Sahitya AajTak Kolkata 2024: 600 से ज्यादा गाए गाने पर फिल्मों में Abhijeet Bhattacharya को क्यों नहीं दिलचस्पी? बताया इंडस्ट्री का सच

Sahitya AajTak Kolkata 2024: साहित्य आजतक कोलकाता 2024 के दूसरे दिन बॉलीवुड के मशहूर सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य ने शिरकत की, उन्होंने साहित्य के मंच पर बताया कि आखिर वो सिंगर कैसे बने. इसके साथ उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को भी याद किया.

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अभिजीत भट्टाचार्य अभिजीत भट्टाचार्य

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 10:12 PM IST

Sahitya AajTak Kolkata 2024: सितारों से सजे साहित्य आजतक कोलकाता 2024 के दूसरे दिन का भी धमाकेदार आगाज हुआ. साहित्य के महाकुंभ के दूसरे दिन मशहूर बॉलीवुड सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य ने अपनी मौजूदगी से चार चांद लगाए. सेशन में अभिजीत भट्टाचार्य ने सिंगिंग की दुनिया की बारीकियों पर बात की. साथ ही दिग्गज कलाकार आरडी बर्मन और लता मंगेशकर जैसे सितारों संग काम करने के एक्सपीरियंस को भी साझा किया.

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अभिजीत भट्टाचार्य कौन हैं, बंगाली या कानपूर (यूपी) वाले? 
इस सवाल पर सिंगर बोले- किशोर कुमार साहब खंडवा के रहने वाले थे. बहुत से सेलिब्रिटीज हैं, जो बंगाल के नहीं हैं. इसलिए ये जरूरी नहीं है कि मुझे बंगाली समझ आती है या नहीं. अगर किसी को यूपी की भाषा समझ नहीं आती, तो मैं बंगाली में समझा देता हूं और अगर किसी को बंगाली समझ नहीं आती तो मैं वो भी प्यार से समझा देता हूं. अभिजीत हंसते हुए बोले- बंगाली में दो चीजें फेमस हैं, बंगाली स्वीट और बंगाली टाइगर, तो हम दोनों तरह से समझा देते हैं. मेरे साथ जब बंगाल का नाम जुड़ता है तो मुझे अच्छा लगता है. 

आरडी बर्मन ने दिया था अभिजीत को ब्रेक

आरडी बर्मन संग काम करने पर अभिजीत बोले- आरडी बर्मन के साथ काम करने का सपना देखना हिम्मत की बात है. मैं इकलौता सिंगर था, जिन्होंने उनके साथ काम किया. ये मेरी उपलब्धि है. उस समय आरडी बर्मन शायद जिंदगी में पहली बार किसी को ब्रेक देने वाले थे. उन्होंने पहली बार ब्रेक मुझे दिया. मैं इकलौत वो सिंगर हूं. उन्होंने अपने टाइम में नए सिंगर्स को काफी प्रमोट किया, लेकिन किसी को ब्रेक नहीं दिया. कई सिंगर्स को अगर ऐसा लगता है कि उन्होंने आरडी बर्मन के साथ काम नहीं किया तो ठीक है, क्योंकि उनके साथ काम करने के लिए किसी किसी सिंगर को एक मुकाम तक पहुंचना पड़ता था. लेकिन शायद मैं उस मुकाम पर था, जब उन्होंने मुझे सुना, तो उन्होंने कुछ महीने लिए, लेकिन मुझसे गाना गवाया और मुझे ब्रेक दिया. लेकिन प्रॉब्लम ये हुई कि फिल्म फ्लॉप हो गई. जब मुझे ब्रेक मिला तो मेरी शुरुआत पर ही ब्रेक लग गया. 

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आरडी बर्मन के साथ उस समय मैं बैठा हूं, जब उनके साथ कोई नहीं बैठा था. कई लोग मेरे जरिए उनके एक्सपीरियंस को रिकॉल करते हैं. मैं जब पहले जाता था, तो उनका दरजावा मेरे मुंह पर बंद होता था. लेकिन उसके बाद ऐसे समय पर गया था जब उनका दरवाजा मेरे लिए खुला रहता था. कोई रोकने वाला नहीं था, ना कोई वेलकम करने वाला था. लेकिन जब मैं उनके साथ बैठता था तो उनके अंदर कुछ ऐसा था कि वो देखकर कमरे के अंदर चले जाते थे. 

उस समय मेरे दो गाने बहुत हिट हुए थे. एक ओले-ओले और दूसरा वादा रहा सनम. तो पंचम दा मुझे बोलते थे तुम हमेशा काम मांगने आते थे अब क्यों आए हो? मैंने कहा मैं बस आपके चर्णों को देखने आया हूं. मुझे बस अपने चर्णों को देखने दीजिए, क्योंकि मेरी इतनी हिम्मत नहीं थी कि मैं उनके साथ सिर उठाकर बात कर लूं.

अभिजीत ने बताई सिंगर्स के लिए माइक की अहमियत
सेशन के दौरान अभिजीत से कहा गया कि उनकी आवाज को हमेशा फ्रेश कहा गया, मतलब किसी और के जैसी नहीं थी. इसलिए उनकी आवाज की खनक लोगों में बस गई. इस पर सिंगर बोले- अगर मेरे सामने माइक नहीं होगा और मैं बात करूंगा तो लोगों को सुनाई नहीं देगा. अगर माइक ना हो तो ना किशोर कुमार बनता, ना लता जी होतीं और ना अभिजीत होता. 

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पहले कितने संगीतकार होते थे, लेकिन उस वक्त माइक नहीं होता था. धीरे-धीरे माइक बना ताकि, सिंगिंग लोगों तक पहुंचे, लेकिन अगर माइक नहीं बनता तो कोई सिंगर नहीं होता. मैं अगर बिना माइक के कुछ बोलूं तो लोग नहीं सुन पाएंगे, माइक पर गाना एक बहुत बड़ा एक्सपीरियंस है, जिसे आपको कोई सिखा नहीं सकता. 

अभिजीत आगे बोले- मैं गानों में जो एक्सप्रेशन्स देता हूं, तो उसपर लिपसिंक करके एक्टर हीरो बन जाते हैं. मैं बहुत फिल्मी इंसान नहीं हूं. जब मुझे गाना मिला-टन टना टन.. तो मैंने गोविंदा को सोचकर वो गाया. मुझे लगा कि ये गाना गोविंदा पर फिल्माया जाएगा, इसलिए मैंने गाने में एक्सप्रेशंस गोविंदा के लिए दिए थे. मुझे नहीं पता था कि ये गाना सलमान पर होगा. वरना में एक्सप्रेशन्स अलग रखता. 

फिल्मों से अभिजीत को क्यों नहीं लगाव?
इस पर सिंगर बोले- सब हीरो छोटी हाइट के हैं. सारे हीरो बैलबॉटम पहनते हैं. अपनी हाइट लंबी दिखाने के लिए. मैंने देखा है. लेकिन मैं किसी का नाम नहीं ले रहा और उनकी हीरोइनें 6-6 फीट की होती हैं. एक्टर पिता की उम्र में भी बॉयफ्रेंड का रोल करते हैं और हीरोइनें बदल जाती हैं. इसलिए मैं फिल्में नहीं देखता. कई बार तो पूरी फिल्में मास्क पहनकर कोई और करता है. सिर्फ एक-दो शॉट में हीरो होता है, इसलिए मुझे फिल्मों में इंटरेस्ट नहीं है. 

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शादी के बाद संवरा अभिजीत का करियर
अभिजीत बोले- मेरी नई-नई शादी हुई थी. शादी के बाद डिप्रेशन में चला गया था कि कैसे संभालूंगा. नया-नया घर लिया. इंस्टॉलमेंट देनी थी. गाड़ी भी नहीं थी. सनातन धर्म में बोलते हैं कि बीवी के पांव पड़े. सिर्फ पत्नी नहीं, हमारे घर में मां, बेटियां, बहू सब लक्ष्मी होती हैं और फिर शादी के बाद ऐसा हुआ कि मैं क्लीन बोल्ड जीरो पर आउट होने वाला अचानक छक्के मारने लगा. 

मैं जिस प्रोड्यूसर के चक्कर काटता था, जहां चांस नहीं मिला, वहां से मुझे बुलाया गया. गाना मिला, कहा गया कि तू अपने स्टाइल से गा दे. कविता कृष्णमूर्ति जी के साथ डूइट गाना था, मुझमें कॉन्फिडेंस था कि आज तो मुकाबला करके रहूंगा. गाना था-हर कसम से बड़ी है कसम प्यार की...वो बहुत धीमें गा रही थीं, वो जब अंतरे में सॉफ्ट हुईं, तो मैं लाउड हो गया. लेकिन फिर मैंने उनके स्टाइल से ही गाया. फिर मुझे बोला गया कि प्रोड्यूसर ने दूसरा गाना भी मुझे ही दे दिया है.- वो गाना था- चांदनी रात है...

सिंगिंग को कैसे चुना करियर?
अभिजीत से पूछा गया कि वो पढ़ाई में काफी अच्छे थे, फिर उससे निकलकर सिंगर बनना कैसे हुआ? इस सवाल पर अभिजीत बोले- मैं पढ़ने में अच्छा था. परिवार में मैं पहला बच्चा था, जिसने फर्स्ट क्लास स्कोर किया था. यूपी में फर्स्ट क्लास लाना बहुत मुश्किल होता है. यूपी वालों को सबसे कम नंबर हिंदी में मिलते हैं, जबकि दूसरे राज्य वालों को 90 प्रतिशत नंबर हिंदी में मिल जाते हैं. 

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हिंदी भाषा की अहमियत पर क्या बोले अभिजीत?
बंगाल में हम लोग नौकरी ढूंढते हैं. लेकिन बंगाली में शिक्षा का मतलब असल में संस्कार होता है. शिक्षा और संस्कार में बहुत फर्क है. हर बंगाली अब ये बोलता है कि बच्चों को अब्रॉड में भेजना है. मतलब आप अपने बच्चों को खुद अलग कर रहे हैं. इंडिया में पढ़ाई करके लोग बड़ी कंपनी के सीईओ बनते हैं. इंडियन होकर यही पढ़कर यही नौकरी करनी चाहिए.

देश के बड़े-बड़े स्कूलों में इंग्लिश बोली जाती है. कई इंस्टीट्यूट्स का विदेश में सेंटर खुल रहा है. लेकिन गाने तो हिंदी में चलते हैं, डायलॉग हिंदी में हैं, फिर अवॉर्ड जीतने पर लोग इंग्लिश में स्पीच क्यों देते हैं? बंगाली और साउथ इंडियन्स को देखिए, जब उन्हें कोई पुरस्कार मिलता है, तो वो अपनी ही भाषा में बात करते हैं. कहीं ना कहीं इसे रेस्ट्रिक्ट करना होगा. अगर आप क्षेत्र में हैं तो फिर क्षेत्र में ही रहो. 

मेरी मां हमेशा कहती थीं कि हम बंलागी हैं. राष्ट्र धर्म की बात करूं तो वो हिंदू है. हालांकि, उसमें मुसलमान भी आते हैं. अब आप कोई भी मतलब निकाल लीजिए. आप ये कहना बंद कर दो कि हम बंगाली हैं, हम साउथ इंडियन हैं. गुजरात में नवरात्रि मनाते हैं, तो मुंबई में दुर्गा पूजा ग्रैंड लेवल पर सेलिब्रेट होता है. 

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हिंदी को थोपने के इल्जाम पर क्या बोले अभिजीत?
इंग्लिश समझना बंद कर दो, आप चीन, जापान में जाते हैं तो वहां देखिए उन्हें इंग्लिश नहीं आती. लेकिन एक बंगाली शानदार हिंदी बोलता है. सिर्फ वो लोग जेंडर चेंज कर देते हैं. मेल को फीमेल जेंडर में जोड़ देते हैं. आप इंग्लिश समझना बंद कर दो तो सब लोग हिंदी बोलने लगेंगे. विदेश में साऊदी अरब में सब जगह लोग अच्छी हिंदी बोलते हैं. 

आज के सिंगर्स में कितना दम
नई जनरेशन के सिंगर्स के लिए अभिजीत बोले- आज के सिंगर्स के लिए गाना गाना और रिकॉर्ड करना बहुत आसान है, क्योंकि अब बहुत सुविधाएं हो गई हैं. जो सिंगर कहता है कि माइक मैं में वन टेक में गाऊंगा, तो वन टेक होता ही नहीं.

लता मंगेशकर संग कैसा रहा अभिजीत का एक्सपीरियंस?
उनके साथ गाने का मौका कम मिला. उनके साथ गाना मतलब बहुत बरसों का इंतजार करने जैसा था. मैंने उनके साथ डबिंग की है, लेकिन एक साथ कभी माइक में नहीं गाया. 

प्रोफेशनल जेलसी पर क्या बोले अभिजीत?
अगर मैं अवॉर्ड में हूं, मेरा नॉमिनेशन है और अवॉर्ड मुझे नहीं मिला, तो मैं बनावटी होकर खुश होकर नहीं दिखाऊंगा कि मुझे अवॉर्ड नहीं मिला. आज कल बहुत आर्टिफिशियल है, लेकिन मैं वैसा नहीं कर पाता हूं. हम आर्टिस्ट के बीच हेल्दी कॉम्पिटीशन होता है, जो होना बहुत जरूरी है, वरना आप किसी परीक्षा में पास नहीं हो सकते.  

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शाहरुख खान संग मनमुटाव पर क्या बोले अभिजीत?
शाहरुख खान सिंगर नहीं हैं. वो एक्टर हैं. मैंने उन्हें अपनी आवाज दी है, उनकी आवाज मुझे नहीं मिली है. अगर मैं उनकी आवाज में गाऊं तो मैं चल ही नहीं पाऊंगा. आज के दिन गाना हर इंसान को आता है. मेरा काम है हीरो लोगों को अपनी ट्यून पर डांस करवाना. आज कल सभी लोग गा रहे हैं. हमारे टाइम में हार्मोनियम होता था अब लोगों के आगे लैपटॉप रखा रहता है. 

नई जनरेशन के सिंगर्स पर अभिजीत की राय
मैं देखता हूं कि मेरे गाने पर 3 मिलियन व्यूज हैं, लेकिन जो मेरे गाने को रीमिक्स करके गा रहा है, उसके गाने पर 300 मिलियन व्यूज हैं. सिंगिंग में लैपटॉप कल्चर जो आया है, उससे बेसुरे लोग भी सुर में गा रहे हैं. 

आज के सिंगर्स बहुत टैलेंटेड हैं, लेकिन प्रॉब्लम ये है कि सभी एक जैसे लगते हैं. सभी हिट हो रहे हैं. लेकिन लोगों को ये नहीं पता कि गा कौन रहा है. मैंने जो खराब गाना भी गाया है, वो भी लोगों को पता है कि ये मेरा गाना है. अभी जो सिंगर्स गा रहे हैं, सभी बहुत अच्छा गा रहे हैं. लेकिन काम उन्हीं लोगों को मिल रहा है, जो बहुत अच्छे हैं. 

कौन सा है अभिजीत का अपना फेवरेट गाना?
फेवरेट गाने पर सिंगर बोले- फेवरेट गाना उनसे पूछ सकते हैं जिनके 6-7 गाने हों. मैंने 6 हजार से ज्यादा गाने गाए हैं. मेरा जो फेवरेट गाना होता है वो कभी भी कमर्शियली हिट नहीं हुआ...जैसे रोशनी से भरे भरे, भरे भरे नैना तेरे.... एक दूसरा गाना जो तब हिट नहीं हुआ, लेकिन वो अब वायरल है- वो लड़की जो सबसे अलग है...

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