ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त आपने कोई सामान ऑर्डर किया और डिलीवरी में कुछ और ही निकल आया... या फिर सामान खराब निकला, ऑर्डर कैंसिल हो गया लेकिन पैसे वापस नहीं मिले. कई बार कस्टमर केयर पर शिकायत करते रहते हैं, लेकिन समाधान नहीं मिलता. इसके बाद आप सोच लेते हैं कि अब कुछ नहीं होने वाला. लेकिन, कई बार इस तरह के मामलों में कोर्ट ने कंपनी पर एक्शन लिया है और जुर्माना भी लगाया है. ऐसे में जानते हैं कि किन-किन सिचुएशन में कंपनी पर कार्रवाई हो सकती है...
पहले जानते हैं किस तरह के मामलों में कोर्ट ने जुर्माना लगाया...
दूसरी जींस आई तो हुई कार्रवाई
ये मामला तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिला उपभोक्ता आयोग का है. लाइवलॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक शख्स ने मिंत्रा से 495 रुपये की जींस ऑर्डर की थी. डिलीवरी के बाद पता चला कि जो जींस ऑर्डर की गई थी, उसकी जगह दूसरी कंपनी की जींस भेज दी गई. ग्राहक ने रिफंड या एक्सचेंज की मांग की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ. इसके बाद मामला उपभोक्ता आयोग पहुंचा. आयोग ने मिंत्रा को सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार माना. कंपनी को 474 रिफंड करने के साथ 10,000 रुपये मानसिक परेशानी और 5,000 रुपये मुकदमे के खर्च के तौर पर देने का आदेश दिया.
ऑर्डर कैंसल पर कार्रवाई हुई
ये मामला हरियाणा के चरखी दादरी का है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक ग्राहक ने फ्लिपकार्ट पर 21,977 रुपये का सामान ऑर्डर किया था. ऑर्डर कन्फर्म हो गया, लेकिन बाद में ग्राहक की सहमति के बिना ऑर्डर कैंसिल कर दिया गया. मामला उपभोक्ता आयोग पहुंचा. आयोग ने फ्लिपकार्ट को 5,013 रुपये मानसिक परेशानी के लिए, 5,000 रुपये मुकदमे के खर्च के लिए देने का आदेश दिया.
इसके अलावा ऑनलाइन शॉपिंग में फोन की जगह दूसरा सामान आने, गलत सामान आने को लेकर कई बार कार्रवाई की गई है. बता दें कि अगर ऑनलाइन खरीदा हुआ सामान मिला ही नहीं, गलत सामान आया, नकली या खराब प्रोडक्ट मिला, ऑर्डर कैंसिल होने के बाद रिफंड नहीं मिला या कंपनी ने शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया, तो शिकायत की जा सकती है. जो प्रोडक्ट के बारे में जानकारी वेबसाइट पर दी गई है, उससे अलग होने पर कार्रवाई हो सकती है.
करनी कैसे है शिकायत?
सबसे पहले कंपनी के कस्टमर केयर या ग्रिवांस सिस्टम में शिकायत करें. ऑर्डर की रसीद, बिल, स्क्रीनशॉट, डिलीवरी पैकेट की फोटो-वीडियो और कंपनी से हुई बातचीत का रिकॉर्ड जरूर रखें. अगर कंपनी समाधान नहीं करती है तो राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर शिकायत कर सकते हैं. WhatsApp के जरिए 8800001915 पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है. और अगर यहां से भी समस्या का समाधान नहीं होता, तो उपभोक्ता आयोग का रास्ता खुला है.
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