सोशल मीडिया पर इस वक्त सबसे हॉट टॉपिक है चीनी. वजह है इसके लगातार बढ़ते दाम. पिछले कई दिनों से चीनी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है और कई शहरों में यह 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में चीनी की कीमतों में 20 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. ऐसे में जब 1 किलो चीनी खरीदने के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ रही है, तो सवाल उठता है कि आखिर इसे बनाने में कितना गन्ना लगता है? क्या आप जानते हैं कि 100 किलो गन्ने से कितनी चीनी निकलती है?
इस सवाल का जवाब सुनकर शायद आप भी हैरान रह जाएं. 1 किलो चीनी बनाने के लिए औसतन करीब 9 से 10 किलो गन्ने की जरूरत पड़ सकती है. यानी अगर किसी चीनी मिल में 100 किलो गन्ना पहुंचता है तो उससे आमतौर पर करीब 9 से 10 किलो के आसपास चीनी तैयार होती है.
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100 किलो गन्ने से कितनी चीनी?
चीनी बनाने में सबसे अहम चीज होती है शुगर रिकवरी. इसका मतलब है कि गन्ने से आखिर कितनी मात्रा में चीनी निकाली जा सकती है. भारत में यह औसतन करीब 10 प्रतिशत के आसपास रहती है.
ICAR-Indian Institute of Sugarcane Research के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 के दौरान भारत में औसत शुगर रिकवरी करीब 10.3 प्रतिशत रही थी. आसान भाषा में समझें तो 100 किलो गन्ने से औसतन करीब 10 किलो के आसपास चीनी निकल सकती है. यही वजह है कि मोटे तौर पर कहा जाता है कि 1 किलो चीनी के लिए करीब 10 किलो गन्ने की जरूरत होती है.
क्या हर 100 किलो गन्ने से 10 किलो चीनी निकलती है?
ये भी जरूरी नहीं. चीनी की मात्रा कई बातों पर निर्भर करती है. जैसे गन्ने की किस्म कौन सी है, उसमें शुगर की मात्रा कितनी है, गन्ने की गुणवत्ता कैसी है और चीनी मिल की रिकवरी कितनी है.अगर गन्ने की गुणवत्ता बेहतर है और रिकवरी ज्यादा है तो कम गन्ने से भी ज्यादा चीनी निकल सकती है. वहीं कम रिकवरी वाले गन्ने से 1 किलो चीनी बनाने के लिए ज्यादा गन्ने की जरूरत पड़ सकती है.
बाकी गन्ने का क्या होता है?
अब सवाल है कि जब 100 किलो गन्ने से सिर्फ करीब 10 किलो चीनी बनती है तो बाकी का क्या होता है? दरअसल, गन्ने का बचा हुआ हिस्सा भी बेकार नहीं जाता. रस निकालने के बाद बची रेशेदार सामग्री को बैगास कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल चीनी मिलों में ईंधन और बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है. इसके अलावा शीरा यानी मोलासेस भी निकलता है, जिसका इस्तेमाल कई दूसरे उत्पादों में होता है.इस तरह गन्ने का बड़ा हिस्सा सीधे चीनी में नहीं बदलता, लेकिन उसका इस्तेमाल दूसरे कामों में जरूर किया जाता है.
तो अगली बार जब आप 1 किलो चीनी का पैकेट देखें तो याद रखिए कि उसके पीछे औसतन 9 से 10 किलो गन्ना लगा होता है. यानी 100 किलो गन्ने से सिर्फ करीब 10 किलो चीनी निकलती है, जबकि बाकी हिस्से का इस्तेमाल भी अलग-अलग तरीकों से किया जाता है.
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