Rice Water For Plants: घर में रोज चावल बनते हैं तो उन्हें पकाने से लेकर धोने तक के दौरान पानी बचना आम बात है. ज्यादातर लोग इस पानी को बेकार समझकर सीधे सिंक में बहा देते हैं, लेकिन यही क्या आप जानते हैं, जिस चावल के पानी को बेस्ट समझकर सिंक में बहा रहे हैं वही आपके पानी आपके घर के पौधों के लिए काम आ सकता है. चावल का सादा पानी स्टार्च के साथ थोड़ी मात्रा में मिनरल्स भी लिए होता है. सही तरीके से और सीमित मात्रा में इस्तेमाल करने पर ये मिट्टी में मौजूद अच्छे माइक्रोऑर्गेनिज्म को सपोर्ट करने में मदद कर सकता है.
अगर आपके घर में गमलों में पौधे लगे हैं, तो चावल धोने या पकाने के बाद बचने वाले सादे पानी को तुरंत फेंकने के बजाय उसका इस्तेमाल पौधों की देखभाल में किया जा सकता है. हालांकि, ध्यान रखें कि इसमें नमक, मसाले, तेल या कोई दूसरी खाने की चीज मिली हुई न हो. सादा और ठंडा किया हुआ पानी ही पौधों में डालना अच्छा रहता है. हालांकि इसका मतलब ये नहीं कि हर पौधे में रोज चावल का पानी डाल दिया जाए. इसे सही तरीके और सीमित मात्रा में इस्तेमाल करना जरूरी है. आइए जानते हैं किन 7 पौधों को इससे फायदा मिल सकता है और इसे इस्तेमाल करते समय किन गलतियों से बचना चाहिए.
1. पीस लिली: पीस लिली को समय-समय पर हल्की पोषण वाली देखभाल की जरूरत होती है. ऐसे में ठंडा और सादा चावल का पानी मिट्टी में डालना इसके लिए फायदेमंद हो सकता है. इसे पत्तियों पर डालने के बजाय सीधे मिट्टी में डालें. कुछ हफ्तों के अंतर पर इस्तेमाल करना ठीक रहता है.
2. स्नेक प्लांट: स्नेक प्लांट कम देखभाल में भी आसानी से बढ़ जाता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि इसकी मिट्टी को नजरअंदाज कर दिया जाए. कभी-कभार थोड़ी मात्रा में चावल का पानी दिया जा सकता है. हालांकि ये पौधा ज्यादा पानी पसंद नहीं करता, इसलिए अगली बार पानी देने से पहले मिट्टी को सूखने दें.
3. स्पाइडर प्लांट: स्पाइडर प्लांट की मिट्टी में हल्की नमी बनी रहना इसे पसंद होता है. ऐसे में कुछ हफ्तों के अंतर पर चावल का पानी देने से मिट्टी को एक्स्ट्रा पोषण मिल सकता है. इसे हमेशा पौधे की जड़ों के आसपास मिट्टी में डालें, पत्तियों पर नहीं.
4. मनी प्लांट: मनी प्लांट घरों में सबसे ज्यादा लगाए जाने वाले पौधों में से एक है. अगर आपका मनी प्लांट मिट्टी में लगा है तो ठंडे चावल के पानी का कभी-कभार इस्तेमाल किया जा सकता है. इसमें मौजूद ऑर्गेनिक तत्व गमले की मिट्टी में अच्छे माइक्रोऑर्गेनिज्म की एक्टिविटी को सपोर्ट कर सकते हैं.
5. पोथोस: पोथोस कम रोशनी वाली इनडोर जगहों में भी आसानी से बढ़ जाता है. इसकी मिट्टी में कभी-कभार सादा चावल का पानी डाल सकते हैं. लेकिन ध्यान रखें कि मिट्टी हमेशा गीली न रहे, क्योंकि ज्यादा नमी से जड़ों से जुड़ी समस्या हो सकती है. चावल के पानी को सामान्य पानी का विकल्प न बनाएं.
6. फर्न: फर्न को ऐसी मिट्टी पसंद आती है जिसमें नमी बनी रहे और ऑर्गेनिक मैटर मौजूद हो. इसलिए सीमित मात्रा में चावल का पानी इसकी देखभाल का हिस्सा बनाया जा सकता है. बस गमले में पानी जमा न होने दें और ड्रेनेज अच्छा रखें.
7. टमाटर का पौधा: टमाटर के पौधे को बढ़ने, फूल आने और फल देने के दौरान पोषक तत्वों की जरूरत होती है. ऐसे में कभी-कभार चावल का पानी मिट्टी की देखभाल में मदद कर सकता है. हालांकि सिर्फ चावल के पानी के भरोसे पौधे की जरूरत पूरी नहीं होगी. टमाटर के लिए अच्छी खाद और बैलेंस्ड फर्टिलाइजर भी जरूरी हैं.
चावल का पानी ऐसे इस्तेमाल करें
चावल धोने या उबालने के बाद बचे पानी को पहले पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद इसमें थोड़ा ताजा पानी मिलाकर पौधे की जड़ों के आसपास मिट्टी में डालें. सबसे जरूरी बात यह है कि पानी में नमक, तेल, घी या कोई मसाला नहीं होना चाहिए.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क