40 साल से प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टर को बनाया जा रहा बलि का बकरा, IMA का फूटा गुस्सा, कहा- गलती सिरप बनाने वाली कंपनी की है

IMA ने मांग की है कि डॉ. प्रवीण सोनी को दोषमुक्त किया जाए, संबंधित दोषियों (दवा कंपनी) पर सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में किसी भी डॉक्टर के साथ इस तरह की घटना की न हो. 

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डॉक्टर पर की गई कार्रवाई को IMA ने दवा कंपनी को बचाने की साजिश बताया.(Photo:Screengrab) डॉक्टर पर की गई कार्रवाई को IMA ने दवा कंपनी को बचाने की साजिश बताया.(Photo:Screengrab)

पवन शर्मा

  • छिंदवाड़ा,
  • 06 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 1:01 PM IST

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीली कफ सिरप Coldrif से बच्चों की मौत मामले में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को निलंबित करने और उन पर FIR दर्ज करने की कार्रवाई पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कड़ा विरोध जताया है. IMA ने कलेक्टर को पत्र लिखकर डॉक्टर के खिलाफ हुई कार्रवाई को गलत बताया है और उन्हें दोषमुक्त करने की मांग की है.

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शनिवार रात परासिया थाना में डॉ. प्रवीण सोनी और तमिलनाडु की दवा निर्माता कंपनी मेसर्स श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी.

IMA छिंदवाड़ा ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि असली दोषी कंपनी है. गलती दवाई बनाने वाली कंपनी की है, इसमें डॉक्टर प्रवीण सोनी की गलती नहीं है.

डॉक्टर की गिरफ़्तारी पर IMA केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से बात करेगा. IMA का कहना है कि कफ सिरप की वजह से जो हुआ उसके लिए डॉक्टर जिम्मेदार क्यों है?  

IMA अब गिरफ्तार डॉक्टर को रिहा करने की मांग कर रहा है. एसोसिएशन की एक टीम छिंदवाड़ा जाएगी और स्थानीय अधिकारियों से मुलाकात करेगी. 

CM के निर्देश पर निलंबन और FIR
मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री तरुण राठी ने डॉ. प्रवीण सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं. निलंबन का कारण बताया है कि डॉ. सोनी पर निजी प्रैक्टिस के दौरान इलाज में 'गंभीर लापरवाही' बरती और 'अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा से नहीं किया. 

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FIR की धाराएं
डॉ. प्रवीण सोनी और कंपनी के संचालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 105, 276 और औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा 27A के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई है. 

पुलिस का कहना है कि डॉ. सोनी की लिखी गई दवाइयों से बच्चों की किडनी पर विपरीत प्रभाव पड़ा और कुछ बच्चों की दु:खद मृत्यु हो गई. इन सिरप का सेवन करने के बाद शिशुओं को तेज बुखार और पेशाब में कठिनाई हुई.

स्थानीय समर्थन और मेडिकल स्टोर सील

डॉ. प्रवीण सोनी के निजी क्लिनिक के पास ही उनकी पत्नी ज्योति का मेडिकल स्टोर है, जहां से Coldrif सिरप मिलती थी. फिलहाल, क्लिनिक और मेडिकल स्टोर दोनों सील कर दिए गए हैं.

यह भी पढ़ें: '10 साल से लिख रहा हूं Coldrif सिरप, फॉर्मूलेशन देखना मेरा काम नहीं', बोले डॉ. प्रवीण सोनी

परासिया के अन्य मेडिकल स्टोर संचालक भी डॉ. सोनी का समर्थन कर रहे हैं. उनका कहना है कि डॉ. सोनी 40 साल से प्रैक्टिस कर रहे हैं और उनके पास दूर-दूर से लोग बच्चे लेकर आते हैं. उनकी राय है कि दवाई का कोई बैच अमानक हो गया होगा, जिससे मौतें हुई हैं.

उधर, Coldrif सिरप के सैम्पल अमान्य पाए जाने के बाद ही इसे पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित किया गया है.  जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है, इसमें शामिल ड्रग इंस्पेक्टर व प्रशासनिक ऑफिसर तमिलनाड़ जाएंगे. बता दें कि तमिलनाडु के कांचीपुरम में ही यह दवाई तैयार होती है. 

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यह भी पढ़ें: जानलेवा कफ सिरप! तमिलनाडु-केरल में भी बैन, 6 राज्यों में जांच... 14 मासूमों की मौत के बाद Coldrif पर एक्शन

वहीं, सिरप से मौतों के बाद जबलपुर के स्टॉकिस्ट की दुकान सील कर दी गई है. जबलपुर के ही कटारिया फार्मासिस्ट से 554 सिरप की शीशियां छिंदवाड़ा के तीन डिस्ट्रीब्यूटरों को भेजी गई थीं.  

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