VIDEO: भाई ने छीना मोबाइल तो 60 फीट ऊंची टंकी पर चढ़ा 12 साल का बच्चा, घंटों अटकी परिजनों की सांसें

मध्य प्रदेश के श्योपुर में मोबाइल गेम खेलने से रोकने पर 12 साल का बच्चा नाराज होकर 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया. बड़े भाई ने मोबाइल छीनकर उसे स्कूल जाने को कहा था. बच्चा करीब डेढ़ घंटे तक टंकी की मुंडेर पर बैठा रहा, जिससे परिजनों की सांसें अटकी रहीं.

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60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ा 12 वर्षीय लड़का. (Photo: Screengrabs) 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ा 12 वर्षीय लड़का. (Photo: Screengrabs)

खेमराज दुबे

  • श्योपुर,
  • 13 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:10 PM IST

महाराष्ट्र के संभाजी नगर में आइफोन को लेकर एक ही परिवार के तीन लोगों के मौत की घटना अभी जहन से उतरी भी नहीं थी कि श्योपुर में भी ऐसा ही एक रोंगटे खड़े करने वाला घटनाक्रम सामने आ गया. बड़े भाई ने फोन छीनकर 12 साल के छोटे भाई को स्कूल जाने को कहा तो वह नाराज होकर 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर जा चढ़ा. करीब डेढ़ घंटे तक टंकी की मुंडेर पर बैठकर जिद पर अड़ा रहा, जिससे परिजनों और स्थानीय लोगों की सांसें अटकी रहीं.

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नाबालिग के इस कदम से नीचे मौजूद परिजनों के हाथ-पांव फूल गए. ऐसे में उन्होंने गिड़गिड़ाकर उसे नीचे बुलाने की कोशिश की. लेकिन वह टस से मस नहीं हुआ. बाद में मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने सूझबूझ से समझाइश दी, तब जाकर बच्चा सुरक्षित नीचे उतरा. 

दरअसल श्योपुर शहर के खातौली रोड निवासी 12 वर्षीय बच्चा मंगलवार सुबह स्कूल जाने के बजाय घर पर मोबाइल में गेम खेल रहा था. जब उसने काफी देर तक मोबाइल नहीं छोड़ा, तो उसके बड़े भाई ने उसे डांटते हुए हाथ से मोबाइल छीन लिया और तुरंत स्कूल जाने की हिदायत दी. इससे नाराज होकर वह पानी की ऊंची टंकी पर जा चढ़ा.

काफी समझाने के बाद पुलिस ने नीचे उतारा
ऐसे में इतनी ऊंचाई पर बैठा देखकर पुलिस और परिजन चिंतित हो गए. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए परिजनों ने तुरंत सिटी कोतवाली पुलिस को सूचना दी. जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी सत्यम गुर्जर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए जल्दबाजी करने के बजाय धैर्य और सूझबूझ से काम लिया.

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पुलिस अधिकारियों ने बच्चे से नरमी से बातचीत शुरू की और उसे भरोसा दिलाया कि नीचे आने पर उसे कोई डांट नहीं पड़ेगी. उसे समझाया गया कि गुस्से में उठाया गया यह कदम उसके लिए खतरनाक साबित हो सकता है. पुलिस ने बालक की नाराजगी दूर करने और उसे सुरक्षित नीचे आने के लिए राजी करने का प्रयास किया.

साइकोलॉजिस्ट ने क्या कहा?
बाल मनोवैज्ञानिकों के अनुसार यह घटना केवल एक बच्चे के गुस्से का मामला नहीं है, बल्कि यह आज के बच्चों में स्क्रीन एडिक्शन से उपजी गंभीर मानसिक स्थिति की ओर इशारा करती है. घंटों मोबाइल स्क्रीन पर गेमिंग और रील्स देखने से बच्चों के दिमाग में डोपामाइन का स्तर तेजी से बदलता है. जब उनसे अचानक मोबाइल लिया जाता है, तो वे अत्यधिक आक्रामक हो जाते हैं. 

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