तिरंगा सिर्फ एक कपड़ा नहीं, करोड़ों भारतीयों की धड़कन है... उन वीरों के लहू की अमिट स्याही है, जिन्होंने अपनी जवानी हंसते-हंसते भारत माता के चरणों में अर्पित कर दी. आज इतिहास के पन्नों से महकती हवाएं कुछ अलग ही पैगाम ला रही हैं... आज वो पावन दिन है, जब गगनचुंबी इमारतों से लेकर बर्फीली चोटियों और रेगिस्तानों की रेत तक... समंदर की लहरों से असीम आसमान तक... सुदूर, दुर्गम और आदिवासी अंचलों से लेकर हर चौक, चौराहे और नुक्कड़ तक... बस एक ही स्वर गूंज रहा है... 'भारत माता की जय'. देखें...