स्वतंत्रता दिवस पर BJP के कार्यक्रम में बजा ‘वंदे मातरम्’ का दूसरा वर्जन, राजस्थान अध्यक्ष मदन राठौड़ ने मांगी माफी

राजस्थान भाजपा के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में जयपुर के बड़ी चौपड़ पर झंडा फहराने के बाद असली धुन की जगह अलग म्यूजिक वाला वंदे मातरम बज गया. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने झंडा फहराया था. कार्यक्रम में जयपुर सांसद मंजू शर्मा और विधायक बालमुकुंद आचार्य समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे.

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जयपुर में BJP के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ पर विवाद (File Photo: ANI) जयपुर में BJP के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ पर विवाद (File Photo: ANI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:06 AM IST

जयपुर में राजस्थान भाजपा के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में एक बड़ी चूक हो गई. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने झंडा फहराने के बाद जब वंदे मातरम् बजाने की बारी आई तो असली धुन की जगह अलग म्यूजिक वाला वंदे मातरम् बज गया. इस गलती के लिए मदन राठौड़ ने माफी मांगी और इसे तकनीकी और मानवीय भूल बताया.

यह कार्यक्रम जयपुर के बड़ी चौपड़ पर आयोजित किया गया था. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने मुख्य मंच से राष्ट्रीय ध्वज फहराया. झंडा फहराने के तुरंत बाद कार्यक्रम में असली और पारंपरिक धुन वाला वंदे मातरम् बजाया जाना तय था. लेकिन साउंड सिस्टम पर जो वंदे मातरम बजा वह अलग म्यूजिक वाला था, यानी वह देश में आमतौर पर सुनी जाने वाली पारंपरिक धुन से मेल नहीं खाता था.

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इस कार्यक्रम में जयपुर सांसद मंजू शर्मा, विधायक बालमुकुंद आचार्य समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे. जैसे ही गलत धुन बजनी शुरू हुई, आयोजकों ने तुरंत इसे ठीक करने की कोशिश की. लेकिन तब तक यह घटना वहां मौजूद लोगों और मीडिया कैमरों में रिकॉर्ड हो चुकी थी.

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बाद में मदन राठौड़ ने इस चूक के लिए माफी मांगी. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह कार्यक्रम की व्यवस्था संभाल रही टीम की तरफ से हुई एक तकनीकी और मानवीय भूल थी. उन्होंने कहा, "यह कार्यक्रम की व्यवस्था देख रही टीम की तरफ से हुई तकनीकी और मानवीय भूल थी. मैं इसके लिए माफी मांगता हूं." राठौड़ ने यह भी कहा कि ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी.

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यह मामला इसलिए भी अहम हो गया है क्योंकि यह स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय गौरव के मौके पर हुआ, जहां राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत से जुड़ी हर बात को बेहद संवेदनशील माना जाता है.

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