सावन के पावन महीने में व्रत के दौरान अक्सर तली-भुनी चीजें खाने से पेट भारी होने या एसिडिटी की समस्या हो जाती है. अगर आप इस सावन सोमवार कुछ हल्का, सुपाच्य और पेट को लंबे समय तक भरा रखने वाला खाना चाहते हैं तो साबूदाना की खिचड़ी एक बेहतरीन विकल्प है. सबसे अच्छी बात यह है कि इस रेसिपी में कम तेल या घी का इस्तेमाल होता है जिससे यह बेहद लाइट और हेल्दी बनती है. आइए जानते हैं खिली-खिली और स्वादिष्ट साबूदाना खिचड़ी बनाने की आसान और परफेक्ट विधि.
सामग्री (Ingredients)
साबूदाना - 1 कप (अच्छी तरह धोकर 4-5 घंटे भिगोया हुआ)
कच्ची मूंगफली - आधा कप (भुनी और दरदरी पिसी हुई)
उबला हुआ आलू - 1 (मोटे टुकड़ों में कटा हुआ - वैकल्पिक)
जीरा - 1 छोटी चम्मच
हरी मिर्च - 2-3 (बारीक कटी हुई)
करी पत्ते - 8-10
सेंधा नमक (व्रत का नमक) - स्वादानुसार
काली मिर्च पाउडर - आधा छोटी चम्मच
नींबू का रस - 1 बड़ा चम्मच
हरा धनिया - बारीक कटा हुआ
घी या मूंगफली का तेल - 1 से 2 बड़े चम्मच
बनाने की विधि (Step-by-Step Instructions)
साबूदाना को 2-3 बार पानी से धो लें. इसके बाद इसमें इतना पानी डालें कि साबूदाना सिर्फ डूब जाए (पानी ऊपर नहीं होना चाहिए). इसे 4-5 घंटे के लिए ढककर रख दें. तय समय बाद साबूदाना सारा पानी सोख लेगा और एकदम खिला-खिला और सॉफ्ट हो जाएगा.
भीगे हुए साबूदाना में दरदरी पिसी हुई मूंगफली, सेंधा नमक और काली मिर्च पाउडर अच्छी तरह मिला लें. ऐसा करने से मूंगफली साबूदाना का अतिरिक्त नमी सोख लेती है और खिचड़ी आपस में चिपकती नहीं है.
एक कढ़ाई में 1 से 2 चम्मच घी या तेल गर्म करें. इसमें जीरा, करी पत्ते और बारीक कटी हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड के लिए चटकाएं.
अगर आप आलू डालना पसंद करते हैं तो कटे हुए उबले आलू डालकर हल्का सुनहरा होने तक भून लें. अगर आप बिल्कुल लाइट रखना चाहते हैं तो आलू को स्किप भी कर सकते हैं.
अब कढ़ाई में साबूदाना और मूंगफली का मिश्रण डालें. गैस की आंच धीमी रखें और इसे लगातार हल्के हाथों से चलाते रहें.
साबूदाना को तब तक पकाएं जब तक वह ट्रांसपेरेंट न हो जाए. इसमें लगभग 4-5 मिनट का समय लगता है. साबूदाना पकने के बाद पैन पर ढक्कन लगाकर 2 मिनट के लिए धीमी आंच पर छोड़ दें ताकि वह अंदर तक नरम हो जाए.
गैस बंद कर दें और ऊपर से नींबू का रस और बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिला लें.
साबूदाना भिगोते वक्त पानी का माप सही रखें. ज्यादा पानी डालने से साबूदाना चिपचिपा हो जाएगा और खिचड़ी खिली-खिली नहीं बनेगी. साबूदाना डालने के बाद उसे बार-बार जोर-जोर से न चलाएं, वरना दाने टूट सकते हैं.
आपकी लाइट, पौष्टिक और स्वादिष्ट साबूदाना खिचड़ी तैयार है. यह व्रत में आपको दिनभर ऊर्जावान रखेगी और पेट भी हल्का महसूस होगा.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क