यूपी: Omicron से निपटने की तैयारी, कंट्रोल रूम में सतर्कता बढ़ी, विदेश से आने वाले यात्रियों की सख्त जांच

यूपी में ओमिक्रॉन का एक भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन कोरोना के नए मामले आ रहे हैं. लखनऊ स्थित प्रदेश कंट्रोल रूम में 'एयर सुविधा' पोर्टल की शुरुआत की गई है, जिसके जरिए विदेश से आने वाले यात्रियों की ट्रैकिंग की जा रही है.

Advertisement
लखनऊ स्थित प्रदेश कंट्रोल रूम में 'एयर सुविधा' पोर्टल की शुरुआत की गई है. लखनऊ स्थित प्रदेश कंट्रोल रूम में 'एयर सुविधा' पोर्टल की शुरुआत की गई है.

शिल्पी सेन

  • लखनऊ,
  • 11 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 2:16 PM IST
  • जिलों में मेडिकल स्टाफ की हो रही ट्रेनिंग
  • ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समितियों की मदद

देश में कोरोना के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के 33 मामले पाए जाने के बाद केंद्र और राज्य सरकारों ने तैयारी शुरू कर दीं हैं. उत्तर प्रदेश में सतर्कता बरतते हुए योगी सरकार ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है. ओमिक्रॉन के हालात पर मॉनिटरिंग के लिए कोविड कंट्रोल रूम में भी तैयारी तेज कर दी गई हैं.

अंतराष्ट्रीय यात्रियों की हो रही जांच
यूपी में ओमिक्रॉन का एक भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन कोरोना के नए मामले आ रहे हैं. लखनऊ स्थित प्रदेश कंट्रोल रूम में 'एयर सुविधा' पोर्टल की शुरुआत की गई है, जिसके जरिए विदेश से आने वाले यात्रियों की ट्रैकिंग की जा रही है. AT risk countries से आने वाले सभी यात्रियों की जांच की जा रही है. उनका पूरा आंकड़ा जुटाने के साथ ही सभी जिलों पर भी नजर रखी जा रही है. जांच के बाद इनको 7 दिन तक क्वारंटाइन रहना जरूरी है. जिस जिले में विदेश से कोई आया है, यात्री के आने के 7 दिन बाद वहां के CMO की टीम क्वारंटाइन में रह रहे यात्री का फॉलोअप करेगी. अगर रिपोर्ट निगेटिव आती है तो भी सावाधानियां बरतने की सलाह दी जाएगी. 

Advertisement

यूपी के स्टेट सर्विलांस अफसर डॉक्टर विकासेंदु अग्रवाल से तैयारियों के बारे में बात की गई. उन्होंने बताया कि हम लोग बाहर से आने वाले यात्रियों को ट्रैक कर रहे हैं. साथ ही जिलों में मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं. अप्रैल 2020 में कोरोना की पहली लहर के दौरान कोविड पोर्टल की शुरुआत हुई थी. मौजूदा समय में इसमें 9 करोड़ लोगों का आंकड़ा है. कोविड पोर्टल टेक्निकल सपोर्ट यूनिट, उत्तर प्रदेश के सहयोग से काम करता है. 

जिलों में मेडिकल स्टाफ को ट्रेनिंग
स्वास्थ्य विभाग जिलों में मेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग करवा रहा है. स्टाफ को Pediatric Care, Intensive Care, oxygen care, infection prevention protocall, surveillance की ट्रेनिंग दी जा रही है. कोरोना से संबंधित और आने वाले यात्रियों के आंकड़े कोविड कंट्रोल रूम में रखे जा रहे हैं ताकि किसी भी स्थिति में शासन को एक ही जगह से डाटा मिल सके. सभी जिलों में पहले से कोविड कंट्रोल रूम बने हैं जिन्हें पूरी तरह से एक्टिवेट किया गया है. जिलों के लिए सर्विलांस टीम और RRT(Rapid Response team) को भी तैनात किया गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में भी निगरानी समितियों की मदद ली जा रही है.

Advertisement

ऑक्सीजन मैनेजमेंट पर भी नजर 
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अचानक केस बढ़ने पर ऑक्सीजन की कमी की बात सामने आई थी. इसके बाद कई जगह ऑक्सीजन प्लांट्स लगाए गए थे. फिलहाल, यूपी में 525 ऑक्सीजन प्लांट्स फंक्शनल हैं.  

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement