How To Fix Door: घर में दरवाजों का इस्तेमाल दिनभर होता है. कभी कमरे में आने-जाने के लिए तो कभी हवा और धूप रोकने के लिए दरवाजा बंद करना पड़ता है. लेकिन कई बार दरवाजा खोलते या बंद करते समय वो नीचे से फर्श पर रगड़ने लगता है. इससे न सिर्फ अजीब आवाज आती है, बल्कि टाइल्स, मार्बल और लकड़ी के फर्श पर खरोंच भी पड़ सकती है. धीरे-धीरे दरवाजा खोलना और बंद करना भी मुश्किल होने लगता है.
ऐसी परेशानी होने पर ज्यादातर लोग तुरंत बढ़ई को बुलाने या दरवाजे को नीचे से कटवाने के बारे में सोचने लगते हैं. अगर आप भी ऐसा ही कुछ करने का मन बना रहे हैं, तो रुक जाएं. क्योंकि हो सकता है आपको दरवाजा कटवाने या बढ़ई को पैसा देने की जरूरत ही ना पड़े. आइए जानते हैं कि दरवाजा फर्श से क्यों रगड़ता है और उसे घर पर बिना बढ़ई बुलाए कैसे ठीक कर सकते हैं.
आखिर फर्श से क्यों टकराने लगता है दरवाजा?
दरवाजा नीचे से फर्श पर रगड़ने की कई वजह हो सकती हैं. सबसे आम कारण उसके कब्जों यानी हिंज के स्क्रू का ढीला होना होता है. दरवाजे को बार-बार खोलने और बंद करने से समय के साथ स्क्रू ढीले पड़ने लगते हैं. इससे दरवाजा अपनी जगह से थोड़ा नीचे झुक जाता है और उसके नीचे का हिस्सा फर्श को छूने लगता है.
इसके अलावा मौसम में बदलाव भी इसकी वजह बन सकता है. बारिश के दिनों में हवा में नमी बढ़ जाती है, जिसे लकड़ी का दरवाजा सोख लेता है. इससे लकड़ी फूलने लगती है और दरवाजा फर्श या चौखट से टकराने लगता है. कई बार घर में नई टाइल या मार्बल लगवाने के बाद भी दरवाजे के नीचे की जगह कम हो जाती है.
सबसे पहले करें ये छोटा सा काम
अगर आपका दरवाजा फर्श से रगड़ रहा है, तो सबसे पहले उसके हिंज यानी कब्जों को चेक करें. दरवाजा खोलकर देखें कि कहीं उसके स्क्रू ढीले तो नहीं हैं. अगर स्क्रू अपनी जगह पर हिल रहे हैं, तो पेचकस की मदद से उन्हें अच्छी तरह कस दें.
इसके लिए ऊपर और नीचे लगे दोनों हिंज के स्क्रू चेक करें. जरूरत पड़ने पर दरवाजे के नीचे किसी मजबूत चीज से उसे सपोर्ट दे सकते हैं, ताकि स्क्रू कसते समय उस पर ज्यादा दबाव न पड़े. कई बार सिर्फ इस एक काम से दरवाजा दोबारा अपनी सही जगह पर आ जाता है और फर्श से रगड़ना बंद कर देता है.
स्क्रू घूम रहा है लेकिन टाइट नहीं हो रहा? अपनाएं ये ट्रिक
कई बार स्क्रू को पेचकस से कसने पर भी वह ढीला ही रहता है. इसकी वजह ये हो सकती है कि लकड़ी में स्क्रू का छेद बड़ा हो गया है. ऐसे में स्क्रू निकालकर उस छेद में छोटी लकड़ी की तीलियां या माचिस की तीलियों के छोटे टुकड़े डाल सकते हैं. इन्हें लकड़ी के गोंद की मदद से चिपकाकर सूखने दें. इसके बाद उसी जगह स्क्रू दोबारा लगाकर कस दें. इससे स्क्रू को लकड़ी में बेहतर पकड़ मिल सकती है.
फिर भी रगड़ रहा है तो लगाएं कार्डबोर्ड
अगर हिंज के स्क्रू कसने के बाद भी दरवाजा फर्श से टकरा रहा है, तो उसकी अलाइनमेंट ठीक करने की जरूरत हो सकती है. इसके लिए हिंज के पीछे पतले कार्डबोर्ड की एक लेयर लगाई जा सकती है.
सबसे पहले हिंज की फ्रेम वाली प्लेट के स्क्रू खोलें. अब प्लेट के पीछे पतला कार्डबोर्ड रखकर स्क्रू दोबारा कस दें. इससे दरवाजे की पोजिशन में थोड़ा बदलाव हो सकता है. हालांकि, कार्डबोर्ड की मोटाई और उसकी जगह का ध्यान रखना जरूरी है, ताकि दरवाजा दूसरी तरफ से न अटकने लगे.
नमी से फूल गई है लकड़ी तो करें ये काम
अगर बारिश या नमी के कारण लकड़ी का दरवाजा फूल गया है, तो सिर्फ स्क्रू कसने से समस्या ठीक नहीं होगी. ऐसी कंडीशन में पहले उस जगह को पहचानें जहां दरवाजा फर्श से टकरा रहा है. इसके बाद दरवाजे को उसके कब्जों से निकाल लें और जहां वह फंस रहा है, उस हिस्से को सैंडपेपर या रंदे से हल्का घिस दें.
हालांकि, यह काम थोड़ा ध्यान से करना चाहिए. लकड़ी को जरूरत से ज्यादा घिसने पर दरवाजे के नीचे गैप बढ़ सकता है. इसलिए अगर आपको इसका एक्सपीरियंस नहीं है, तो बढ़ई की मदद लेना सही रहता है. लकड़ी घिसने के बाद उस हिस्से पर वार्निश या PU सीलेंट जरूर लगाएं, ताकि नमी दोबारा लकड़ी के अंदर न जा सके.
बंद करते समय ही अटकता है दरवाजा? चेक करें ये हिस्सा
अगर दरवाजा खोलते समय ठीक चलता है, लेकिन बंद करते वक्त आखिर में अटकता है, तो परेशानी उसके हिंज में नहीं बल्कि स्ट्राइक प्लेट में हो सकती है. यह दरवाजे की चौखट पर लगी छोटी धातु की प्लेट होती है, जिसमें दरवाजे की कुंडी फंसती है.
अगर यह प्लेट अपनी जगह से थोड़ी खिसक गई है, तो कुंडी ठीक से नहीं बैठती और दरवाजा बंद करने में परेशानी होती है. ऐसे में इसके स्क्रू चेक करें और जरूरत के हिसाब से प्लेट की पोजिशन ठीक करवाएं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क