मई में ही पूरे भारत में प्रंचड गर्मी देखने को मिल रही है. सूरज की किरणें मानों आग जैसे सिर पर बरस रही हैं, जो न लोगों को घर के बाहर जीने दे रही हैं और न ही अंदर. भीषण गर्मी के कारण घर भी बुरी तरह से तप रहे हैं कि वहां भी मिनटों में लोग पसीने से तरबतर हो जा रहे हैं. ऐसे वक्त में AC अब सिर्फ लग्जरी नहीं, बल्कि लोगों की जरूरत बन चुका है. बाहर चिलचिलाती धूप और उमस भरे मौसम से बचने के लिए ज्यादातर लोग घंटों AC में रहना पसंद करते हैं. कई घरों में तो दिन-रात AC चलता रहता है ताकि चैन की नींद मिल सके. AC की ठंडी हवा भले ही तुरंत राहत दे देती हो, लेकिन लगातार इसके बीच रहने का असर धीरे-धीरे शरीर पर दिखने लगता है.
अगर सुबह उठते ही गला सूखा महसूस होता है, स्किन बेजान और खिंची-खिंची लगती है, आंखों में जलन होती है या बार-बार नाक बंद रहने की परेशानी हो रही है, तो इसकी वजह AC चलने के कारण ड्राई हुई आपके कमरे की ड्राई हवा हो सकती है. दरअसल, AC हवा को ठंडा करने के साथ-साथ कमरे की नमी भी सोख लेता है. इससे हवा जरूरत से ज्यादा सूखी हो जाती है. क्या आपके साथ भी ऐसा होता है? अगर हां, तो आपको बता दें इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आपको कमरे में एक छोटी सी रखने की जरूरत है.
AC की हवा फेफड़ों के लिए क्यों बन सकती है नुकसानदायक?
डॉक्टर्स के मुताबिक AC कमरे की हवा को ठंडा करने के दौरान उसमें मौजूद नमी को भी कम कर देता है. यही वजह है कि लंबे समय तक AC में रहने पर हवा काफी ड्राई हो जाती है. जब आप भी ऐसी सूखी हवा में लगातार सांस लेता है, तो इसका असर आपकी सांस की नलियों और फेफड़ों पर पड़ने लगता है.
सूखी हवा की वजह से न केवल स्किन बल्कि गला भी सूखने लगता है और सांस की नलियों में मौजूद बलगम जम सकता है. इससे सांस लेने में दिक्कत महसूस हो सकती है और कई बार सीने में भारीपन या जलन भी महसूस होने लगती है. इसके अलावा सूखी हवा आंखों में ड्राईनेस, एलर्जी, साइनस और नाक बंद होने जैसी परेशानियां भी ज्यादा होती हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिन लोगों को अस्थमा, COPD, ब्रोंकाइटिस या साइनस जैसी समस्याएं पहले से हैं, उनके लिए AC की जरूरत से ज्यादा ड्राई हवा ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकती है. लंबे समय तक ऐसी हवा में रहने से सांस की तकलीफ बढ़ सकती है और इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है.
सिर्फ फेफड़े ही नहीं, स्किन और आंखें पर भी होता बुरा असर
कमरे में जितनी नमी कम होगी, उसका उतना ही बुरा असर स्किन और आंखों पर भी देखने को मिलता है.
रात के वक्त कमरे में जरूर रखें ये एक चीज
अगर आप रातभर AC चलाते हैं, तो कमरे में ह्यूमिडिफायर रखना फायदेमंद हो सकता है. ये हवा में नमी बनाए रखता है, जिससे सांस लेना आसान होता है और ड्राईनेस कम होती है. अच्छा ह्यूमिडिफायर या कूल मिस्ट ह्यूमिडिफायर इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये डिवाइस खासतौर पर हवा में सुरक्षित तरीके से ड्राईनेस कम करने और नमी बनाए रखने के लिए बनाए जाते हैं. ह्यूमिडिफायर हवा में वॉटर वेपर छोड़ता है, जिससे कमरे का ह्यूमिडिटी लेवल 40% से 60% के बीच बना रहता है. यही लेवल शरीर और सांस की नलियों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. आजकल मिलने वाले मॉडर्न ह्यूमिडिफायर सिर्फ नमी ही नहीं बढ़ाते, बल्कि उनमें फिल्टर और एयर प्यूरिफिकेशन टेक्नोलॉजी भी होती है. इससे हवा में मौजूद धूल, एलर्जी फैलाने वाले कण, पोलन और दूसरे प्रदूषक कम करने में मदद मिल सकती है.
साफ करना भी जरूरी
अगर आप ह्यूमिडिफायर लगा रहे हैं, तो उसकी साफ-सफाई का ख्याल रखना भी बहुत जरूरी है. एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर इसे समय-समय पर साफ न किया जाए, तो इसमें बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं.
अच्छी नींद के लिए भी फायदेमंद
ह्यूमिडिफायर सिर्फ नमी खत्म करके सांस और स्किन की दिक्कत ही नहीं कम करता, बल्कि आपकी अच्छी नींद के लिए भी उतना ही फायदेमंद है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क