कर्नाटक में स्वाइन फ्लू के बढ़े केस, इस साल 4000 से अधिक मामले

मानसून के साथ कर्नाटक में मौसमी फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी हुई है. लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है.

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कर्नाटक में H1N1 समेत इंफ्लुएंजा के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है.  (Photo-ITG) कर्नाटक में H1N1 समेत इंफ्लुएंजा के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है. (Photo-ITG)

सगाय राज

  • कर्नाटक,
  • 24 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:13 PM IST

मानसून के साथ कर्नाटक में मौसमी फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी हुई है. लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है. कर्नाटक में मानसून के साथ मौसमी फ्लू यानी इंफ्लुएंजा के मामलों में तेजी देखी जा रही है. राज्य में इस साल 22 अगस्त तक H1N1 समेत इंफ्लुएंजा के 4212 लैब से पुष्टि किए गए मामले सामने आ चुके हैं.

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बढ़ते मामलों को मद्देनजदर रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पूरे राज्य में निगरानी और तैयारियां तेज कर दी हैं.हालांकि, विभाग का कहना है कि यह बढ़ोतरी मानसून के दौरान हर साल दिखने वाले मौसमी पैटर्न का हिस्सा है और लोगों को इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है.स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में भी पूरे साल कर्नाटक में इंफ्लुएंजा के 4 583 मामले दर्ज हुए थे. वहीं 2024 में यह संख्या 3903 थी. लेकिन इस साल अगस्त तक ही ये आंकड़ा 4212 तक पहुंच चुका है.

विभाग के मुताबिक, कर्नाटक में मौसमी इंफ्लुएंजा आमतौर पर साल में दो बार ज्यादा फैलता है, जिसका पहला दौर जनवरी से मार्च और दूसरा जुलाई से सितंबर के बीच रहता है. फिलहाल राज्य इसी दूसरे दौर से गुजर रहा है. मामलों की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक की है.

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राज्य और जिलों के अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली गई और संभावित रूप से मामलों में और बढ़ोतरी या प्रकोप जैसी स्थिति से निपटने की तैयारी पर चर्चा हुई. इसके साथ ही सरकार ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को जरूरी सामान पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिए हैं. इनमें PPE किट, N95 मास्क और Oseltamivir जैसी जरूरी दवाएं शामिल हैं.  

स्वास्थ्यकर्मियों को फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों और गंभीर सांस संबंधी संक्रमण के मामलों की जल्द पहचान और इलाज के लिए भी तैयार किया गया है. बता दें कि कर्नाटक में निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है. ILI यानी Influenza-Like Illness और SARI यानी Severe Acute Respiratory Infection पर नजर रखने के लिए तय स्वास्थ्य केंद्रों के जरिए निगरानी की जा रही है.

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इसके लिए ICMR-NCDC के पैन-रेस्पिरेटरी वायरस सर्विलांस नेटवर्क और Viral Research and Diagnostic Laboratories नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके साथ ही निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी H1N1 मरीजों की जांच, इलाज के लिए राज्य के नियमों का पालन करने और मामलों की जानकारी IHIP यानी Integrated Health Information Platform पर अनिवार्य रूप से दर्ज करने को कहा गया है.

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स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से खांसते या छींकते समय नाक-मुंह ढकने, हाथ साबुन से धोने, पर्याप्त पानी पीने और लक्षण होने पर खुद को अलग रखने की सलाह दी है. वहीं सावधानी रखने के लिए आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने, बिना सलाह दवा लेने और लक्षणों के दौरान भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने को कहा गया है. विभाग का कहना है कि मौसमी फ्लू से बचाव और समय पर इलाज संभव है. लक्षण दिखने पर लोगों को नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच और इलाज कराने कराना चाहिए. 

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