ट्रेन से सफर करने वाले लोगों ने आरएसी टिकट का नाम जरूर सुना होगा. टिकट बुक करते समय कई बार सीट के सामने आरएसी लिखा दिखाई देता है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल होता है कि आखिर आरएसी टिकट पर ट्रेन में चढ़ सकते हैं या नहीं? क्या आरएसी टिकट को कंफर्म टिकट माना जाता है? और क्या आरएसी पैसेंजर को सोने के लिए पूरी बर्थ मिलती है? आसान भाषा में समझें तो आरएसी का मतलब रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन होता है. यह वेटिंग लिस्ट से अलग होता है. आरएसी टिकट वाले पैसेंजर को ट्रेन में सफर करने की अनुमति होती है और उसे सीट दी जाती है. हालांकि, शुरुआत में उसे पूरी बर्थ मिलना जरूरी नहीं है.
आरएसी टिकट पर ट्रेन में चढ़ सकते हैं?
अगर आपका टिकट आरएसी है और फाइनल चार्ट बनने के बाद भी आरएसी ही रहता है, तो आप ट्रेन में सफर कर सकते हैं. आरएसी पैसेंजर को ट्रेन में चढ़ने से नहीं रोका जाता. इसके उलट अगर टिकट पूरी तरह वेटिंग लिस्ट में रह जाता है और वह ऑनलाइन बुक किया गया टिकट है, तो फाइनल चार्ट बनने के बाद वह अपने आप कैंसिल हो सकता है. ऐसी स्थिति में पैसेंजर उस टिकट पर ट्रेन में सफर नहीं कर सकता. यही वजह है कि आरएसी को वेटिंग टिकट से बेहतर स्थिति माना जाता है.
आरएसी में पूरी बर्थ क्यों नहीं मिलती?
आरएसी टिकट में पैसेंजर के लिए सीट रिजर्व होती है, लेकिन शुरुआत में पूरी सोने वाली बर्थ मिलने की गारंटी नहीं होती. आमतौर पर आरएसी पैसेंजर को साइड लोअर बर्थ पर बैठने की जगह मिलती है. इस बर्थ पर दो पैसेंजर के बैठने की व्यवस्था हो सकती है. यानी आपको ट्रेन में बैठकर सफर करने की जगह मिल जाती है, लेकिन अकेले पूरी बर्थ मिलना जरूरी नहीं है.
आरएसी टिकट कब हो जाता है कंफर्म?
अगर किसी पैसेंजर का कंफर्म टिकट कैंसिल हो जाता है, तो खाली हुई बर्थ आरएसी पैसेंजर को दी जा सकती है. इसी तरह जैसे-जैसे बर्थ खाली होती हैं, आरएसी पैसेंजर को पूरी बर्थ मिलने का चांस बढ़ जाता है. इसलिए अगर आपका टिकट शुरुआत में आरएसी है, तो फाइनल चार्ट तैयार होने तक उसकी स्थिति बदल सकती है. टिकट आरएसी से सीएनएफ यानी कंफर्म हो सकता है.
फाइनल चार्ट बनने के बाद भी आरएसी रह गया तो?
अगर फाइनल चार्ट बनने के बाद भी टिकट आरएसी ही रहता है, तब भी पैसेंजर ट्रेन में सफर कर सकता है. ऐसी स्थिति में पैसेंजर को रेलवे के नियमों के मुताबिक आरएसी सीट दी जाएगी. यानी टिकट बेकार नहीं होता और आप अपनी जर्नी कर सकते हैं. हालांकि, आपको पूरी बर्थ मिलेगी या किसी दूसरे पैसेंजर के साथ सीट शेयर करनी होगी, यह उस समय उपलब्ध बर्थ पर निर्भर करता है.
आरएसी और वेटिंग लिस्ट में क्या अंतर है?
आरएसी टिकट: ट्रेन में सफर कर सकते हैं और सीट मिलती है. बाद में बर्थ खाली होने पर आपको पूरी बर्थ भी मिल सकती है.
वेटिंग लिस्ट टिकट: अगर फाइनल चार्ट बनने के बाद भी टिकट वेटिंग लिस्ट में रह गया, तो ऑनलाइन बुक किए गए ऐसे टिकट पर पैसेंजर ट्रेन में सफर नहीं कर सकता. इसलिए टिकट बुक करते समय अगर आपका टिकट वेटिंग लिस्ट से बढ़कर आरएसी तक पहुंच गया है, तो यह आपके लिए बेहतर स्थिति है.
रेलवे में कई बार पैसेंजर टिकट बुक करने के बाद अपनी जर्नी कैंसिल कर देते हैं. इसके अलावा कुछ बर्थ एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन के बीच खाली भी रह सकती हैं. आरएसी व्यवस्था के जरिए रेलवे इन सीटों का बेहतर इस्तेमाल करता है. इससे ज्यादा पैसेंजर को ट्रेन में सफर करने का मौका मिलता है. वहीं पैसेंजर को पूरी तरह वेटिंग लिस्ट में रहने के मुकाबले जर्नी की ज्यादा निश्चितता मिलती है.
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