पेपर लीक के खिलाफ चल रहे घमासान में कल रात नया मोड आ गया.. जब सोनम वांगचुक ने सरकार के लिखित आश्वासन के बाद अपना अनशन खत्म कर दिया... लेकिन असली सवाल ये है कि क्या अनशन खत्म होने से आंदोलन खत्म हो गया है? या फिर कहानी का असली ट्विस्ट आना अभी बाकी है? एक तरफ सोनम वांगचुक का ये कहना कि कि... वो सरकार को डिक्टेट कैसे कर सकते हैं... और दूसरी तरफ कॉकरोच जनता पार्टी का शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहना.... ये बताता है कि आंदोलन अब दो-राहे पर खड़ा है. देखें...