'खड़गे और उनके बेटे ट्रस्ट के जरिए ली 100 करोड़ की जमीन', बीजेपी का आरोप

बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ उनके बेटे प्रियांक खड़गे पर सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के जरिए 100 करोड़ रुपये की जमीन लूटने का आरोप लगाया है. दूसरी ओर, प्रियांक खड़गे ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी सिर्फ आरएसएस को खुश करने के लिए ऐसे निराधार आरोप लगा रही है.

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जमीन आवंटन के मुद्दे पर खड़गे परिवार पर बीजेपी का हमला. (File Photo: PTI) जमीन आवंटन के मुद्दे पर खड़गे परिवार पर बीजेपी का हमला. (File Photo: PTI)

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 24 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:45 PM IST

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके बेटे प्रियांक खड़गे पर BJP ने जमीन आवंटन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. बीजेपी पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया है कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के दौरान खड़गे परिवार से जुड़े एक ट्रस्ट को 5 एकड़ की बेहद कीमती औद्योगिक जमीन दी गई, जिसकी मौजूदा कीमत करीब 100 करोड़ रुपये है.  प्रदीप भंडारी का कहना है कि यह जमीन रिसर्च और डेवलपमेंट के नाम पर दी गई, लेकिन जिस ट्रस्ट को इसका फायदा मिला, उसका उस क्षेत्र में कोई पुराना काम नहीं था. यह पूरा मामला सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट से जुड़ा है, जिसकी शिकायत अब अदालत तक पहुंच चुकी है. इन आरोपों पर प्रियांक खड़गे का भी बड़ा बयान सामने आया है.

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प्रदीप भंडारी के मुताबिक, यह मामला साल 2024 का है. आरोप है कि उस समय कर्नाटक इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट बोर्ड यानी KIADB ने सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट को 5 एकड़ इंडस्ट्रियल जमीन अलॉट की थी. बताया गया कि यह जमीन एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए दी गई. उनका दावा है कि यह कोई साधारण जमीन नहीं, बल्कि बहुत कीमती औद्योगिक जमीन है, जिसकी बाजार कीमत अब करीब 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है. 

भंडारी ने किस बात पर उठाए सवाल?

प्रदीप भंडारी ने कहा कि जिस ट्रस्ट को यह जमीन मिली, उसका एयरोस्पेस या डिफेंस रिसर्च के क्षेत्र में कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं था. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस ट्रस्ट को इतनी कीमती इंडस्ट्रियल जमीन किस आधार पर दी गई. BJP का आरोप है कि यह आवंटन सामान्य प्रक्रिया के तहत नहीं हुआ, बल्कि प्रभाव और पद का इस्तेमाल करके कराया गया. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी जमीन किसी ऐसी संस्था को मिलनी चाहिए थी, जो वाकई उस सेक्टर में काम करती हो.

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भंडारी ने सीधे तौर पर मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियांक खड़गे पर सत्ता और प्रभाव के इस्तेमाल का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि खड़गे परिवार से जुड़े ट्रस्ट को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी जमीन का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने यह भी दावा किया कि यह सिर्फ एक जमीन का मामला नहीं है, बल्कि ट्रस्ट के जरिए अलग-अलग जमीनों से जुड़े और मामले भी सामने लाए जाएंगे. यह पूरा कदम प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(1)(a), 13(1)(b) के तहत सीधे तौर पर गंभीर अपराध के दायरे में आता है.

इस पूरे विवाद की तुलना विपक्ष नेता राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा पर लगे पुराने जमीन संबंधी आरोपों से की गई. प्रदीप भंडारी ने साफ कहा कि खड़गे परिवार ने भी जमीन हथियाने के लिए ठीक वही पुराना फॉर्मूला अपनाया है, जो हमेशा से गांधी परिवार पर लगता आया है. उनका दावा है कि सत्ता की धौंस पर गरीबों की जमीनों को दबाने के कई और मामले भी बहुत जल्द सामने लाए जाएंगे.

प्रियांक खड़गे का कड़ा पलटवार

इन गंभीर आरोपों के बाद प्रियांक खड़गे ने एक्स पर पोस्ट लिखकर बीजेपी को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि बीजेपी RSS को खुश करने के लिए इतनी कड़ी मेहनत कर रही है. लोग अयोध्या में राम मंदिर का हिसाब मांग रहे हैं, लेकिन बीजेपी कलबुर्गी में भगवान बुद्ध की जवाबदेही तय करने के लिए ओवरटाइम काम में जुटी है. प्रियांक खड़गे ने सवाल उठाया कि कर्नाटक में बीजेपी के पांच मुख्यमंत्री रहे, तब किसी ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? मोदी सरकार पिछले 12 सालों से सत्ता में है, अगर कुछ भी गलत हुआ था तो मैं आज भी बाहर क्यों घूम रहा हूं, जेल में क्यों नहीं हूं? उन्होंने साफ कहा कि उनके सारे दस्तावेज पब्लिक डोमेन में मौजूद हैं, जिन पर वे किसी भी मंच पर चर्चा के लिए तैयार हैं. इसके साथ ही उन्होंने पूछा कि आरएसएस के नेता अपने संगठन के कागज जनता के सामने कब दिखाएंगे?

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