सुबह के नाश्ते में गरमा गरम पराठे हों या छोले-भटूरे की प्लेट, साथ में मिलने वाला थोड़ा सा अचार खाने का स्वाद बढ़ा देता है. कई बार दुकानों और ढाबों में अचार इतनी आसानी से और कम मात्रा में दिया जाता है कि हमें लगता है कि इसकी कीमत भी बहुत ज्यादा नहीं होगी. लेकिन अगर आप इसके थोक रेट को देखें तो तस्वीर कुछ अलग नजर आती है. बाजार में अचार छोटे पैकेट और कांच की बोतल से लेकर कई किलो के बड़े डिब्बों में भी बिकता है. खासतौर पर होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, कैंटीन और नाश्ते की दुकानों में बड़े पैक वाला अचार ज्यादा काम आता है. इसकी वजह साफ है. यहां रोजाना बड़ी मात्रा में अचार इस्तेमाल होता है और छोटे पैकेट खरीदने के मुकाबले बड़ा पैक सस्ता पड़ सकता है.
5 किलो अचार की कीमत कितनी?
मौजूदा ऑनलाइन थोक लिस्टिंग देखें तो 5 किलो वाले अचार के कई ऑप्शन करीब ₹250 से ₹310 के आसपास दिखाई देते हैं. उदाहरण के लिए, हाइपर प्योर पर गोल्डन क्राउन का 5 किलो मिक्स अचार करीब ₹252 में लिस्ट है. वहीं, स्वास्तिक का 5 किलो आम का अचार करीब ₹288 और नींबू का अचार करीब ₹310 में मिल रहा है.
इस हिसाब से कीमत लगभग ₹50 से ₹62 प्रति किलो के बीच बैठती है. यानी ₹100 में करीब 1.5 से 2 किलो तक अचार पड़ सकता है, हालांकि वास्तविक कीमत खरीद की मात्रा और सप्लायर के हिसाब से बदल सकती है. एक और ऑनलाइन लिस्टिंग में निलॉन्स का 5 किलो मिक्स अचार ₹195-300 में दिख रहा है. इसका मतलब करीब ₹53 प्रति किलो की कीमत हुई.
फिर दुकानों में इतना सस्ता कैसे मिलता है?
अब सवाल आता है कि जब घर के लिए खरीदा गया अचार महंगा पड़ सकता है, तो ढाबे और रेस्टोरेंट इतने बड़े पैमाने पर अचार कैसे इस्तेमाल करते हैं? इसका सबसे बड़ा कारण है थोक खरीदारी. दुकानदार एक-दो किलो की जगह 5 किलो या उससे ज्यादा मात्रा में अचार खरीदते हैं. बड़ी मात्रा में खरीदने पर प्रति किलो कीमत कम हो जाती है.
इसके अलावा होटल और ढाबों में हर ग्राहक को अचार की पूरी कटोरी नहीं दी जाती. आमतौर पर एक प्लेट पर थोड़ी मात्रा में अचार रखा जाता है. इसलिए एक बड़े डिब्बे से काफी प्लेटों में अचार परोसा जा सकता है. मान लीजिए किसी दुकानदार ने 5 किलो अचार करीब ₹250 में खरीदा. अगर एक ग्राहक की प्लेट में सिर्फ 10-15 ग्राम अचार दिया जाता है, तो इस डिब्बे से सैकड़ों छोटी सर्विंग निकाली जा सकती हैं. हालांकि इसमें बर्बादी, इस्तेमाल की मात्रा और दूसरे खर्च भी शामिल होते हैं.
हर अचार ₹50 किलो नहीं होता
यहां एक बात समझना जरूरी है. बाजार में मिलने वाला हर अचार इतना सस्ता नहीं होता. अचार की कीमत उसके इस्तेमाल किए गए सामान, तेल, मसालों, फल-सब्जियों, ब्रांड और पैकिंग पर निर्भर करती है. साधारण थोक अचार अपेक्षाकृत सस्ता हो सकता है, जबकि घर पर बना या प्रीमियम अचार काफी महंगा हो सकता है. उदाहरण के लिए, कुछ प्रीमियम अचार ब्रांड 500 ग्राम के पैक के लिए कई सौ रुपये तक लेते हैं. इसलिए सिर्फ किसी एक सस्ते थोक रेट को देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि हर जगह अचार इसी कीमत पर मिलता है.
घर के मुकाबले होटल वाला अचार अलग क्यों लगता है?
आपने भी कभी न कभी नोटिस किया होगा कि ढाबे या छोले-भटूरे की दुकान पर मिलने वाला अचार घर के अचार से अलग स्वाद का होता है. इसकी वजह रेसिपी, मसालों का मिश्रण, तेल की मात्रा और अचार की किस्म हो सकती है. कुछ जगह आम का अचार दिया जाता है, तो कहीं मिक्स अचार, नींबू या मिर्च का अचार मिलता है. बड़े पैक में मिलने वाले अचार को खासतौर पर बिजनेस में इस्तेमाल के लिए तैयार किया जाता है.
इसलिए अगली बार जब आपको पराठे या भटूरे के साथ छोटी सी कटोरी में अचार मिले, तो याद रखिए कि उसकी कीमत सिर्फ उस छोटी सी मात्रा से तय नहीं होती. दुकानदार बड़े पैक में अचार खरीदकर प्रति प्लेट बहुत कम मात्रा में इस्तेमाल करता है. इसी वजह से थोड़े से अचार को लंबे समय तक चलाना संभव हो जाता है. यानी ₹100 में कई किलो अचार मिलने की बात कुछ थोक उत्पादों के मामले में संभव है, लेकिन यह कीमत हर ब्रांड या हर किस्म के अचार पर लागू नहीं होती. मौजूदा लिस्टिंग में 5 किलो अचार करीब ₹250-₹310 के आसपास दिख रहा है.
aajtak.in