How To Grow Paan Plant At Home: पान का पत्ता भारत में सिर्फ खाने के काम नहीं आता, बल्कि पूजा-पाठ से लेकर कई शुभ कामों में भी इसका इस्तेमाल होता है. ऐसे में जब भी पूजा-पाठ में घर आए पंडित जी पान के पत्ते की मांग करते हैं, तो तुरंत बाजार भागना पड़ता है. लेकिन कई बार चोंच वाला पान का पत्ता ढूंढना मुश्किल हो जाता है. ऐसे समय में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके लिए आपको हर बार बाजार जाने की जरूरत नहीं है? आप घर की बालकनी, छत या किसी हल्की छांव वाली जगह पर गमले में ही पान का पौधा उगा सकते हैं.
खास बात ये है कि इसके लिए पान के बीज ढूंढने की भी जरूरत नहीं पड़ती. किसी पान के पत्ते की एक हेल्दी कटिंग (डंठल) से ही आप घर पर हेल्दी पान का पौधा उगा सकते हैं. बस आपको इसके लिए आपको कुछ छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखने की जरूरत है. चलिए जानते हैं घर पर एक छोटी सी कटिंग से पान का पौधा कैसे उगा सकते हैं.
बीज नहीं, तने की कटिंग से लगाएं पान का पौधा
पान के बीज आसानी से नहीं मिलते, इसलिए इसे आमतौर पर इसे तने की कटिंग से उगाया जाता है. बालकनी के गमले में इसका पौधा उगने के लिए आपको किसी हेल्दी पान के पौधे की करीब 4 से 6 इंच लंबी टहनी लें. ध्यान रखें कि जिस भी पौधे से आप तना काट रहे हैं उसे कोई बीमारी ना हो रही हो.
कटिंग करते समय तने को पत्ती की गांठ यानी नोड के ठीक नीचे से करीब 45 डिग्री के कोण पर काटें. नीचे की पत्तियां हटा दें और ऊपर की सिर्फ 2 पत्तियां रहने दें. इसी हिस्से से आगे जड़ें निकलने में मदद मिलती है.
सीधे मिट्टी में लगाने के बजाय पहले पानी में रखें
पान की कटिंग को तुरंत गमले की मिट्टी में लगाने के बजाय पहले पानी में जड़ें निकालना सही रहता है. इससे पान का पौधा उगाने में आसानी होती है. इसके लिए एक साफ गिलास या बोतल में पानी भरकर उसमें कटिंग का निचला हिस्सा डाल दें.
इसे ऐसी जगह रखें जहां अच्छी रोशनी आती हो, लेकिन सीधी तेज धूप न पड़ती हो. हर दो-तीन दिन में पानी बदलते रहें. कुछ हफ्तों में तने के निचले हिस्से से छोटी-छोटी जड़ें निकलने लगेंगी. जब जड़ों का अच्छा गुच्छा बन जाए, तब इसे गमले में लगाया जा सकता है.
कैसी होनी चाहिए पान के पौधे की मिट्टी?
पान के पौधे को ऐसी मिट्टी पसंद है जिसमें पानी जमा न हो, लेकिन मिट्टी पूरी तरह सूखी भी ना रहे. इसके लिए किसी भी बगीचे की मिट्टी में कोकोपीट और अच्छी तरह सड़ी हुई खाद या पुरानी गोबर की खाद मिला सकते हैं. अगर मिट्टी बहुत ज्यादा भारी या चिकनी है, तो उसमें थोड़ी मोटी रेत मिलाना सही रहता है. इससे मिट्टी ठोस होने के बजाय थोड़ी भुरभुरी रहती है और पानी आसानी से बाहर निकल सकता है. इसका पौधा लगाने के लिए गमला थोड़ा गहरा चुनें और उसके नीचे पानी निकलने के लिए एक छेद जरूर रखें.
गमले में लगाने के बाद बेल को दें सहारा
जब कटिंग में अच्छी जड़ें आ जाएं, तो इसे तैयार गमले में कुछ इंच गहराई तक लगाएं और आसपास की मिट्टी को हल्के हाथ से दबा दें. पान का पौधा एक बेल है, इसलिए इसे बढ़ने के लिए सहारे की जरूरत होती है. गमले में लकड़ी की डंडी, छोटी ट्रेलिस या मॉस पोल लगाया जा सकता है. बेल धीरे-धीरे इसी के सहारे ऊपर चढ़ने लगेगी.
तेज धूप में रखने की गलती न करें
पान का पौधा धूप के मामले में थोड़ा नाजुक होता है. इसे बहुत तेज सीधी धूप में रखने के बजाय ऐसी जगह रखें जहां हल्की रोशनी मिले. सुबह की हल्की धूप इसके लिए ठीक रह सकती है, जबकि दोपहर की तेज धूप इसकी नाजुक और मुलायम पत्तियों को नुकसान पहुंचा सकती है. ऐसे में इसे बालकनी में ऐसी जगह रखना ज्यादा अच्छा रहता है जहां रोशनी तो मिले, लेकिन पौधा लगातार तेज धूप में न रहे.
पानी देते समय इस बात का रखें ध्यान
पान के पौधे की मिट्टी हल्की नम रहनी चाहिए, लेकिन गमले में पानी जमा नहीं होना चाहिए. जरूरत के हिसाब से नियमित पानी दें और अगर गमले की प्लेट में एक्स्ट्रा पानी जमा हो जाए तो उसे निकाल दें. खासकर बारिश के मौसम में ज्यादा पानी देने से बचें. वातावरण में पहले से नमी होने के कारण इस समय जरूरत से ज्यादा पानी पौधे की जड़ों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है.
हर कुछ हफ्तों में दें खाद
अच्छी ग्रोथ के लिए पौधे को समय-समय पर खाद भी चाहिए. हर 3 से 6 हफ्ते में लिक्विड फर्टिलाइजर दिया जा सकता है. अगर आप केमिकल खाद से बचना चाहते हैं, तो साल में 2 से 3 बार अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिट्टी में मिला सकते हैं.
कीड़े लगें तो तुरंत करें ये काम
पान के पौधे में रेड माइट जैसे कीड़े और पत्तियों में इंफेक्शन की समस्या हो सकती है. इसलिए समय-समय पर पत्तियों को ध्यान से देखते रहें. अगर किसी पत्ती या तने पर संक्रमण दिखाई दे तो उसे तुरंत पौधे से हटा दें. कीड़ों की समस्या होने पर हल्के कीटनाशक साबुन का इस्तेमाल किया जा सकता है.
4 से 6 महीने में मिलने लग सकते हैं ताजे पान के पत्ते
अगर पौधे की सही देखभाल की जाए तो आमतौर पर 4 से 6 महीने के अंदर इसकी पहली अच्छी पौध मिल सकती है. पत्तियां तोड़ते समय ध्यान रखें कि आप एक साथ बहुत ज्यादा पत्ते न तोड़ें. एक बार में पौधे की करीब एक-चौथाई पत्तियां ही तोड़ना बेहतर है. इससे पौधा कमजोर नहीं होगा और उसमें नई पत्तियों की ग्रोथ भी बनी रहेगी.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क