किसी का बेटा गया तो किसी का भाई, बच्चों के सिर से उठा पिता का साया... आर्थिक तंगी ने लील ली 4 जिंदगियां, होटल मैनेजमेंट पर FIR

उज्जैन के श्रीगंगा होटल में 31 अक्टूबर को फूड वेस्ट चेंबर की सफाई के दौरान चार कर्मचारियों की मौत हो गई. पुलिस ने होटल मैनेजमेंट के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. अब तमाम सामाजिक संगठन भी हादसे में मृत लोगों के परिवार की चिंता लिए सडक पर जमा होकर न्याय मांग रहे हैं...

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पीड़ित परिजनों ने सरकार से की 1 करोड़ मुआवजे की मांग.(Photo:ITG) पीड़ित परिजनों ने सरकार से की 1 करोड़ मुआवजे की मांग.(Photo:ITG)

संदीप कुलश्रेष्ठ

  • उज्जैन,
  • 04 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:56 PM IST

मध्य प्रदेश के उज्जैन में देवास रोड स्थित श्रीगंगा होटल में हुए हादसे ने चार परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया. 31 अक्टूबर की रात फूड वेस्ट चेंबर की सफाई के दौरान चार कर्मचारियों की मौत हो गई. परिवार की जरूरतें पूरी करने और अतिरिक्त कमाई की उम्मीद में काम पर गए वाहिद, कमलेश, मनोज और नितिन अब घर नहीं लौटेंगे. किसी परिवार ने बेटा खोया, तो किसी ने भाई और किसी के बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया.

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पुलिस के मुताबिक, चारों कर्मचारी होटल के फूड वेस्ट चेंबर की सफाई के दौरान उसमें गिर गए. चेंबर में मौजूद जहरीली गैस से दम घुटने के कारण उनकी मौत हो गई. उन्हें बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन किसी की जान नहीं बचाई जा सकी. बचाव के दौरान दो अन्य लोगों की तबीयत भी बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया.

सफाई के दौरान एक के बाद एक चेंबर में गिरे कर्मचारी

यह हादसा देवास रोड स्थित श्रीगंगा होटल में हुआ. बताया गया कि फूड वेस्ट चेंबर में मिठाई निर्माण इकाई से निकलने वाला कचरा, पानी, चाशनी, घी-तेल और अन्य अवशेष जमा होते हैं. शनिवार रात कर्मचारी इसकी सफाई करने पहुंचे थे.

होटल संचालक चेतन गुप्ता के मुताबिक, चेंबर की सफाई मोटर से की जा रही थी. इसी दौरान कुछ फंस गया, जिसे हटाने के लिए कर्मचारी चेंबर में उतरे. उनका कहना है कि पैर फिसलने के बाद एक के बाद एक कर्मचारी अंदर गिर गए और हादसा हो गया.

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सूचना मिलने पर माधव नगर थाना पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. चेंबर को तोड़ने और काटने के लिए हथौड़ों और कटर मशीन का इस्तेमाल किया गया. चारों कर्मचारियों को बाहर निकालकर सीपीआर भी दिया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.

होटल मैनेजमेंट के खिलाफ केस दर्ज

एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया था कि चेंबर में मौजूद जहरीली गैस से दम घुटने के कारण चार लोगों की मौत हुई. बचाव के लिए अंदर गए दो अन्य लोगों की तबीयत भी बिगड़ी थी. उन्होंने कहा था कि सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

घटना के दो दिन बाद माधव नगर थाना पुलिस ने होटल मैनेजमेंट के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी. पुलिस का कहना है कि जांच में जिन लोगों की जिम्मेदारी और लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ आगे कार्रवाई की जाएगी.

परिवारों ने मांगा न्याय, मुआवजे और नौकरी की मांग

हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा है. पोस्टमार्टम के दौरान परिजन न्याय की मांग करते रहे. कुछ लोग होटल के बाहर बैठे रहे, जबकि कई परिवार के सदस्य पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर जमा हुए.

वाल्मीकि समाज के पदाधिकारियों और सामाजिक संगठनों ने भी घटना के विरोध में प्रदर्शन किया. उन्होंने होटल संचालक के खिलाफ हत्या की धारा में मामला दर्ज करने, मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की.

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मुख्यमंत्री ने 4-4 लाख की सहायता घोषित की

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. वहीं, होटल प्रबंधन की ओर से भी मृतकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये की सहायता देने की बात कही गई है.

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल, होटल के चारों आउटलेट बंद

हादसे के बाद चेंबर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान अपनाए जाने वाले तरीकों और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं. सवाल यह भी है कि जब सफाई के लिए मशीनें और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं, तो कर्मचारियों को चेंबर के अंदर उतरने की जरूरत क्यों पड़ी?

उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल ने मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है. प्रशासन ने हादसे के बाद श्रीगंगा होटल के चारों आउटलेट बंद करा दिए हैं. पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं.

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