रेहड़ी से लेकर 5 स्टाइल होटल तक, खाने के शौकीन लोगों की भीड़ लगी हुई है. जहां आज कुछ इंडियन डिश बड़े-बड़े रेस्तरां के मेन्यू में नजर आती हैं, वो कभी गरीबों के लिए पेट भरने के लिए इजाद की गई थीं. लेकिन धीरे-धीरे उन डिशों को 'लक्जरी टेस्टिंग एक्सपीरियंस' के तौर पर माना जाने लगा और लोग उन्हें खाने के लिए हजारों रुपये देते हैं.
(Photo: Adobe Images)
कभी मजबूरी और किल्लत के दौर में पैदा हुए ये भारतीय व्यंजन किसानों और मजदूरों ने बनाए थे. अब वे कौन सी डिश हैं, उनके बारे में जान लीजिए.
(Photo: Adobe Images)
लिट्टी चोखा (Litti Chokha)
लिट्टी चोखा बिहार और पूर्वी यूपी के गांवों का मुख्य भोजन रहा है. आज वो ग्लोबल ब्रांड बन चुका है. सत्तू से भरी गेहूं की लोई को जब कोयले की आग पर सेंका जाता हैं तो उनका स्मोकी फ्लेवर के साथ उनकी खुशबू हर किसी का दिल जीत लेती है. बताया जाता है कि पहले यह राहगीरों और किसानों का सस्ता खाना था लेकिन अब घी में डूबी लिट्टी को बड़े-बड़े रेस्टोरेंट्स में काफी महंगे रेट पर बेची जाती है.
(Photo: Adobe Images)
दाल मखनी (Dal Makhani)
दाल मखनी को अमीरों का खाना माना जाता है लेकिन इसकी शुरुआत पंजाब के खेतों से हुई थी. दरअसल, किसान रात भर धीमी आंच पर काली दाल और राजमा पकने के लिए छोड़ देते थे ताकि दिनभर की मेहनत के बाद उन्हें भरपूर प्रोटीन मिल सके. लेकिन समय के साथ इस दाल में मक्खन को एड कर दिया गया और उसे लग्जरी बना दिया गया.
(Photo: Adobe Images)
खिचड़ी (Khichdi)
खिचड़ी को लंबे समय तक 'बीमारों का खाना' या बहुत ही साधारण भोजन माना जाता रहा. लेकिन आज के समय में इसे सुपरफूड बना दिया गया है. बड़े रेस्तरां अब इसमें अलग-अलग तरह के तेल, ऑलिव्स, विदेशी सब्जियां डालकर इसे एक प्रीमियम और हेल्दी मील के तौर पर पेश कर रहे हैं.
(Photo: Adobe Images)
सरसों का साग और मक्के की रोटी (Sarson Ka Saag and Makki Di Roti)
पंजाब की यह सिग्नेचर डिश कभी सर्दियों में किसानों के लिए ताकत का सबसे सस्ता और आसान सोर्स थी. किसान घर के पीछे उगी सरसों और मक्के के आटे से रोटी बनाकर खाते थे. लेकिन अब इसे रेस्टोरेंट्स में शान के साथ बेचा जाता है.
(Photo: Adobe Images)
बाजरे की रोटी (Bajra Roti)
राजस्थान और गुजरात के सूखे इलाकों में बाजरा एक जरूरत थी क्योंकि इसे उगाना सस्ता था और यह लंबे समय तक पेट भरा रखता था. आज जहां लोग मिलेट्स की ओर भाग रहे हैं, तो बाजरा की रोटी को प्रीमियम फूड्स मान लिया गया है.
(Photo: Adobe Images)
मिसल पाव (Misal Pav)
महाराष्ट्र की सड़कों से शुरू हुआ मिसल पाव मजदूरों और स्टूडेंट्स का पसंदीदा था क्योंकि यह बहुत सस्ता और पेट भरने वाला होता था. स्प्राउट्स और मसालों से बना मिसल पाव आज इतना फेमस है कि इसके नाम से कई आउटलेट्स हैं जो अलग-अलग वैरायटी के बेचते हैं.
(Photo: Adobe Images)