कर्नाटक के बहुचर्चित नकली दवा रैकेट का मुख्य आरोपी प्रशांत इस समय अजरबैजान में फंसा हुआ है. एसआईटी सूत्रों के मुताबिक उसका वीजा 9 सितंबर को खत्म हो चुका है और वह फिलहाल अजरबैजान की कस्टम अथॉरिटी की हिरासत में है. भारत और अजरबैजान के बीच प्रत्यर्पण संधि न होने की वजह से एसआईटी उसे वापस भारत नहीं ला पा रही है. प्रशांत के खिलाफ पहले ही लुक आउट नोटिस जारी किया जा चुका है, जिससे भारत लौटते ही उसे एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया जा सकता है.
यह मामला कर्नाटक में सामने आए नकली दवा रैकेट से जुड़ा है, जिसमें प्रशांत को सरगना माना जा रहा है. जांच एजेंसी एसआईटी लंबे समय से इस रैकेट की परतें खोलने में जुटी है, लेकिन मुख्य आरोपी के देश से बाहर होने की वजह से जांच में रुकावट आ रही है. एसआईटी सूत्रों के अनुसार प्रशांत अभी अजरबैजान में ही कस्टम अधिकारियों की निगरानी में है, क्योंकि उसका वीजा समय पर रिन्यू नहीं हो सका.
सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि भारत सरकार सीधे तौर पर उसे वापस लाने के लिए कोई कानूनी कदम नहीं उठा सकती, क्योंकि दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि मौजूद नहीं है. इसका मतलब है कि प्रशांत को अजरबैजान में अपनी वीजा और कानूनी समस्या खुद सुलझानी होगी, उसके बाद ही वह भारत लौट सकेगा. एसआईटी फिलहाल इंतजार करने के अलावा कुछ नहीं कर सकती.
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हालांकि जांच एजेंसी ने पहले से ही एहतियात बरतते हुए प्रशांत के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर रखा है. इसका सीधा मतलब है कि जैसे ही वह भारत की सीमा में दाखिल होगा या किसी भी एयरपोर्ट पर उतरेगा, आव्रजन अधिकारी उसे तुरंत रोक लेंगे और गिरफ्तार कर एसआईटी को सौंप देंगे. फिलहाल सारा मामला इस बात पर टिका है कि प्रशांत अजरबैजान में अपनी स्थिति कब तक साफ कर पाता है.
सगाय राज