Tips to Waterproof Walls: मानसून की दस्तक के साथ ही मौसम खुनुमा और सुहावना हो जाता है लेकिन इसके साथ ही घर-मकानों की देखरेख की चिंता भी काफी बढ़ जाती है. लगातार होने वाली तेज और झमाझम बारिश के कारण अक्सर घरों की छतों और दीवारों से पानी रिसने लगता है जिससे कमरों में बदरंग सीलन छा जाती है. यह सीलन न सिर्फ दीवारों के महंगे पेंट और पुट्टी को खराब कर पपड़ी बनाकर गिराने लगती है बल्कि घर में एक अजीब सी सीलन भरी भारी बदबू भी पैदा कर देती है.
दीवारों पर आने वाली यह नमी और हरी-काली फंगस घर की खूबसूरती तो बिगाड़ती ही है, साथ ही बच्चों और बुजुर्गों में अस्थमा व एलर्जी जैसी सांस की बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देती है. अगर आप भी इस मानसूनी सीजन में अपने आशियाने को सीलन के खतरे से बचाना चाहते हैं तो अब परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. आज हम आपको कुछ ऐसे आसान, सस्ते और बेहद कारगर तरीके बताएंगे, जिनकी मदद से आपका घर इस बरसात में एकदम सूखा, खुशबूदार और सीलन फ्री रहेगा.
दीवारों को सीलन फ्री रखने की खास ट्रिक्स
चॉक और चारकोल (लकड़ी का कोयला) का इस्तेमाल: कमरों के कोनों, अलमारियों और वार्डरोब में जहां धूप या हवा नहीं पहुंचती, वहां एक सूती कपड़े में बांधकर लकड़ी का कोयला या चॉक के कुछ टुकड़े रख दें. ये दोनों चीजें प्राकृतिक मॉइस्चर एब्जॉर्बर (नमी सोखने वाले) का काम करती हैं और कमरे की हवा से अतिरिक्त नमी को खींच लेती हैं, जिससे सीलन की बदबू नहीं आती.
वाइट विनेगर और बेकिंग सोडा से फंगस की सफाई: अगर सीलन की वजह से दीवार या टाइल्स के कोनों पर काली फंगस जम गई है, तो सफेद सिरके में थोड़ा सा पानी मिलाकर स्प्रे बोतल से वहां छिड़कें. 15 मिनट बाद बेकिंग सोडा को स्क्रब पर लगाकर साफ कर दें और सूखे कपड़े से पोंछ लें. इससे फंगस की जड़ें खत्म हो जाएंगी.
क्रैक्स को सिलिकॉन जेल से भरें: बारिश का सीजन बढ़ने से पहले ही खिड़कियों के फ्रेम के पास, छतों की बाउंड्री या बाहरी दीवारों पर दिखने वाली छोटी-मोटी दरारों को सिलिकॉन सीलेंट या वाटरप्रूफ पुट्टी से बंद कर दें. तेज बारिश में इन्हीं दरारों से पानी दीवारों के अंदर बैठता है.
क्रॉस वेंटिलेशन है जरूरी: जिस दिन बारिश थमे और थोड़ी सी भी धूप या साफ हवा चले, उस दिन घर की खिड़कियां और दरवाजे खोल दें. इससे कमरों के अंदर फंसी हुई नमी और उमस बाहर निकल जाएगी और दीवारें अंदर से सूखी रहेंगी.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क