मध्य प्रदेश के कटनी बहुचर्चित जमीन डील मामले में FIR दर्ज होते ही नया मोड़ सामने आया है. कटनी के कुठला थाने में CSP नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ मामला दर्ज होने की जानकारी मिलते ही तीनों फरार हो गए हैं. जिस वक्त कटनी में CSP नेहा पच्चीसिया के खिलाफ एफआईआर हुई थी, उसी दौरान वह भोपाल में 18 से 20 अगस्त तक विभाग की एक ट्रेनिंग में थी. केस की जानकारी लगते ही वहां से गायब हो गई.
इसके साथ ही नेहा के निकट संबंधी पार्टनर क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी भी गायब हो गए. इसके साथ ही सीएसपी कार्यालय को सील भी किया गया है. पुलिस अब तीनों आरोपियों की तलाश कर रही है है और गिरफ्तारी के लिए जल्द ही एसआईटी गठित हो सकती है. इसी बीच सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने गिरफ्तारी से बचने कटनी जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका पेश की है.
CSP खुद का भविष्य न देख सकीं!
दिलचस्प पहलू यह है कि नेहा पच्चीसिया एस्ट्रोलॉजी में गहरी रुचि रखती थी. ये लोगों की जन्म पत्रिका व ग्रह नक्षत्रों के आधार पर नग धारण करने, पूजा करने आदि की सलाह निशुल्क रूप से देती थी. पर शायद ही खुद वह अपने ग्रह नक्षत्रों और खराब समय का अनुमान नहीं कर सकी और उसकी मुश्किलें बढ़ती चली गईं.
1.07 करोड़ की जमीन
दरअसल, यह पूरा मामला हत्या के आरोप में जेल भेजे गए आकाश लोधी के परिवार की करीब 2.15 हेक्टेयर जमीन की बिक्री से जुड़ा है. आरोप है कि आकाश के जेल जाने के बाद उसके परिवार पर जमीन बेचने का दबाव बनाया गया.
18 लाख में रजिस्ट्री का पूरा खेल
शिकायत में दावा किया गया कि तत्कालीन CSP नेहा पच्चीसिया के कथित दबाव में आकाश के पिता रमेश लोधी को दो दिन तक घर पर बैठाकर रखा गया और बाद में सरकारी वाहन से कन्हवारा ले जाकर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई.
शिकायत के मुताबिक, जमीन का सौदा करीब 1 करोड़ 7 लाख रुपये में तय हुआ था. रजिस्ट्री के समय कथित तौर पर सिर्फ 15 लाख रुपये का चेक दिया गया और बाकी 92 लाख रुपये सात दिन में देने की बात कही गई, लेकिन रकम नहीं मिलने का आरोप है.
जांच में सरकारी गाइडलाइन के अनुसार, जमीन की कीमत करीब 82.86 लाख रुपये बताई गई, जबकि रजिस्ट्री में करीब 18.20 लाख रुपये के भुगतान का उल्लेख होने की बात सामने आई. जांच में बैंक लेनदेन भी अहम कड़ी बना.
आरोप है कि क्षितिज राज के खाते से 15 लाख रुपये मारूफ अहमद हनफी के खाते में ट्रांसफर किए गए. शिकायत में क्षितिज राज को नेहा पच्चीसिया का कथित पार्टनर और संबंधी बताया गया है. इसी बीच हत्या के मामले में भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठे.
आरोप है कि आकाश लोधी के खिलाफ समय सीमा के भीतर चालान पेश नहीं किया गया, जिसके चलते उसे डिफॉल्ट बेल मिल गई. जेल से बाहर आने के बाद आकाश ने जमीन सौदे को लेकर शिकायत दर्ज कराई.
मामला मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक पहुंचा और वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर जांच शुरू हुई. जांच में जमीन की रजिस्ट्री, बैंक खातों के लेनदेन, कथित दबाव और हत्या के मामले की पुलिस कार्रवाई समेत कई पहलुओं को खंगाला गया.
इसके बाद कुठला थाने में नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ FIR दर्ज की गई. अब FIR के बाद तीनों के भूमिगत होने की खबर ने मामले को और गंभीर बना दिया है. पुलिस उनकी तलाश में जुटी है.
वहीं, सरकार ने भी सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर नेहा पच्चीसिया के निलंबन की कार्रवाई की है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था के मामलों में लापरवाही, दबाव या पद के दुरुपयोग को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि एफ आई आर के बाद तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में कब आते हैं?
अमर ताम्रकार