10वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान वॉशरूम में छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म, घरवालों को प्रेग्नेंसी की खबर तक नहीं

MP बोर्ड 10वीं की परीक्षा के दौरान एक छात्रा ने परीक्षा केंद्र के बाथरूम में बच्चे को जन्म दिया. इस घटना ने न केवल शिक्षा विभाग बल्कि समाज के सामने भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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बोर्ड परीक्षा के दौरान छात्रा की प्री-मैच्योर डिलीवरी.(Photo: Representational) बोर्ड परीक्षा के दौरान छात्रा की प्री-मैच्योर डिलीवरी.(Photo: Representational)

aajtak.in

  • धार,
  • 26 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:44 AM IST

MP News: धार जिले में 10वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान एक नाबालिग छात्रा ने स्कूल के वॉशरूम में बच्चे को जन्म दे दिया. इस घटना से परीक्षा केंद्र में हड़कंप मच गया. जच्चा-बच्चा को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. जहां दोनों की हालत स्थिर है. 

धार ASP पारुल बेलापुरकर ने बताया कि छात्रा एक प्राइवेट स्कूल में बने परीक्षा केंद्र पर पेपर देने पहुंची थी. उसने करीब डेढ़ से दो घंटे तक गणित का पेपर हल किया. अचानक छात्रा ने पेट में तेज दर्द की शिकायत की और वॉशरूम जाने की इजाजत मांगी. 

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वॉशरूम जाने के कुछ देर बाद वहां से नवजात बच्चे के रोने की आवाज आई. वहां मौजूद महिला कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति देखकर दंग रह गई. छात्रा ने एक बच्चे को जन्म दिया था. 

परीक्षा केंद्र में अफरा-तफरी मच गई. आनन-फानन में 108 एंबुलेंस को बुलाया गया और जच्चा-बच्चा को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. शुरुआती जांच में पता चला है कि बच्चा 34 हफ्ते (करीब 8 महीने) का है. यानी यह एक प्री-मैच्योर डिलीवरी थी. वर्तमान में मां और बच्चा दोनों की स्थिति पर डॉक्टर नजर रखे हुए हैं. 

पुलिस की पूछताछ में इस मामले में कई सनसनीखेज पहलू सामने आए हैं. छात्रा के परिजनों ने बताया कि उसकी सगाई हो चुकी थी और वे 18 साल की होने पर उसकी शादी करने वाले थे. हालांकि, छात्रा ने पुलिस को बताया कि बच्चा उसके मंगेतर का नहीं, बल्कि उसके प्रेमी का है. 

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छात्रा ने बताया कि उसकी मुलाकात प्रेमी से 2024 में एक गरबा कार्यक्रम के दौरान हुई थी, जिसके बाद उनके बीच संबंध बने. वह पिछले दो साल से उसके संपर्क में थी. छात्रा की मां और पिता ने दावा किया है कि उन्हें अपनी बेटी की प्रेग्नेंसी की भनक तक नहीं थी. 

पुलिस अधिकारी ने aajtak.in को बताया, चूंकि छात्रा नाबालिग है, इसलिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है. पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत जीरो पर FIR दर्ज कर ली है. प्राथमिक जांच के बाद मामले को इंदौर जिले के बेटमा पुलिस को स्थानांतरित किया जा रहा है.

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