोज कर दिया और जगह को अतिक्रमण मुक्त कर दिया.

प्रशासन की कार्रवाई की बाद घरों से बाहर बैठे बच्चे.

 

हमें विस्थापित हिंदुओं से नही कोई परेशानी: सरपंच प्रतिनिधि मेघराज

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अमरसागर सरपंच प्रतिनिधि मेघराज परिहार ने बताया कि अमरसागर ग्राम पंचायत में बेषकीमती जमीन व तालाब के कैचमेन्ट ऐरिया में पाकिस्तान से आए विस्थापितों ने बड़े पैमाने पर कब्जे कर लिये थे. इनमें से गत दिनों में 100 परिवारों ने एक साथ महत्वपूर्ण भूमि पर कब्जे कर लिये. तालाब के आगौर में भी यह लोग बस गए इसके पीछे भू-माफियाओं का हाथ भी हो सकता है. यू.आई.टी को मजबूरन इन्हें हटाना पड़ा. हालांकि, अमरसागर क्षेत्र में पहले भी कई पाकिस्तानी विस्थापित निवास कर रहे हैं, लेकिन हमें उनसे कोई दिक्कत नहीं थी. जिन विस्थापितों को हटाया गया हैं वह कैचमेन्ट एरिया में बस गए थे.

विस्थापित हिंदू महिलाएं.

 

विस्थापितों की मुंह जुबानी

पाकिस्तान के रहिमियार खान से भारत आए अजीत राम कहते हैं कि पाकिस्तान से आए 3 महीने हो चुके हैं. वहां पर बहुत दिक्कतों का सामना किया. बच्चों को पढ़ाने के लिए, रोजगार के लिए परेशान हुए. इसके साथ ही धार्मिक उत्पीड़न झेला. हिंदुस्तान हमारा वतन है. अपने वतन आने के लिए बहुत कोशिश कर रहे थे. हमारे दादा परदादा हिंदुस्तान के थे, लेकिन हालात ने साथ नहीं दिया, इसलिए नहीं आ सके.

अजीत राम कहते है कि जो कुछ भी था उसे बेच कर भारत आए. हमारे पास इतना धन नहीं है कि उसे बेच कर जमीन या घर खरीद सकें. यूआईटी ने कच्चे मकान तोड़ दिए. राजस्थान सरकार और जैसलमेर जिला प्रशासन जिला कलेक्टर टीना डाबी ने हमारी पुकार सुनी है. रहने को जगह दी है और खाने-पीने की व्यवस्था भी की है. हम खुश हैं. 

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हिंदू से मुस्लिम बनाया जा रहा

इसी तरह एक अन्य पीड़ित कुर्बान राम ने बताया कि वे पाकिस्तान के सखर जिले में रहते थे. वहीं पर कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. वहां के हालात बहुत बदतर हैं.  हिन्दुआं को जबरन मुसलमान बनाया जा रहा है. जिला कलेक्टर टीना डाबी ने हमारे भील समुदाय पर दया दिखाते हुए मानवता की मिसाल पेश की है. इसलिए जिला कलेक्टर को बहुत-बहुत धन्यवाद.

( इनपुट- विमल भाटिया )

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