चुनाव आयोग पर घमासान थमने के बजाय और गहरा गया है. चुनाव आयोग ने कई सवालों पर अपना पक्ष रखा. कहा- SIR का फैसला सर्वसम्मत था, लेकिन सियासत पूछ रही है अगर सब कुछ इतना स्पष्ट था, तो आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों को क्यों नजरअंदाज क्यों किया गया? क्या वाकई EC से भरोसा टूट रहा है या जानबूझकर सियासी पार्टियां तोड़ने की कोशिश कर रही है? देखें दंगल.