भोपाल में नहीं मनाया जाएगा तलाक का जश्न, विवाह विच्छेद समारोह कैंसिल, इन्विटेशन कार्ड हुआ था वायरल

भाई वेलफेयर सोसाइटी एक एनजीओ है, जो 2014 में रजिस्टर्ड किया गया था. यह एनजीओ तलाक चाहने वाले पुरुषों के लिए एक हेल्पलाइन भी चलाता है. एनजीओ के एक पदाधिकारी ने बताया था ये समारोह 18 सितंबर को भोपाल के बाहरी इलाके में स्थित एक रिसॉर्ट में आयोजित किया जाना था. विरोध के बाद अब इसे रद्द कर दिया गया है.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 2:19 AM IST

मध्य प्रदेश का राजधानी भोपाल में पहली बार होने वाले 'विवाह विच्छेद समारोह' यानी कि 'तलाक समारोह' का आयोजन रद्द कर दिया गया है. भाई वेलफेयर सोसाइटी की ओर कराए जा रहे इस आयोजन का इन्विटेशन कार्ड सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था, लेकिन विरोध के बाद अब इस आयोजन को कैंसिल कर दिया गया है. 

भाई वेलफेयर सोसाइटी एक एनजीओ है, जो 2014 में रजिस्टर्ड किया गया था. यह एनजीओ तलाक चाहने वाले पुरुषों के लिए एक हेल्पलाइन भी चलाता है. एनजीओ के एक पदाधिकारी ने बताया था ये समारोह 18 सितंबर को भोपाल के बाहरी इलाके में स्थित एक रिसॉर्ट में आयोजित किया जाना था. 

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पहले बताया गया था कि विवाह विच्छेद नाम के इस समारोह में अलग-अलग रस्में होंगी, जिसमें जयमाला विसर्जन, बारात निर्गमन के साथ जेंट्स संगीत, सद्बुद्धि शुद्धिकरण यज्ञ और मानव सम्मान में कार्य करने के लिए सात कदम और सात प्रतिज्ञा दिलाई जाएंगी. इस आयोजन में बीते ढाई साल में मुसीबत बन गई शादीशुदा जिंदगी से तलाक लेकर बाहर आए 18 पुरुषों को विवाह विच्छेद के दस्तावेज भी समारोहपूर्वक दिए जाएंगे. 

संयोजक ने दी कार्यक्रम कैंसिल होने की जानकारी 

इस एनजीओ के संयोजक जकी अहमद ने रविवार शाम को न्यूज एजेंसी को बताया कि कुछ संगठनों के विरोध के कारण रिसॉर्ट मालिक द्वारा कार्यक्रम स्थल की बुकिंग रद्द कर दी गई, जिसके बाद भाई वेलफेयर सोसाइटी ने इस कार्यक्रम को आयोजित नहीं करने का फैसला लिया है. उन्होंने कहा, "हम कोई विवाद नहीं चाहते हैं क्योंकि हमारा मुख्य काम कानूनी सहायता प्रदान करना और लोगों को संकट से उबरने में मदद करना है." 

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भारतीय संस्कृति के खिलाफ कार्यक्रम करने का दावा 

उन्होंने पहले कहा था कि एक छोटे ग्रुप के लिए आयोजित कार्यक्रम का निमंत्रण सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. एनजीओ के संयोजक के मुताबिक, उन्हें ऐसे लोगों के फोन आ रहे हैं, जो इसका विरोध कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि यह भारतीय संस्कृति के खिलाफ है. 

उन्होंने कहा कि इस ग्रुप के लोग लंबे समय से चली आ रही लड़ाई और खराब शादियों से बाहर निकलने के लिए भारी भरकम गुजारा भत्ता देने के बाद पहले से ही अपने तलाक का जश्न मना रहे थे. अहमद ने कहा कि हम तलाक का समर्थन नहीं करते हैं, लेकिन खराब शादी से उत्पीड़न और कभी-सुसाइड भी होती हैं, हम इसे रोकना चाहते हैं. हमारा मकसद कानूनी मदद मुहैया कराना है. 

 

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