मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने धार और झाबुआ जिले के किसानों को बड़ी सौगात दी. उन्होंने 2387.60 करोड़ रुपये की लागत वाली नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना का उद्घाटन किया. इस परियोजना से दोनों जिलों के 260 गांवों में 57 हजार 422 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होगी. इससे करीब 72 हजार किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है.
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान परियोजना के रूट मैप की समीक्षा की और शिलान्यास किया. इसके साथ ही 188 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में 317.86 करोड़ रुपये भी ट्रांसफर किए गए.
72 हजार किसानों को मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरदार सरोवर बांध के बाद धार-झाबुआ क्षेत्र को विभिन्न परियोजनाओं के जरिए नर्मदा का पानी मिल रहा है. इसी कड़ी में माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी.
उन्होंने कहा कि सूखे खेतों को पानी मिलने से फसलों की पैदावार और किसानों की समृद्धि बढ़ेगी. राज्य सरकार का लक्ष्य कृषि और उद्योग सहित हर क्षेत्र में विकास करना है.
मध्य प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2002-03 तक मध्य प्रदेश में केवल 7.5 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती थी. उनके मुताबिक, भाजपा सरकार बनने के बाद वर्ष 2023 तक यह क्षेत्र बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हो गया.
उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 60 लाख हेक्टेयर किया गया है. अब सरकार इसे 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है.
पीएम मित्र पार्क से 6 लाख कपास किसानों को फायदा
मुख्यमंत्री ने धार में प्रस्तावित पीएम मित्र पार्क का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस परियोजना से निमाड़-मालवा क्षेत्र के करीब 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा.
पीएम मित्र पार्क में एक ही जगह कपास से धागा, धागे से कपड़ा और कपड़े से रेडीमेड गारमेंट्स बनाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी. मुख्यमंत्री के मुताबिक, इससे 3 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे. उन्होंने कहा कि इससे धार और झाबुआ के युवाओं, किसानों और महिलाओं को रोजगार के लिए पलायन करने की मजबूरी कम करने में मदद मिलेगी.
धार को मिली सड़क, पुल और स्वास्थ्य सुविधाओं की सौगात
मुख्यमंत्री ने बताया कि धार जिले में करीब 2,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी गई है. इनमें माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना, 25 करोड़ रुपये की लागत वाले चार पुल, 15 करोड़ रुपये की स्कूल इमारत और 50 बिस्तरों वाला अस्पताल शामिल हैं.
इसके अलावा 188 करोड़ रुपये की लागत वाली 35 नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि धार को जल्द ही मेडिकल कॉलेज की सुविधा भी मिलेगी. उन्होंने यह भी कहा कि जिले में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है.
अमका-झमका माता स्थल को तीर्थ के रूप में विकसित करने की तैयारी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने धार जिले के अमका-झमका माता स्थल का भी उल्लेख किया. मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने इसी स्थान पर रुक्मिणी से विवाह किया था. मुख्यमंत्री ने बताया कि इस स्थल को श्री कृष्ण पाथेय योजना में शामिल कर तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है.
किसानों को मिलेंगी साल में तीन फसलें: कैलाश विजयवर्गीय
शहरी विकास एवं आवास मंत्री और धार जिले के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य में 100 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का लक्ष्य तय किया है. उन्होंने दावा किया कि माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के किसान नर्मदा और माही नदियों के पानी का इस्तेमाल कर साल में एक के बजाय तीन फसलें ले सकेंगे.
केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण और युवाओं के कौशल विकास सहित तमाम क्षेत्रों में काम कर रही है.
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि परियोजना के माध्यम से झाबुआ, पेटलावद, थांदला और सरदारपुर में नर्मदा का पानी उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि कुछ इलाके अभी परियोजना से छूट गए हैं, जिन्हें जल्द ही इसमें शामिल किया जाएगा.
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