अगर आप किसी घर की छत पर जाएं तो वहां अक्सर एक बड़ी पानी की टंकी दिखाई देती है. गर्मी हो या सर्दी, शहर हो या गांव, ज्यादातर घरों में पानी की टंकी छत पर ही लगाई जाती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर टंकी को इतनी ऊंचाई पर रखने की जरूरत क्यों पड़ती है? क्या इसे जमीन पर या घर के किसी निचले हिस्से में रखा जाए तो पानी की सप्लाई नहीं हो सकती? दरअसल, इसके पीछे साइंस का एक आसान सा नियम काम करता है. छत पर रखी पानी की टंकी पानी को अपने दबाव से घर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने में मदद करती है.
ऊंचाई से पानी को मिलता है दबाव
पानी की टंकी जितनी ऊंचाई पर होगी, उसके अंदर मौजूद पानी पर गुरुत्वाकर्षण (Gravitational Force) का असर उतना ही ज्यादा होगा. यही वजह है कि टंकी से नीचे की ओर जाने वाली पाइप में पानी अपने आप बह सकता है. इसे आसान उदाहरण से समझिए. अगर आपके पास पानी से भरी बाल्टी है और उसे ऊंचाई पर रखकर नीचे पाइप लगा दिया जाए, तो पानी नीचे की तरफ तेजी से जाने लगेगा. लेकिन वही बाल्टी जमीन पर रखी हो तो उससे नीचे की तरफ पानी भेजने के लिए अलग से दबाव बनाना पड़ेगा. घर में भी कुछ ऐसा ही होता है. छत की टंकी से पानी पाइप के जरिए नीचे की मंजिलों तक पहुंचता है. टंकी जितनी ऊंची होगी, पानी को नीचे की ओर जाने के लिए उतना अधिक दबाव मिल सकता है.
नीचे टंकी रखने पर क्या होगा?
अगर पानी की टंकी को जमीन पर रख दिया जाए, तो पानी को घर की ऊपरी मंजिलों और कई जगहों तक पहुंचाने के लिए पंप की जरूरत पड़ सकती है. सिर्फ गुरुत्वाकर्षण के भरोसे पानी को ऊपर भेजना संभव नहीं होगा. मान लीजिए आपका घर दो या तीन मंजिल का है और टंकी जमीन पर रखी है. अब बाथरूम या रसोई तक पानी पहुंचाने के लिए पानी को ऊपर उठाना पड़ेगा. इसके लिए मोटर या पंप की जरूरत होगी. यानी नीचे टंकी रखने से पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं होगी, लेकिन पानी को अलग-अलग जगहों तक पहुंचाने के लिए ज्यादा ऊर्जा और पंपिंग सिस्टम की जरूरत पड़ सकती है.
बिजली जाने पर भी काम आता है छत का टैंक
छत पर टंकी रखने का एक बड़ा फायदा यह भी है कि मोटर से पहले पानी को टंकी में भरकर स्टोर किया जा सकता है. इसके बाद टंकी से पानी घर में नीचे की ओर गुरुत्वाकर्षण के कारण पहुंचता रहता है. इसका मतलब यह है कि अगर कुछ समय के लिए बिजली चली भी जाए तो टंकी में पहले से जमा पानी इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि पानी का दबाव टंकी की ऊंचाई और पाइप की व्यवस्था पर निर्भर करेगा.
क्या ज्यादा ऊंची टंकी से पानी का दबाव ज्यादा होगा?
आम तौर पर हां. टंकी और जिस नल से पानी निकल रहा है, उनके बीच ऊंचाई का अंतर जितना ज्यादा होगा, गुरुत्वाकर्षण से मिलने वाला दबाव उतना ज्यादा हो सकता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि टंकी को जितना चाहें उतना ऊंचा कर दें. टंकी में हजारों लीटर पानी का वजन हो सकता है. इसलिए छत और टंकी रखने वाले प्लेटफॉर्म की मजबूती का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. आजकल कई घरों और इमारतों में जमीन के नीचे या ग्राउंड फ्लोर पर पानी का स्टोरेज टैंक बनाया जाता है. वहां से मोटर की मदद से पानी को ऊपर स्थित दूसरी टंकी में भेजा जा सकता है.
यानी नीचे टैंक रखना गलत नहीं है, लेकिन उस स्थिति में पानी को ऊपर पहुंचाने के लिए पंपिंग सिस्टम की जरूरत पड़ती है. इसी कारण सामान्य घरों में अक्सर पानी को पहले मोटर से छत की टंकी तक पहुंचाया जाता है और फिर गुरुत्वाकर्षण की मदद से पूरे घर में सप्लाई की जाती है. इस तरह छत पर पानी की टंकी रखने की सबसे बड़ी वजह कोई परंपरा नहीं, बल्कि गुरुत्वाकर्षण और पानी के दबाव का फायदा उठाना है. इससे पानी को नीचे की मंजिलों तक पहुंचाना आसान हो जाता है और कई स्थितियों में लगातार मोटर चलाने की जरूरत भी नहीं पड़ती.
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