यूपी पंचायत चुनाव: कई सीटों पर निर्विरोध जीते प्रत्याशी, दबंगों के सामने चुनौती नहीं

जौनपुर की सिकरारा सीट से धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला सिंह जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं. उन्नाव की फतेहपुर चौरासी सीट से जेल में बंद पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर मैदान में हैं. सोनभद्र जिला पंचायत सदस्य के लिए बाहुबली विनीत सिंह की पत्नी प्रमिला सिंह मैदान में हैं. इटावा के बदनपुरा में ग्राम प्रधानी के लिए 5 लाख के इनामी डकैत सलीम पहलवान की पत्नी और पूर्व दस्यु सुंदरी सुरेखा दिवाकर चुनाव लड़ रही हैं.

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प्रतीकात्मक चित्र प्रतीकात्मक चित्र

aajtak.in

  • लखनऊ ,
  • 10 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 8:31 AM IST
  • यूपी पंचायत चुनाव में कई जगह निर्विरोध जीते दबंग
  • बाहुबलियों के कारण कई जगह सामने नहीं आए कैंडिडेट

यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की बिसात बिछ चुकी है, इस बार भी जिला पंचायत सदस्य या फिर क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनावों में दबंग और बाहुबलियों का ही पलड़ा भारी पड़ता दिख रहा है. जौनपुर की सिकरारा सीट से धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला सिंह जिला पंचायत सदस्य लड़ रही हैं. उन्नाव की फतेहपुर चौरासी सीट से जेल में बंद पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर मैदान में हैं. सोनभद्र जिला पंचायत सदस्य के लिए बाहुबली विनीत सिंह की पत्नी प्रमिला सिंह मैदान में हैं. इटावा के बदनपुरा में ग्राम प्रधानी के लिए 5 लाख के इनामी डकैत सलीम पहलवान की पत्नी और पूर्व दस्यु सुंदरी सुरेखा दिवाकर चुनाव लड़ रही हैं.

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पूर्वांचल में आजमगढ़ की अजमत नगर ब्लॉक पर जेल में बंद गैंगस्टर कुंटू सिंह की पत्नी बंदना सिंह और जहानागंज सीट पर उसका खास आदमी संजय यादव मैदान में हैं. कांग्रेस के गढ़ रायबरेली में विधायक आदिति सिंह की मां वैशाली सिंह और बहन देवांशी अमावा ब्लॉक से निर्विरोध बीडीसी चुन ली गई हैं.

रायबरेली की हरचंदपुर सीट से बीजेपी नेता दिनेश सिंह का बेटा पीयूष सिंह निर्विरोध चुना गया है. हरदोई में नरेश अग्रवाल के भाई मुकेश अग्रवाल सुरसा सीट से जिला पंचायत सदस्य निर्विरोध चुन लिए गए हैं. वहीं गोरखपुर में पिपरौली ब्लॉक से जिला बदर गैंगस्टर सुधीर सिंह और उनकी पत्नी अंजू सिंह निर्विरोध बीडीसी सदस्य चुनी गई हैं. हालांकि जिला प्रशासन ने दोनों का पर्चा खारिज कर दिया है. बताया जा रहा है कि सुशील सिंह के खौफ में किसी ने पर्चा ही दाखिल नहीं किया. जिसके बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उनका पर्चा खारिज कर दिया है. अब एडीजी जोन गोरखपुर ने इस बाबत सभी पुलिस अफसरों को बेखौफ चुनाव संपन्न कराने और गैंगस्टर माफियाओं पर कार्रवाई करने का आदेश जारी कर दिया.

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एडीजी जोन गोरखपुर की तरफ से जारी किए गए निर्देश में साफ कहा गया कि 7 दिन के अंदर उन सभी नामांकन करने वाले सदस्यों के प्रस्तावको के बारे में जानकारी जुटाकर रिपोर्ट दी जाए, जहां पर किसी अन्य ने या तो पर्चा दाखिल नहीं किया या फिर दाखिल करने वाले ने पर्चा वापस ले लिया. ऐसे सभी वार्ड व जिला पंचायत सदस्य वाली सीटों पर सघन समीक्षा कर लोगों को डराने, धमकाने, प्रलोभन देकर चुनाव जीतने वालों का चिन्हीकरण कर लिया जाए.

उत्तर प्रदेश की सियासत में गुंडे माफियाओं, दबंगो का हमेशा ही दखल रहा है. राजनीति के अपराधीकरण की जब जब बात आती है तो उत्तर प्रदेश का नाम सबसे पहले लिया जाता है. अब जब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बिगुल फुंक चुका है जिसे विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है. ऐसे में राजनीतिक दलों से लेकर क्षेत्रीय दबंगों तक ने इन पंचायत चुनावों के सहारे बड़ी कुर्सी तक पहुंचने और कब्जाने की तैयारी कर ली है. हालांकि गोरखपुर जोन की तरह पूरे प्रदेश के सभी जिलों में बिना किसी भय लालच के चुनाव कराने के निर्देश दिए गए हैं. एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुुुमार ने साफ कहा है कि ऐसे गुंडेे माफियाओं पर नजर रखी जा रही है, जो जेल में रहकर या बाहर रहकर लोगों को डराने धमकाने का काम कर सकते हैं. सभी जिलों को ऐसे अपराधिक तत्वों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. (इनपुट- संतोष कुमार)

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