आपने देखा होगा कि सोशल मीडिया पर कंस्ट्रक्शन और मैन्युफैक्चरिंग के कई वीडियो वायरल होते हैं. इन वीडियो में दिखाया जाता है कि कोई आइटम कैसे बन रहा है. जैसे सजावटी सामान, लोहे के सामान आदि के कई वीडियो आते रहते हैं. खास बात ये है कि इस तरह के वीडियो को काफी पसंद किया जाता है और इनके व्यूज भी काफी ज्यादा होते हैं. लेकिन, क्या आपने नोटिस किया है कुछ वीडियो में वर्कर लोहे के सामान को शेप देने के बाद नींबू, प्याज, टमाटर आदि का इस्तेमाल करते हैं. यानी पहले अपने औजार से प्याज, टमाटर आदि को काटते हैं, फिर उसके बाद काम शुरू करते हैं.
ऐसे में जानते हैं कि आखिर ऐसा क्यों किया जाता है और वर्कर के प्याज, नींबू काटने के पीछे का क्या कारण है. तो समझते हैं इसके पीछे की वजह क्या है...
पहले आपको एक वीडियो के जरिए बताते हैं कि आखिर प्याज, नींबू आदि का इस्तेमाल कैसे होता है? नीचे दिए गए वीडियो में आप देख सकते हैं कि वर्कर कुछ बनाने से पहले उसमें टमाटर डाल रहे हैं. कई दूसरे वीडियो में नींबू और प्याज काटते नजर आते हैं. जैसे ही लोहा बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है तो इसे टमाटर या नींबू में डाला जा रहा है.
आखिर ऐसा क्यों करते हैं?
बता दें कि ऐसा करने के पीछे साइंस है. दरअसल, लोहे को आकार देने के बाद उसे मजबूत बनाने के लिए अचानक ठंडा किया जाता है, जिसे क्वेंचिंग (Quenching) कहते हैं. लेकिन, लोहे को ठंडा कैसे करना है, ये काफी अहम होता है. लोहे के कई आइटम ऐसे होते हैं, जो धारदार होते हैं या ज्यादा शार्प होते हैं, उन्हें सीधे पानी में नहीं डाला जाता है. पानी में डालने से पहले से उसे नमी वाली चीज से निकाला जाता है, फिर पानी में डाला जाता है.
अगर बेहद गर्म लोहे को सीधे ठंडे पानी में डाल दिया जाए, तो थर्मल शॉक की वजह से धातु में दरारें आ सकती हैं. टमाटर या नींबू के अंदर गाढ़ा पल्प और पानी होता है, जो धातु को पानी के मुकाबले थोड़ा धीरे और नियंत्रित तरीके से ठंडा करता है, जिससे वह भंगुर होने से बच जाती है. ऐसे में कई लोग इसके लिए टमाटर, नींबू, ब्याज, केले का तना, कीचड़, गिली मिट्टी आदि का इस्तेमाल करते हैं. टमाटर और नींबू दोनों में काफी मात्रा में पानी होता है. जब इन्हें बेहद गर्म मेटल से संपर्क कराया जाता है तो पानी तेजी से भाप बनता है और मेटल की सतह तेजी से ठंडी होती है.
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