सब्जियों की मंडी तो आपने खूब देखी होगी, जहां लोग अपनी पसंद की सब्जियां खरीदने के लिए मोलभाव करते नजर आते हैं. लेकिन क्या आपने कभी ऐसी मंडी देखी है, जहां दूल्हा-दुल्हन की तलाश होती हो? सुनने में अजीब लगता है, लेकिन चीन में कुछ जगहों पर ऐसा ही नजारा देखने को मिलता है. यहां माता-पिता अपने बेटे या बेटी का ‘रिज्यूमे’ लेकर पार्कों और सार्वजनिक जगहों पर पहुंचते हैं और उनके लिए सही लाइफ पार्टनर तलाशते हैं. इस रिज्यूम में नाम, उम्र और पढ़ाई से लेकर नौकरी, कमाई, घर और कई बार परिवार से जुड़ी जानकारी तक शामिल होती है. इसके बाद सामने वाले परिवार से बातचीत होती है और देखा जाता है कि रिश्ता दोनों परिवारों के लिए कितना सही रहेगा.
रिज्यूमे में उम्र, पढ़ाई, नौकरी, कमाई, घर और परिवार जैसी कई जानकारियां लिखी होती हैं. सामने वाले परिवार को जानकारी पसंद आई तो बात आगे बढ़ती है, वरना अगला रिश्ता देखा जाता है. यानी यहां शादी की शुरुआत कई बार प्यार या मुलाकात से नहीं, बल्कि एक कागज पर लिखी प्रोफाइल से होती है. चीन का यह अनोखा ‘मैरिज मार्केट’ अब लोगों का ध्यान खींच रहा है.
चर्चा में मैचमेकिंग मार्केट
चीन के कई शहरों में पार्क और सार्वजनिक जगहें ऐसे अनोखे ‘मैचमेकिंग मार्केट’ के लिए चर्चा में रहे हैं. खासकर में वीकेंड यहां पेरेंट्स अपने बच्चों के लिए योग्य पार्टनर तलाशते दिखाई देते हैं. किसी के हाथ में बेटे का रिज्यूमे होता है तो किसी के पास बेटी की प्रोफाइल. दिलचस्प बात यह है कि कई बार इन जगहों पर लड़का या लड़की खुद मौजूद नहीं होते, बल्कि उनके माता-पिता ही रिश्ते की तलाश में निकलते हैं.
इन ‘रिज्यूमे’ में सिर्फ यह नहीं लिखा होता कि लड़का या लड़की कितना पढ़ा-लिखा है. कई परिवार नौकरी और सालाना कमाई को भी काफी महत्व देते हैं. इसके अलावा उम्र, कद, शहर, वैवाहिक स्थिति और खुद का घर है या नहीं, जैसी बातें भी लिखी हो सकती हैं. यानी यहां रिश्ता तलाशने की प्रक्रिया कुछ हद तक नौकरी के लिए उम्मीदवार देखने जैसी नजर आती है. माता-पिता दूसरे परिवार से बातचीत करते हैं और अगर शुरुआती जानकारी पसंद आती है, तो आगे संपर्क बढ़ाया जाता है.
इसका एक बड़ा कारण चीन में शादी को लेकर परिवारों की पारंपरिक सोच भी है. कई माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चों का जीवनसाथी सिर्फ पसंद के आधार पर नहीं, बल्कि शिक्षा, नौकरी, आर्थिक स्थिति और फैमिली बैकग्राउंड को देखकर चुना जाए.
पार्क में रिश्ते तलाशते माता-पिता
चीन के कुछ शहरों में सार्वजनिक पार्क लंबे समय से ऐसे अनौपचारिक रिश्ता बाजारों के लिए जाने जाते हैं. यहां माता-पिता अपने बच्चों की जानकारी लेकर पहुंचते हैं और दूसरे माता-पिता से बातचीत करते हैं. किसी को सरकारी नौकरी वाला पार्टनर चाहिए, किसी को अच्छी कमाई करने वाला. कुछ परिवार अपना घर रखने वाले लड़के को प्राथमिकता देते हैं, जबकि कुछ परिवार शिक्षा और शहर को ज्यादा महत्व देते हैं.
हालांकि, यह तस्वीर चीन के हर परिवार या हर शहर की कहानी नहीं है. युवा पीढ़ी में खुद अपना पार्टनर चुनने की इच्छा भी मजबूत है. इसलिए माता-पिता की पसंद और युवाओं की पसंद के बीच कई बार अंतर दिखाई देता है.
तलाकशुदा लोगों के लिए भी अलग सेक्शन
इन मार्केट में सिर्फ पहली शादी के लिए रिश्ते नहीं तलाशे जाते. तलाकशुदा या पहले से शादी कर चुके लोगों के लिए भी अलग तरह की जानकारी देखने को मिल सकती है. कुछ जगहों पर ऐसी प्रोफाइल अलग रखी जाती हैं, ताकि परिवार अपनी पसंद के अनुसार संपर्क कर सकें. यह दिखाता है कि चीन में शादी का बाजार सिर्फ कुंवारे लड़के-लड़कियों तक सीमित नहीं है. उम्र बढ़ने के साथ दोबारा शादी की तलाश करने वाले लोग भी इसका हिस्सा बनते हैं.
30 की उम्र के बाद बढ़ जाता है दबाव
इस पूरी कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा महिलाओं से जुड़ा है. चीन में लंबे समय से ऐसी सामाजिक सोच रही है कि महिलाओं को एक निश्चित उम्र तक शादी कर लेनी चाहिए. 30 साल की उम्र के बाद अविवाहित महिलाओं को लेकर समाज और परिवार की तरफ से दबाव बढ़ सकता है.
ऐसी महिलाओं के लिए चीन में शेंग नू (leftover women) जैसा शब्द भी इस्तेमाल किया गया है. हालांकि, यह शब्द काफी विवादित है क्योंकि यह महिलाओं को उनकी वैवाहिक स्थिति के आधार पर आंकता है. आज चीन की बड़ी संख्या में महिलाएं उच्च शिक्षा हासिल कर रही हैं, अच्छी नौकरियां कर रही हैं और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन रही हैं. ऐसे में कई महिलाएं शादी के लिए जल्दबाजी करने के बजाय अपनी पसंद और करियर को प्राथमिकता देती हैं.
aajtak.in